अमित पांडे: संपादक “हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती।” यह कहावत आज के भारत में बड़ी विडंबना के साथ सच...
Read moreDetailsअमित पांडे: संपादक लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा और चार निर्दोष नागरिकों की मौत ने पूरे देश को...
Read moreDetailsअमित पांडे: संपादक भारतीय लोकतंत्र में बहस, तर्क और असहमति की हमेशा से एक जीवंत परंपरा रही है। यही लोकतंत्र...
Read moreDetailsअमित पांडे: संपादक लद्दाख की शांत वादियों में जब जलवायु परिवर्तन के खिलाफ आवाज़ उठी, तो वह केवल हिमालय की...
Read moreDetailsअमित पांडे: संपादक भारत की अर्थव्यवस्था 2025 में ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ एक ओर संरचनात्मक सुधारों के चलते...
Read moreDetailsअमित पांडे: संपादक लद्दाख की राजधानी लेह में हाल की हिंसा ने न केवल चार लोगों की जान ले ली...
Read moreDetailsसंपादक अमित पांडे लद्दाख आजादी के बाद से ही केंद्र और राज्य के बीच खिंची रस्साकशी का हिस्सा रहा है।...
Read moreDetailsसंपादक अमित पांडे जीएसटी सुधारों की नई घोषणाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए "बचत उत्सव" बताकर पेश...
Read moreDetailsसंपादक अमित पांडे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीज़ा शुल्क में भारी बढ़ोतरी करने के फैसले ने भारतीय आईटी...
Read moreDetailsअमित पांडेय उत्तराखंड में हालिया आपदाएँ—बाढ़, भूस्खलन, सुरंग दुर्घटनाएँ—प्राकृतिक नहीं, बल्कि नीतिगत लापरवाही और पर्यटन आधारित विकास मॉडल की विफलता...
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