सुपौल: DM का त्वरित एक्शन , 5 अधिकारियों का वेतन स्थगित

बिहार के सुपौल जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने गाज गिराई है। सेवा संकल्प और कायाकल्प अभियान के तहत कार्यों की धीमी रफ्तार और पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि में कमी पाए जाने के बाद, जिले के पांच नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
यह पूरी कार्रवाई जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश के बाद हुई है। दरअसल, उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार की अध्यक्षता में जब इन अभियानों की प्रगति की समीक्षा की गई, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। नगर विकास एवं आवास विभाग के नोडल पदाधिकारी ने बताया कि कायाकल्प पोर्टल पर योजनाओं की प्रविष्टि बेहद कम है, जिससे यह साफ हो गया कि संबंधित अधिकारी अपने काम में रुचि नहीं ले रहे हैं।
इन नगर निकायों में दिखी भारी लापरवाही
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कई नगर पंचायतों में योजनाओं की संख्या न के बराबर है। आंकड़ों पर नजर डालें तो नगर पंचायत पिपरा और निर्मली से मात्र दो-दो योजनाएं ही पोर्टल पर दर्ज की गई हैं। वहीं, सिमराही से तीन, नगर परिषद त्रिवेणीगंज से चार और नगर पंचायत वीरपुर से केवल आठ योजनाएं प्राप्त हुई हैं। प्रशासन का मानना है कि कार्यपालक पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण ही अभियान की निर्धारित प्रगति प्रभावित हो रही है।
जिलाधिकारी ने अब सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में जल्द से जल्द योजनाओं को चिह्नित करें और नोडल पदाधिकारी के माध्यम से पोर्टल पर उनकी एंट्री सुनिश्चित करें। साथ ही, योजनाओं को जमीन पर लागू करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रशासन ने इन अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण मांगा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जब तक स्पष्टीकरण दिया जाता है और उस पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उनका वेतन स्थगित रहेगा। जिला प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई से जिले के अन्य अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है और इसे जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।