- पटना में 50 बेड की क्षमता वाली छात्रावास (आकांक्षा) का शुभारंभ
- भोजन शुल्क के रूप में मात्र 3000 रुपये प्रति महीने, रहना निशुल्क
पटना, 18 फरवरी: पटना के आई.ए.एस. कॉलोनी, (रूपसपुर) में कामकाजी महिलओं के लिए बुधवार को छात्रावास (आकांक्षा) का शुभारंभ किया गया। मुजफ्फरपुर, पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाता है। इसमें 50 महिलाओ के रहने की सुविधा है। छात्रावास में अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया समेत अन्य आवश्यक कर्मी भी मौजूद होंगे।

इस मौके पर विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम पहल है। सुरक्षित आवास मिलने से महिलाएं बिना किसी भय के नौकरी कर सकेंगी और उनकी आत्मनिर्भरता की राह और आसान होगी। साथ ही यह कदम राजधानी समेत अन्य जगहों पर महिला सुरक्षा और सामाजिक भरोसे को भी मजबूत करेगा। यह छात्रावास विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए बनाए गए हैं, जो अकेले रहकर सरकारी या अन्य तरह की नौकरी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘अपना घर’ की तर्ज पर तैयार की गई इस छात्रावासो में उन्हीं महिला को रखा जाएगा जिनकी मासिक आय अधिकतम 75 हजार रुपये प्रति है। इसकी क्षमता 50 बेड की है। छात्रावास में रहने के लिए महिलाओं को किसी तरह का कोई किराया नहीं देना होगा। उन्हें केवल भोजन का खर्च उठाना होगा, जो तीन हजार रुपए प्रति माह है। यहां बेड, लॉकर, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे सीसी टीवी की निगरानी, बिजली, शुद्ध पीने का पानी के लिए आरओ, मनोरंजन के लिए टीवी, मुफ्त में वाई-फाई आदि की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस चार मंजिले छात्रावास में प्रतेक तल पर दो किचन मौजूद है, जिसे महिलाएं जरुरत के मुताबिक उपयोग कर सकती है।

ऑनलाई आवेदन के बाद होगा चयन
इच्छुक महिलाएं महिला एवं बाल विकास निगम के अधिकारिक पोर्टल पर आवेदन कर सकती है। इसमें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवासन की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। इसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया होगी, जिसके आधार पर चयन किया जाएगा। इसके लिए पात्र महिला को जिले में कार्यरत होने से संबंधित दस्तावेज, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र पे-स्लिप, स्थानीय अभिभावक का पूर्ण विवरण, दिव्यंगता की स्तिथि में संबंधित प्रमाणपत्र आदि देना अनिवार्य होगा।







