AI वीडियो से किडनैपिंग तक का सफर, मासूम के पिता से ठगे हजारो रूपए

बिहार के समस्तीपुर से साइबर अपराध का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहां जालसाजों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेकर एक परिवार को इस कदर डराया कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने अपने बच्चे को बंधक देखा और डर के मारे पैसे दे दिए। इस हाई-टेक ठगी का शिकार सोनवर्षा चौक निवासी दीपक सह और उनका परिवार हुआ, जिनसे अपराधियों ने 22 हजार रुपये वसूल लिए।
पूरी घटना तब शुरू हुई जब दीपक सह का 12 वर्षीय बेटा गुरुवार को बाल कटवाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परेशान परिवार ने सोशल मीडिया पर बच्चे की फोटो और मोबाइल नंबर के साथ उसकी गुमशुदगी की पोस्ट डाल दी। साइबर अपराधियों ने इसी पोस्ट का फायदा उठाया और बच्चे की फोटो का इस्तेमाल कर AI से एक फर्जी वीडियो तैयार किया।
AI वीडियो और फिरौती का दबाव
अपराधियों ने परिवार को वीडियो कॉल किया, जिसमें बच्चा बंधा हुआ दिख रहा था और अपराधी उसे पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। अपने बच्चे की ऐसी हालत देखकर पिता घबरा गए और दबाव में आकर UPI के जरिए 22 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। हैरानी की बात यह है कि पैसे मिलने के बाद भी जालसाज बच्चे की रिहाई के लिए और पैसों की मांग करते रहे।
दो दिनों तक मुफस्सिल पुलिस और परिवार ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और उस वीडियो की जांच की। इस बीच, वह बच्चा अचानक समस्तीपुर के विवेक विहार इलाके में मिला। बच्चे ने पुलिस को बताया कि तिरहुत एकेडमी के पास उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी, जिसने उसे खाना खिलाया और कोई नशीली चीज दे दी। होश आने पर उसने खुद को ट्रेन में पाया, जिसके बाद वह वापस समस्तीपुर लौटा।
मुफस्सिल थाना प्रभारी अजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि ठगी की रकम मध्य प्रदेश के एक बैंक खाते में भेजी गई थी। फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से उस बैंक अकाउंट और AI वीडियो बनाने वाले मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।