बिहार से विदेश में नौकरी के नाम पर हजारों से ठगी, पटना से दो गिरफ्तार

Sonu Nigam17 October 20262 min read0 viewsबिहार
बिहार से विदेश में नौकरी के नाम पर हजारों  से ठगी, पटना से दो गिरफ्तार

सीमांचल के हजारों बेरोजगार युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलने और युवाओं को अवैध रास्तों से भेजने के आरोप में किशनगंज पुलिस ने पटना से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हाजी नाहिद गनी और मोहम्मद तवरेज के रूप में हुई है।

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने एसटीएफ की मदद से यह कार्रवाई की। एसडीपीओ-1 खुसरू सिराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि ये आरोपी 'हाजी नाहिद गनी प्राइवेट लिमिटेड' और 'तैबा इंटरनेशनल टूर ट्रेवल्स' जैसी संस्थाओं की आड़ में अपना काला कारोबार चला रहे थे। इन्होंने युवाओं को दुबई, सऊदी अरब, थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों में शानदार नौकरी का झांसा देकर उनसे भारी रकम वसूली।

बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी का संदेह

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि युवाओं को केवल ठगा ही नहीं गया, बल्कि उन्हें जबरन ऐसे कामों में लगाया गया जो उनके वादे से बिल्कुल अलग थे। विशनपुर थाने में दर्ज एक शिकायत के मुताबिक, नूरजफर नाम के एक युवक से 1 लाख 80 हजार रुपये लेकर उसे पहले थाईलैंड और फिर 'डंकी रूट' (अवैध रास्ता) के जरिए मलेशिया भेजा गया। आरोप है कि वहां उसे अन्य युवाओं के साथ एक कमरे में बंद कर रखा गया और जबरन काम कराया गया। वह युवक मलेशियाई इमिग्रेशन पुलिस की छापेमारी के दौरान जंगल में छिपकर किसी तरह बच निकला और वापस भारत लौटा।

पुलिस अब इस मामले को केवल धोखाधड़ी तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि इसमें मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के कोण से भी जांच कर रही है। तकनीकी सबूतों और खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपियों के अन्य सहयोगियों और इस अपराध से कमाई गई संपत्ति का पता लगा रही है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही अवैध संपत्ति की पहचान होगी, उसे जब्त कर लिया जाएगा। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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