Ayodhya Ram Navami 2025: प्रयागराज में महाकुंभ के समापन के बाद अब श्रद्धालुओं का रुख अयोध्या की ओर है। रामनवमी के पावन अवसर पर राम लला के दर्शन की इच्छा लेकर लाखों लोग रामनगरी पहुंच रहे हैं। 30 मार्च से शुरू होने वाला रामनवमी मेला 6 अप्रैल को मुख्य आयोजन के साथ खत्म होगा। इस दौरान 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के अयोध्या आने की संभावना जताई जा रही है। राम मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन इस भीड़ को संभालने के लिए तैयारियों में जुटा है, लेकिन ठहरने की जगह की कमी श्रद्धालुओं के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।
होटल और धर्मशालाएं 90% बुक
रामनवमी मेला शुरू होने से पहले ही अयोध्या सज-धज कर तैयार हो रही है। लेकिन, होटल और धर्मशालाओं में 90% बुकिंग हो चुकी है। बाकी 10% जगह को बाद में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रोका गया है। अब लोग होम स्टे, मंदिरों और आश्रमों में ठहरने की जगह तलाश रहे हैं। फिर भी, रहने की व्यवस्था मिलना मुश्किल हो रहा है। एक होटल मालिक अनूप गुप्ता ने बताया, “बच्चों की परीक्षाएं खत्म होने और नए सत्र शुरू होने से पहले का समय होने के कारण परिवारों की भीड़ बढ़ रही है। दक्षिण भारत से भी बड़ी संख्या में लोग फोन कर रूम की उपलब्धता पूछ रहे हैं।”
रोजाना 3 लाख लोग कर रहे दर्शन
बीजेपी के सिटी प्रेसिडेंट कमलेश श्रीवास्तव के अनुसार, रोजाना 70,000 से 80,000 श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। राम मंदिर में हर दिन 2.5 से 3 लाख लोग राम लला के दर्शन कर रहे हैं। रामनवमी के 9 दिनों में यह संख्या 50 लाख को पार कर सकती है। गुप्ता ने कहा, “लोग परिवार के साथ आ रहे हैं। फोन पर बुकिंग के लिए लगातार पूछताछ हो रही है।” इस भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के इंतजाम तेज कर दिए हैं।
सूर्य तिलक का खास इंतजार
रामनवमी के 9 दिनों तक चलने वाले मेले में रामकथा, रामनाम संकीर्तन, नव प्रयाण और हवन जैसे धार्मिक आयोजन होंगे। अयोध्या के मंदिरों में इनके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। लेकिन, श्रद्धालुओं की नजरें इस बार सूर्य तिलक की स्थायी व्यवस्था पर टिकी हैं। 6 अप्रैल को रामनवमी के दिन ठीक 12 बजे सूर्य की किरणें राम लला के माथे पर तिलक करेंगी। इसके लिए रूड़की के सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CBRI) के वैज्ञानिकों ने एक खास ऑप्टो-मैकेनिकल सिस्टम तैयार किया है। यह सिस्टम लेंस और दर्पणों के जरिए सूर्य की रोशनी को राम लला के ललाट तक पहुंचाएगा। वैज्ञानिकों की टीम इसे लागू करने के लिए अयोध्या में मौजूद है।
श्रद्धालुओं के लिए सुझाव
अगर आप रामनवमी पर अयोध्या जाना चाहते हैं, तो पहले से बुकिंग कर लें। होटल और धर्मशालाओं में जगह सीमित है, इसलिए होम स्टे या आश्रमों पर भी विचार करें। गर्मी से बचने के लिए पानी और सत्तू साथ रखें। भीड़ को देखते हुए धैर्य रखें और मंदिर प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।