बम की धमकियों के बाद दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम , लगेंगे 8 वॉचटावर और हाईटेक सिस्टम
दिल्ली विधानसभा परिसर की सुरक्षा को अब अभेद्य बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। हाल के दिनों में मिली बम की धमकियों और सुरक्षा में हुई बड़ी चूक, खासकर अप्रैल महीने की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए कई बड़े बदलावों का ऐलान किया है। खास बात यह है कि खुद विधानसभा अध्यक्ष की सुरक्षा भी बढ़ाकर 'Z' कैटेगरी कर दी गई है, ताकि परिसर और वहां मौजूद लोगों के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सके।
वॉचटावर से लेकर UVSS तक, अब ऐसे होगी निगरानी
सुरक्षा के इस नए ब्लूप्रिंट में फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक टेक्नोलॉजी का मिला-जुला इस्तेमाल किया जा रहा है। परिसर के अगले और पिछले हिस्सों में रणनीतिक रूप से 8 वॉचटावर बनाए जा रहे हैं, जिनमें से एक का काम पूरा हो चुका है। साथ ही, CRPF के जवानों के लिए एक समर्पित पेट्रोलिंग ट्रैक बनाया जा रहा है, जिसका 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए CRPF की एक क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी तैनात किया जाएगा।
गाड़ियों की चेकिंग के लिए अब पुराने तरीकों के बजाय आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। गेट नंबर 2 और 5 पर अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) लगाए गए हैं, जबकि आने-जाने वाले वाहनों की सटीक निगरानी के लिए RFID तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, गेट नंबर 1 से 5 तक ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे और संवेदनशील एंट्री पॉइंट्स पर हाइड्रोलिक ब्लॉकिंग बोलार्ड्स लगाए गए हैं।
परिसर की डिजिटल निगरानी को भी मजबूत किया गया है। फिलहाल करीब 120 CCTV कैमरों का जाल बिछाया गया है और दिल्ली पुलिस लगातार ऑडिट कर रही है ताकि कोई भी 'ब्लाइंड स्पॉट' न बचे। सुरक्षा के लिहाज से अब विधानसभा सत्र के दौरान केवल गेट नंबर 1 से ही प्रवेश की अनुमति होगी, जहां फोटो पहचान वाले फ्लैप बैरियर लगाए जा रहे हैं।