• About us
  • Contact us
Friday, April 10, 2026
29 °c
New Delhi
30 ° Sat
31 ° Sun
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

देश में शिक्षा के पतन की पोल खोल रही बापूराव की पुस्तक !

News Desk by News Desk
November 22, 2025
in देश
देश में शिक्षा के पतन की पोल खोल रही बापूराव की पुस्तक !
Share on FacebookShare on Twitter

हरेन्द्र प्रताप की विशेष रिपोर्ट

नई दिल्ली, 22 नवंबर। समाचार पत्र, पत्रिका, डिजिटल मीडिया इत्यादि से पत्रकारिता की जाती है लेकिन पुस्तक से पुस्तकारिता का नया क्षेत्र खुलता है जिसमें तथ्य, तर्क एवं सत्य अनंत काल के लिए सुरक्षित हो जाते हैं। डॉ. बापूराव देसाई की पुरानी पुस्तक ” विश्वभाषा हिंदी अनुसंधानात्मक निबंध “
इसी कड़ी में एक नया खोजपूर्ण उदाहरण है !

पुस्तक के अध्याय 18 में ” पीएच. डी. प्रबंध क्या अबंध ” शीर्षक के अंतर्गत डॉ. देसाई लिखते हैं – कुलपति के साथ – साथ, ये दोनों विशेषज्ञों के साथ जब हमने इसका साक्षात्कार ( इंटरव्यू ) लेना आरंभ किया; तब उसने हिन्दी साहित्य के इतने नदारद तारे तोड़ कर हमारे सामने अशुद्ध हिन्दी का प्रदर्शन कर दिखाया; तब कुलपति के साथ – साथ दोनों हिन्दी विशेषज्ञ ने कहा कि – ” डॉ. देसाई जी, पहले हमें यह बतलाइए कि आपने इसे कैसे लिया ?”
” सर, वह विकलांग का पद था।”
” जी, लेकिन वह विकलांग तो नहीं दिखता, दूसरी बात, वह कितनी तेज मोटरसायकिल चलाता है, खैर, पर इसका यह मतलब नहीं कि स्वयं विकलांग न होते हुए भी विकलांग प्रदर्शित किया और साथ में विभाग में वह हिन्दी को भी बोलने में, पढ़ाने में, सोच में, लिखने में विकलांगता तो न करे।”

दिलचस्प पुस्तकारिता का प्रदर्शन कर रही है यह पुस्तक ! सवाल है कि हिन्दी के उन विद्वानों ने यह किसके लिए कहा है ? इसका उत्तर यह पत्रकार अपनी अगली किसी विशेष रिपोर्ट में आपको बताने की कोशिश करेगा। लेकिन मुख्य सवाल कहीं अधिक महत्वपूर्ण एवं भयावह है !

इस पुस्तक को पढ़ने के बाद अनेक बुद्धिजीवी पूछ रहे हैं – क्या हिन्दी को और हिन्दी की दुनिया को विकलांग बनाने की कोशिश की जा रही है ? भारत में वर्तमान शैक्षणिक व्यवस्था भारतीय शिक्षा को विकलांगता की दहलीज पर खड़ी कर रही है ? यदि नहीं तो फिर पुस्तक लेखक को शिक्षा जगत में इस तरह के उदाहरण क्यों मिल रहे हैं ? और, यदि हां तो अभी तक ” शिक्षा जगत के इन नमूनों ” के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई ? कहीं पूरी शैक्षणिक व्यवस्था ही विकलांग तो नहीं बन गई है या उसे चमत्कारिक ढंग से दिव्यांग बनाने की कोशिश तो नहीं जारी है ?

देश के अनेक प्रोफेसरों का मत है कि शिक्षा विभाग को इस पुस्तकारिता का संज्ञान लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि शिक्षा की सरकारी व्यवस्था में लोगों का भरोसा फिर से कायम हो सके।

Tags: academic corruptionacademic malpracticeBapurao Desai bookeducation system collapseHindi researchIndian education crisisinvestigative reportPhD thesis controversy
Previous Post

India A vs Bangladesh A: सुपर ओवर में भारत ए की हार, वैभव सूर्यवंशी को नहीं भेजने पर फैंस नाराज़

Next Post

इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन और गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने बाल संरक्षण पर विशेष कोर्स के लिए मिलाया हाथ

Related Posts

जब निगरानी तंत्र ही आँखें फेर ले: वाप्कोस लिमिटेड में भ्रष्टाचार की शिकायतें कैसे व्यवस्था के भीतर ही निष्प्रभावी कर दी गईं
देश

जब निगरानी तंत्र ही आँखें फेर ले: वाप्कोस लिमिटेड में भ्रष्टाचार की शिकायतें कैसे व्यवस्था के भीतर ही निष्प्रभावी कर दी गईं

January 10, 2026
Next Post
देश में शिक्षा के पतन की पोल खोल रही बापूराव की पुस्तक !

इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन और गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने बाल संरक्षण पर विशेष कोर्स के लिए मिलाया हाथ

New Delhi, India
Friday, April 10, 2026
Clear
29 ° c
25%
20.2mh
36 c 24 c
Sat
37 c 27 c
Sun

ताजा खबर

देश के नेतृत्व से वैश्विक उत्कृष्टता तक: पंजाब सरकार ने उपस्थिति संबंधी सुधारों के साथ मिशन समर्थ 2026-27 की शुरुआत की

देश के नेतृत्व से वैश्विक उत्कृष्टता तक: पंजाब सरकार ने उपस्थिति संबंधी सुधारों के साथ मिशन समर्थ 2026-27 की शुरुआत की

April 9, 2026
श्री अकाल तख्त साहिब पर सवाल उठाना पंथ पर सीधा हमला है, सुखबीर बादल को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए: हरजोत सिंह बैंस

श्री अकाल तख्त साहिब पर सवाल उठाना पंथ पर सीधा हमला है, सुखबीर बादल को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए: हरजोत सिंह बैंस

April 9, 2026
वाराणसी में ‘सहकार से समृद्धि’ सम्मेलन: 2 लाख PACS और दुनिया के सबसे बड़े अनाज भंडारण पर केंद्र का बड़ा फोकस

वाराणसी में ‘सहकार से समृद्धि’ सम्मेलन: 2 लाख PACS और दुनिया के सबसे बड़े अनाज भंडारण पर केंद्र का बड़ा फोकस

April 9, 2026
रामनगर में नया POPSK: 13 अप्रैल से शुरू होगा केंद्र, पुलिस रिपोर्ट के 5 दिन बाद घर आएगा पासपोर्ट

रामनगर में नया POPSK: 13 अप्रैल से शुरू होगा केंद्र, पुलिस रिपोर्ट के 5 दिन बाद घर आएगा पासपोर्ट

April 9, 2026
भगवंत मान सरकार द्वारा मोहाली में अत्याधुनिक बहु-उद्देशीय प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर किया जाएगा विकसित: संजीव अरोड़ा

भगवंत मान सरकार द्वारा मोहाली में अत्याधुनिक बहु-उद्देशीय प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर किया जाएगा विकसित: संजीव अरोड़ा

April 9, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved