दिल्ली के पब्लिक टॉयलेट्स की सफाई अब छात्र करेंगे चेक, हाई कोर्ट का बड़ा आदेश

Sonu Nigam20 October 20262 min read0 viewsदिल्ली एनसीआर
दिल्ली के पब्लिक टॉयलेट्स की सफाई अब छात्र करेंगे चेक, हाई कोर्ट का बड़ा आदेश

राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक शौचालयों की बदहाली और गंदगी को दूर करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अनोखा और सख्त कदम उठाया है। कोर्ट ने अब शहर के पब्लिक टॉयलेट्स की स्वच्छता और रखरखाव की निगरानी के लिए छात्रों की टीमें बनाने का आदेश दिया है। यह फैसला 16 अक्टूबर 2026 को एक्टिंग मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच ने सुनाया। यह पूरी कार्रवाई जन सेवा वेलफेयर सोसाइटी द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) के बाद हुई है।

कोर्ट ने साफ किया है कि स्वच्छ सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करना 'जीवन के अधिकार' का एक अनिवार्य हिस्सा है। अदालत ने पाया कि नगर निगम (MCD) द्वारा अब तक किए गए प्रयास पर्याप्त नहीं रहे हैं और जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिखा है। इसी वजह से अब निगरानी की जिम्मेदारी युवाओं के हाथ सौंपी गई है।

इन कॉलेजों के छात्र करेंगे औचक निरीक्षण

कोर्ट के निर्देशानुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क, जामिया मिलिया इस्लामिया के कॉलेज ऑफ सोशल वर्क और अदिति महाविद्यालय के छात्रों की टीमें बनाई जाएंगी। ये छात्र बिना किसी पूर्व सूचना के सार्वजनिक शौचालयों का औचक निरीक्षण करेंगे।

  • छात्रों को निरीक्षण के दौरान विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
  • रिपोर्ट के साथ सबूत के तौर पर फोटो भी लगाने होंगे।
  • यह पूरी रिपोर्ट एमसीडी के एडिशनल कमिश्नर को सौंपी जाएगी।

अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि रिपोर्ट में बार-बार कमियां पाई जाती हैं, तो संबंधित डिप्टी कमिश्नर और चीफ इंजीनियर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस पूरी व्यवस्था के कार्यान्वयन की रिपोर्ट 2 नवंबर 2026 तक जमा करनी होगी।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर में नए पब्लिक टॉयलेट ब्लॉक बनाने के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। ये नए शौचालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे, जिनमें ऊर्जा की बचत के लिए ग्रिड-कनेक्टेड सोलर सिस्टम और सुरक्षा के लिए एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

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