खेतों का संरक्षण और किसानों की समृद्धि बिहार सरकार की प्राथमिकता: विजय कुमार सिन्हा

Sonu Nigam18 October 20262 min read0 viewsबिहार
खेतों का संरक्षण और किसानों की समृद्धि बिहार सरकार की प्राथमिकता: विजय कुमार सिन्हा

बिहार में खेती को टिकाऊ बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार अब बड़े स्तर पर खेत बचाओ अभियान को आगे बढ़ा रही है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप बिहार सरकार मिट्टी के स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खेती सिर्फ अन्न पैदा करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विजय सिन्हा ने बताया कि बिहार सरकार का लक्ष्य स्वस्थ मिट्टी और आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब तक खेतों की उर्वरता बनी रहेगी और जल संसाधनों का सही संरक्षण होगा, तभी कृषि का भविष्य सुरक्षित रह सकता है।

जन-आंदोलन बनेगा 'खेत बचाओ अभियान'

कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में इस अभियान को लेकर पहले ही महत्वपूर्ण कदम उठाए जा चुके हैं। बीते 1 जून से 30 जून के बीच चलाए गए अभियान के दौरान बिहारभर में 7,275 किसान चौपालें लगाई गईं, जिनमें करीब 6.19 लाख किसानों को जागरूक किया गया। अब इस मुहिम को और व्यापक बनाने की तैयारी है।

आगामी 26 अक्टूबर से 30 नवंबर तक फिर से 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जाएगा। इस दौरान निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:

  • संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना।
  • मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और जल संचयन के प्रति जागरूकता।
  • पोषक तत्वों के सतत प्रबंधन के लिए किसानों को प्रशिक्षित करना।
  • कृषि वैज्ञानिकों, विभागीय कर्मियों और किसानों के बीच बेहतर समन्वय बनाना।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार कृषि विज्ञान केंद्रों और विभागीय तंत्र के जरिए आधुनिक तकनीकों को किसानों तक पहुँचा रही है। उन्होंने फसल विविधीकरण, फसल अवशेष प्रबंधन और दलहनी फसलों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई ताकि प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम हो और उत्पादन में स्थिरता आए। मंत्री ने अंत में कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए खेतों और पर्यावरण का संरक्षण करना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

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