हरेन्द्र प्रताप की विशेष रिपोर्ट
नई दिल्ली, 10 मार्च। एक यात्री बस के चालक ने आज यहां दिन में करीब 11.50 बजे के करीब एक महिला यात्री पर जानबूझकर बस चढ़ाने की कोशिश की। दो महिलाएं स्टैंड पर खड़ी बस में चढ़ना चाह रही थीं लेकिन उनके बार – बार आग्रह करने पर भी बस चालक ने रुकी हुई बस का दरवाजा नहीं खोला तो उनमें से एक महिला ने दुस्साहस दिखाया और विरोध करते हुए वह बस के सामने खड़ी हो गई। बस चालक ने बस को उसकी ओर बढ़ाया तथा उस महिला यात्री पर बस चढ़ाने की कोशिश की। जान पर आफत मंडराता देख वह महिला विरोध की एक – दो कोशिश के बाद जान बचाने के लिए किनारे हट गई और चालक ने उसे डराने के बाद बस को फिर आगे बढ़ा लिया। इस तरह एक बड़ा हादसा टल गया !
संयोगवश इस पत्रकार के सामने यह अजीबोगरीब घटना घटी। अधेड़ उम्र के चालक को इस बात पर गुस्सा आ रहा था कि महिला यात्री उस एसी बस के आगे खड़ी एक नॉन एसी बस में क्यों नहीं चढ़ी और अब एसी बस में क्यों चढ़ना चाह रही है। इस बात पर कुंठित होकर उसने अपनी बस में दोनों महिलाओं को चढ़ने नहीं दिया। दोनों महिलाओं ने बस के दरवाजे को खोलने का बार – बार आग्रह किया था। लेकिन चालक ने दरवाजा खोलने की बजाय उन्हें आगे खड़ी नॉन एसी बस में चढ़ने का इशारा किया और अपनी बस के दरवाजे नहीं खोले। वह प्राइवेट नॉन एसी बस वैसे भी बस स्टैंड से आगे रेड लाइट पर खड़ी थी।
उन दो महिलाओं में से एक महिला दुस्साहस दिखाते हुए बस के सामने खड़ी हो गई ताकि बस चालक बस का दरवाजा खोलने पर मजबूर हो जाए। लेकिन महिला का अनुमान गलत निकला। बस चालक ने धीरे – धीरे बस बढ़ा दिया और ऐसा लगा कि वह उस महिला को बस से कुचल देगा। महिला बस चालक की ओर मुंह कर उलटे पांव दो- तीन कदम पीछे हटने की कोशिश की और बस चालक के दुर्व्यवहार को देखते हुए उन्होंने अपनी जान बचाने में ही भलाई समझी और अंततः बस के सामने से हट गई। बस वहां से आगे बढ़ गई।
इस अजीबोगरीब हरकत को वहां के सीसीटीवी कैमरे और बस में लगे कैमरे ने भी कैद किया। महिला बस यात्रियों के साथ इस अशोभनीय हरकत से यह बात पुनः साबित हो गई है कि महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद दिल्ली में महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश लगातार जारी है और दिल्ली परिवहन की व्यवस्था बेकाबू हो चुकी है।
यह बस दिल्ली परिवहन विभाग के अंतर्गत रूट नंबर 569 पर संचालित है। आज जब पीरागढ़ी से कुछेक स्टैंड पहले एक अन्य स्टैंड पर जब वह खड़ी थी तो यह दृश्य दिखाई दिया। बस पंजाबी बाग की ओर से सुल्तानपुरी की ओर जा रही थी।















