Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को छापा मारा। यह छापेमारी कथित शराब घोटाले में बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के संबंध को लेकर की गई। ईडी ने इस दौरान करीब 30 लाख रुपये नकद और कुछ दस्तावेज जब्त किए।
क्या है मामला?
ईडी का संदेह है कि चैतन्य बघेल ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी आय प्राप्त की है। यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ था, जब भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार थी। ईडी के अनुसार, इस घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों को 2,100 करोड़ रुपये से अधिक का फायदा हुआ।
ईडी की कार्रवाई
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दुर्ग जिले में 14 स्थानों पर छापेमारी की। इनमें भूपेश बघेल का भिलाई स्थित आवास, उनके बेटे चैतन्य बघेल और उनके करीबी सहयोगी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल के परिसर शामिल हैं। छापेमारी सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई और करीब 8 घंटे तक चली।
भूपेश बघेल का जवाब
छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने इसे भाजपा की “हताशा” बताया। उन्होंने कहा, “यह कोई बड़ी बात नहीं है। मेरा बड़ा परिवार है और हम 140 एकड़ में खेती करते हैं। हमारे पास आय के अन्य स्रोत भी हैं। हम इसका विवरण देंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उन्हें पंजाब का कांग्रेस प्रभारी बनाए जाने के बाद की गई है।
कांग्रेस का विरोध
छापेमारी के बाद भिलाई में बघेल के घर के बाहर कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता एकत्र हुए। उन्होंने ईडी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और इसे केंद्र सरकार की “साजिश” बताया। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह संसद सत्र के दौरान ध्यान भटकाने की रणनीति है।
ईडी ने इस मामले में पहले भी कई कार्रवाइयां की हैं। जनवरी में कांग्रेस नेता कवासी लखमा, रायपुर के मेयर के भाई अनवर ढेबर और कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अब तक ईडी ने इस मामले में 205 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है।
आगे क्या होगा?
ईडी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और कार्रवाई की संभावना है। भूपेश बघेल और कांग्रेस ने इसे राजनीतिक हमला बताया है, जबकि ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। अब यह देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या मोड़ आता है।