Bihar LPG Update: बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस के बीच आम जनता को बड़ी राहत दी है। मंत्री लेसी सिंह ने बुधवार को पटना के सूचना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि राज्य में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग के 3 से 4 दिनों के भीतर डोरस्टेप डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है, इसलिए गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है।
ब्लैक मार्केटिंग पर एक्शन और कंट्रोल रूम की व्यवस्था
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह ने बताया कि शुरुआत में गल्फ वार (Gulf War) के कारण ऑयल और गैस की हल्की कमी थी, लेकिन अब ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के साथ मिलकर सप्लाई को स्मूथ कर दिया गया है। राज्य सरकार ने ब्लैक मार्केटिंग और कमर्शियल इस्तेमाल के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए 114 FIR दर्ज की हैं और 1662 गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। आम जनता की शिकायतों के लिए पटना में एक स्टेट लेवल कंट्रोल रूम (0612-2233050) बनाया गया है, जो सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक एक्टिव रहता है।
शादियों के लिए कमर्शियल गैस और प्रवासियों को 5 किलो का सिलेंडर
विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने मैरिज सीजन (Marriage Season) को देखते हुए अहम जानकारी दी है। प्रशासन नई गाइडलाइंस ला रहा है, जिसके तहत शादियों के लिए जरूरतमंदों को समान अनुपात में कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों से बिहार लौट रहे प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर की व्यवस्था की जा रही है। इन मजदूरों को प्रॉपर कनेक्शन की जरूरत नहीं होगी, वे सिर्फ रजिस्ट्रेशन कराकर 5 किलो वाला सिलेंडर ले सकेंगे।
बिहार में तेजी से बढ़ रहे सस्ते PNG कनेक्शन
मंत्री लेसी सिंह ने राज्य के उपभोक्ताओं से PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) अपनाने की अपील की है, क्योंकि यह LPG के मुकाबले ज्यादा सस्ती और सुविधाजनक है। ‘बिहार सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी 2025’ के तहत सभी 38 जिलों में 6 कंपनियों को डिस्ट्रीब्यूशन का अधिकार दिया गया है। वर्तमान में राज्य के 99,346 घरों में PNG चालू हो चुकी है। मार्च 2026 में पीएनजी कनेक्शन देने की स्पीड बढ़कर 8000 प्रति माह हो गई है।
धान की बंपर खरीद और कंज्यूमर फोरम में मिलेगी VC की सुविधा
किसानों के हित में बिहार सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 में 36.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है, जो तय टारगेट का 99.84 प्रतिशत है। इसके तहत 5.5 लाख से अधिक किसानों को 8807 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। वहीं, रबी सीजन के लिए गेहूं खरीद भी शुरू हो चुकी है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एक और बड़ा कदम उठाते हुए बिहार स्टेट कंज्यूमर फोरम और जिला फोरम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) की फैसिलिटी सेटअप की जा रही है, जिससे लोग घर बैठे ही अपनी सुनवाई में शामिल हो सकेंगे।








