दशहरा बकरों की भारी मांग, अररिया के पशु हाटों में कीमत 10,000 रूपए से शुरू

बिहार में चल रहे दशहरा पूजा में बली आस्था को देखते हुए श्रद्धालु बिहार के अररिया जिले कर दुर्गा पूजा और दशहरा के त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक लौट आई है। विशेष रूप से जिले के विभिन्न पशु हाटों में बकरों की खरीदारी के लिए खरीदारों का भारी हुजूम उमड़ रहा है। बाजार समिति गेट, सिमराहा, बथनाहा, फारबिसगंज और नरपतगंज जैसे प्रमुख मवेशी हाटों में शनिवार को जबरदस्त चहल-पहल देखी गई, जहां लोग अपनी आस्था और परंपराओं के अनुसार पशुओं की खरीद-बिक्री में जुटे रहे।
दरअसल, शारदीय नवरात्र के दौरान महानवमी के दिन मां दुर्गा के सामने बकरों की बलि देने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। मान्यता है कि मन्नत पूरी होने पर अष्टमी और नवमी के दिन पशु की बलि देने से देवी प्रसन्न होती हैं। इसी धार्मिक आस्था के कारण इस समय बाजार में छागर और खस्सी की मांग काफी बढ़ गई है। खरीदार पशुओं के आकार, उनकी बनावट और सेहत को परखकर जमकर मोलभाव कर रहे हैं।
हीरा और करिया प्रजाति की सबसे ज्यादा मांग, आसमान छू रहे दाम
बाजार में इस समय खस्सी की विभिन्न प्रजातियों में हीरा, करिया और गगनी सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। मांग अधिक होने की वजह से पशु विक्रेताओं को भी अच्छी कीमत मिल रही है। बाजार की ताजा स्थिति देखें तो प्रति खस्सी की कीमत 10 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक जा रही है। वहीं, जो लोग कम बजट में खरीदारी करना चाहते हैं, उनके लिए छोटे आकार के खस्सी 3 हजार से 10 हजार रुपये की रेंज में उपलब्ध हैं।
ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहर के कोने-कोने से लोग अपनी पसंद और बजट के मुताबिक पशु खरीदने पहुंच रहे हैं। सुबह से शाम तक बाजार में खरीदारी का सिलसिला जारी है। पशु विक्रेताओं को उम्मीद है कि जैसे-जैसे पूजा की तारीख करीब आएगी, कारोबार में और तेजी आएगी और उन्हें बेहतर मुनाफा होगा।