लेखक: अमित पांडेय "अगर भगवान नाराज़ नहीं हुए तो मैं अगस्त 2027 तक सेवा करूंगा" — यह कथन उपराष्ट्रपति जगदीप...
Read moreDetailsलेखक: अमित पांडेय सुधार के नाम पर देश को फिर से लिखा जा रहा है—उसकी आत्मा को नीतियों की भाषा...
Read moreDetails2014 में जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई, तो देश के युवाओं को एक...
Read moreDetails9 जुलाई 2025 को भारत की सड़कों पर जो दृश्य उभरा, वह सिर्फ़ एक देशव्यापी हड़ताल नहीं था। यह इतिहास...
Read moreDetailsलेखक: अमित पांडेय "यदा स्वराज्यं मूल्यं व्यापारस्य भवति, तदा राष्ट्रं केवलं बाज़ारः इव दृश्यते।" (जब संप्रभुता व्यापार की कीमत बन...
Read moreDetailsलेखक: अमित पांडेय कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार पर आदिवासियों के अधिकारों और देश की पारिस्थितिक सुरक्षा के...
Read moreDetailsलेखक: अमित पांडेय क्या हर बार की तरह केवल निंदा से आतंकवाद पर लगाम लगाई जा सकती है? क्या QUAD...
Read moreDetailsअमित पांडेय कॉमेडियन वीर दास और कुणाल कामरा जैसे कलाकारों ने अपने व्यंग्य में इस विडंबना को कई बार उजागर...
Read moreDetailsलेखक: अमित पांडेय भारत का चुनाव आयोग, जिसे कभी लोकतंत्र की निष्पक्षता और पारदर्शिता की मिसाल माना जाता था, आज...
Read moreDetailsलेखक: अमित पांडे — संपादक कड़वा सत्य भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना वैश्विक मंच पर खूब होती है, लेकिन इस...
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