प्रशांत किशोर का बड़ा वादा: सीमांचल के 10 हजार पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को प्राइवेट नौकरी

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अररिया में एक चुनावी सभा के दौरान शिक्षित बेरोजगारों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने वादा किया है कि यदि कोसी स्नातक क्षेत्र से उनके प्रत्याशी रजनीश रंजन की जीत होती है, तो वे सीमांचल के 10 हजार पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को प्राइवेट नौकरी दिलाने का काम करेंगे। अररिया के एक निजी होटल में मतदाताओं के साथ बैठक के दौरान प्रशांत किशोर ने स्थानीय लोगों से भाजपा के उम्मीदवार को हराने की अपील की।
प्रशांत किशोर ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों से इस क्षेत्र में चुनाव चोरी से जीते जा रहे हैं, लेकिन इस बार मतदाता अपने अधिकारों के लिए वोट करेंगे। उन्होंने शिक्षकों के हितों की बात करते हुए सातवें वेतनमान को लागू करवाने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीमांचल की तकदीर बाहरी लोग नहीं, बल्कि यहाँ के स्थानीय लोग ही बदल सकते हैं। उन्होंने एआइएमआइएम (AIMIM) पर निशाना साधते हुए कहा कि हैदराबाद या गुजरात से आए लोग बिहार का भविष्य नहीं तय कर सकते।
चुनाव आयोग की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल
बैठक के दौरान प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए कहा कि जब संवैधानिक संस्थाएं ईमानदारी से काम नहीं करतीं, तो जनता को सड़क पर उतरना ही पड़ता है। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में चुनाव आयोग की कार्यशैली संदिग्ध रही है, जिसमें मतदाताओं के नाम काटना, फॉर्म 6 और 7 में बदलाव और मतगणना में धांधली जैसे मुद्दे शामिल हैं।
उन्होंने एमएलसी चुनाव की तारीखों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहली बार चुनाव रविवार के बजाय शुक्रवार को कराया जा रहा है, जिसका मकसद मुस्लिम मतदाताओं को वोट देने से रोकना हो सकता है। इसके अलावा, उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने हजारों करोड़ रुपये खर्च कर वोट खरीदे, लेकिन चुनाव आयोग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।