पटना, 31 जनवरी। भवन निर्माण विभाग की तरफ से बनाए जा रहे बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। पटना के मीठापुर इलाके में बन रही यह यूनिवर्सिटी अप्रैल माह तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगी। वर्तमान में भवन का फिनिशिंग कार्य जारी है, जिसे तय समयसीमा के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। लगभग 5 एकड़ भूखंड पर निर्माणाधीन इसके निर्माण के लिए 66.92 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
यूनिवर्सिटी के मुख्य भवन को आधुनिक सुविधाओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बहुमंजिला स्वरूप में विकसित किया गया है। भवन के ग्राउंड फ्लोर पर डीन का कार्यालय बनाया गया है। इसके साथ ही रजिस्ट्रार कार्यालय, स्टोर रूम, कैफेटेरिया, फाइनेंस ऑफिस, डबल हाइट एंट्री एरिया तथा प्रसाधन की व्यवस्था की गई है, जिससे छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सुगम सुविधाएं मिलेंगी।
भवन के प्रथम तल पर मीटिंग हॉल, कुलपति (वीसी) का कार्यालय तथा इवैल्यूएशन सेंटर स्थापित किया गया है। वहीं द्वितीय तल पर सात कार्यालय कक्ष, एक इवैल्यूएशन सेंटर, छह स्टोर रूम और चार स्कैनिंग रूम बनाए गए हैं। तृतीय तल पर पांच रिकॉर्ड रूम के साथ स्टोर और स्कैनिंग रूम की व्यवस्था की गई है।
चतुर्थ तल पर एक और इवैल्यूएशन सेंटर, दो बड़े हॉल, गेस्ट हाउस, केयरटेकर के ठहरने के लिए आवास की भी व्यवस्था की गई है। सचिव ने बताया कि बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय आधुनिक तकनीकों से युक्त होगा। समयबद्धता और उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किया जा रहा है।
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसका फिनिशिंग कार्य जारी है और जल्द ही कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इससे बिहार में तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को एक सशक्त मंच मिलेगा, जिससे इंजीनियरिंग संस्थानों के संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता में और अधिक पारदर्शिता एवं मजबूती आएगी।





