पीएम मोदी और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य का हुआ विस्तार: संजय सरावगी

भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और दरभंगा विधायक संजय सरावगी ने प्रदेश की विकास यात्रा पर बोलते हुए कहा कि बिहार अब 'जंगलराज' के अंधेरे से निकलकर 'सुशासन' और अब 'समृद्धि' की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार और बिहार की एनडीए सरकार ने समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं।
रविवार को बेगूसराय के बलिया स्थित विवेक हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संजय सरावगी ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. घनश्याम राय और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी सर्वेश कुमार के समर्थन में जोरदार अपील की। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे एनडीए प्रत्याशियों को प्रथम वरीयता का मत देकर विजयी बनाएं।
बुनियादी ढांचे और शिक्षा में आया क्रांतिकारी बदलाव
संजय सरावगी ने 2005 के बाद के बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में बिहार की सड़कों का जाल बिछा और आधारभूत संरचना मजबूत हुई। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज पटना से बेगूसराय की यात्रा महज डेढ़ घंटे में पूरी हो जाती है, जो पहले नामुमकिन था।
शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन की संख्या 2005 के 4 लाख से बढ़कर अब करीब 26 लाख पहुंच गई है। प्रत्येक पंचायत में प्लस टू विद्यालय खुलने से ग्रामीण बच्चों के लिए शिक्षा के द्वार खुले हैं। साथ ही, बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय खोलने के कैबिनेट फैसले को उन्होंने स्थानीय छात्रों के लिए एक बड़ी जीत बताया।
प्रदेश अध्यक्ष ने ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण का प्रभाव बताते हुए बोधगया की एक महिला का उदाहरण दिया, जिसके दोनों बच्चे इस आरक्षण के जरिए डॉक्टर बन सके। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सरावगी ने आरोप लगाया कि विरोधी दल विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए झूठा नैरेटिव गढ़ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ की गई कथित हिंसक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं को चुनाव के अंतिम चार दिनों के लिए रणनीति देते हुए आह्वान किया कि वे हर दिन कम से कम 50 मतदाता परिवारों तक पहुंचें। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी और संजय पासवान समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।