सारण: वरिष्ठ पत्रकार प्रभात किरण हिमांशु की किताब 'सुकुरती' का विमोचन, बेजुबान और इंसान के प्रेम की कहानी

बिहार के सारण जिले में साहित्य और संवेदनाओं का एक खूबसूरत संगम देखने को मिला। शारदीय नवरात्र की सप्तमी के पावन अवसर पर शहर के एक निजी विद्यालय के सभागार में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया, जहां जिले के वरिष्ठ पत्रकार प्रभात किरण हिमांशु द्वारा लिखित पुस्तक 'सुकुरती... एक अनोखा संबंध' का विमोचन किया गया।
यह पुस्तक केवल शब्दों का जाल नहीं है, बल्कि एक ऐसी भावना है जो पाठकों के दिल को छू लेगी। विमोचन के दौरान लेखक प्रभात किरण हिमांशु ने अपनी रचना के बारे में बात करते हुए कहा कि यह किताब महज पन्नों और स्याही का संग्रह नहीं है। उन्होंने बताया कि यह एक बेजुबान जीव और एक इंसान के बीच के उस निश्छल, पवित्र और अटूट रिश्ते की जीवंत दास्तान है, जिसे अक्सर शब्दों में बयां नहीं किया जा सका।
प्रेम और संवेदना की कोई भाषा नहीं होती
लेखक ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए एक बहुत गहरी बात कही। उन्होंने कहा कि प्रेम और संवेदना की कोई अपनी भाषा नहीं होती, इसे केवल दिल से महसूस किया जा सकता है। उनकी यह पुस्तक इसी अहसास को पाठकों तक पहुँचाने की एक कोशिश है।
इस साहित्यिक आयोजन में विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ कार्यकर्ता और शहर के कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने प्रभात किरण हिमांशु की इस अनूठी पहल की जमकर सराहना की और इसे समाज में संवेदनशीलता जगाने वाला कदम बताया।