Vaishali Buddha Museum: मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज वैशाली जिला के वैशालीगढ़ स्थित निर्माणाधीन बुद्ध सम्यक दर्शन-सह-स्मृति स्तूप का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पूरे परिसर के निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने बुद्ध स्तूप के भू-तल एवं प्रथम तल का निरीक्षण कर वहां चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने ध्यान केन्द्र का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने मुख्यमंत्री को बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप के निर्माण कार्य की प्रगति की अद्यतन जानकारी देते हुए बताया कि इसका निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और बचे हुए कार्य को एक माह में पूर्ण कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने योजना के मुख्य अवयवों- बुद्ध स्तूप की आकृति (पत्थर की संरचना), संग्रहालय ब्लॉक, पुस्तकालय एवं ध्यान केन्द्र, आगंतुक केंद्र, अतिथि गृह, प्रदर्श और परिदर्शक केंद्र के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों का बारिकी से अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने परिसर में बने तालाब और लगाए गए पेड़-पौधों का जायजा लिया। उन्होंने मेकिंग ऑफ बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप की गैलरी का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हम यहां हमेशा आते रहे हैं और यहां के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते रहे हैं। हमने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप के निर्माण को लेकर जो निर्देश दिये थे, उसके अनुरूप कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करें। परिसर का स्वरूप पर्यावरणीय दृष्टिकोण से बेहतर बनाएं ताकि आनेवाले पर्यटकों को इस जगह पर एक अलग अनुभूति हो। उन्होंने कहा कि आवागमन को भी बेहतर किया जा रहा है ताकि पर्यटक यहां आसानी से और कम समय में पहुंच सकें। यहां अधिक-से-अधिक संख्या में पर्यटकों के आने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैशाली ऐतिहासिक और पौराणिक जगह है। भगवान बुद्ध के जितने भी अस्थि कलश मिले हैं, उसमें वैशाली में मिला अस्थि कलश सबसे प्रमाणिक है। बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद यहां बौद्ध भिक्षुओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक भी आएंगे। यहां आनेवाले लोग बुद्ध के बारे में कई और जानकारियों से अवगत होंगे। बोधगया और राजगीर आनेवाले श्रद्धालु भी यहां आएंगे। बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय में महात्मा बुद्ध के जीवन से संबंधित घटनाओं और बौद्ध धर्म से जुड़े प्रसंगों को यहां दर्शाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले वैशालीगढ़ की क्या स्थिति थी और बाद में हमने इसको विकसित करने को लेकर जो योजना बनाई, उसके तहत जो कार्य किए गए हैं, उसकी भी विवरणी को यहां दर्शाया जा रहा है, इससे
लोग जान सकेंगे कि इस ऐतिहासिक धरोहर को विकसित करने के लिए कितने कार्य किए गए हैं।
इस अवसर पर भवन निर्माण मंत्री श्री जयंत राज, विधायक श्री सिद्धार्थ पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस0 सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव सह भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री एन० सर्वानन, तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री चंदन कुमार कुशवाहा, वैशाली के जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा, वैशाली के पुलिस अधीक्षक श्री ललित मोहन शर्मा, बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमिटी की सचिव श्रीमती महाश्वेता महारथी सहित अन्य अधिकारीगण एवं अभियंतागण उपस्थित थे।