दरभंगा में दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन अलर्ट, 450 स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

बिहार के दरभंगा जिले में दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिले के करीब 450 पूजा पंडालों और स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी डर और परेशानी के माता के दर्शन कर सकें। प्रशासन की इस तैयारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने खुद सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
शनिवार को पुलिस लाइन से शुरू होकर शहर के प्रमुख इलाकों जैसे लोहिया चौक, नीम चौक, दरभंगा टावर, कादिराबाद, बाजार समिति, दिल्ली मोड़, बाघ मोड़, रेलवे स्टेशन और दोनार चौक तक एक व्यापक फ्लैग मार्च निकाला गया। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य आम जनता में विश्वास जगाना और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सप्तमी के दिन उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सभी पूजा स्थलों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।
ड्रोन से निगरानी और सोशल मीडिया पर पैनी नजर
सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT), 10 बाइक गश्ती दल और डायल 112 की टीमों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
प्रशासन ने कुछ कड़े निर्देश भी जारी किए हैं:
- आचार संहिता का पालन: शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन के कारण लागू आदर्श आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य है। पूजा पंडालों में किसी भी राजनीतिक दल के पोस्टर या बैनर लगाने की अनुमति नहीं होगी।
- सोशल मीडिया अलर्ट: एसएसपी ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर कोई भी भ्रामक सूचना या आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। साइबर सेल लगातार इंटरनेट गतिविधियों की निगरानी कर रहा है।
- विभागीय समन्वय: बिजली और आगजनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विद्युत विभाग और अग्निशमन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
एसएसपी कार्यालय में 24 घंटे चलने वाला एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना दे सकते हैं। जिला प्रशासन ने सभी शहरवासियों और पूजा समितियों से अपील की है कि वे इस उत्सव को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाएं।