मईया महागौरी की दर्शन में उमड़ा आस्था का सैलाब, दुर्गा सप्तशती के मंत्रों से गूंजा सुपौल देखे तस्वीर।

शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर बिहार के सुपौल जिले में श्रद्धा और भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा शहर भक्तिमय हो गया। रविवार को मां दुर्गा के आठवें स्वरूप, मां महागौरी की पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी। शंखध्वनि, घंटियों की गूंज और दुर्गा सप्तशती के मंत्रों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
जिले के निराला नगर स्थित ऐतिहासिक बड़ी दुर्गा स्थान पर भक्तों का विशेष उत्साह देखा गया। यह मंदिर नवरात्र के दौरान आस्था का सबसे प्रमुख केंद्र बना रहा, जहां सुबह से ही दर्शन और पूजन के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। इसके अलावा गांधी मैदान और रेलवे माल गोदाम परिसर में बने भव्य पंडालों में भी उत्सव की रौनक देखते ही बन रही थी। आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी ने इन पंडालों को और भी खास बना दिया, जिससे लोग खिंचे चले आए।
महाआरती और सामूहिक प्रार्थनाओं से गूंजा शहर
शाम होते ही मंदिरों और पंडालों में महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दीपों की रोशनी और सामूहिक जयकारों के बीच भक्तों ने मां के चरणों में फूल, प्रसाद और चुनरी अर्पित की। श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए मां महागौरी से प्रार्थना की।
केवल शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी पूजा पंडालों के आसपास काफी चहल-पहल रही। स्थानीय लोगों ने विधि-विधान से देवी स्तुति और सामूहिक आरती में हिस्सा लिया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी को शांति, पवित्रता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, यही कारण था कि महाअष्टमी पर भक्तों का उत्साह चरम पर था। नवरात्र के अंतिम चरण में सुपौल का कोना-कोना मां के जयकारों से गूंज उठा, जो लोगों की गहरी आस्था को प्रदर्शित कर रहा था।