दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की बड़ी मुहिम, ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को सिखाए रोड सेफ्टी के गुर

राजधानी दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और हादसों को कम करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक खास पहल की है। 20 अक्टूबर 2026 को सब्जी मंडी रेलवे स्टेशन के पास स्थित ऑटो स्टैंड पर एक रोड सेफ्टी अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस अभियान के जरिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस रोड सेफ्टी ड्राइव चलाकर करीब 25 ऑटो, ई-रिक्शा और थ्री-व्हील्ड स्कूटर रिक्शा चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने चालकों को समझाया कि सड़क पर अनुशासन बनाए रखना न केवल उनके लिए, बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी कितना जरूरी है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को जिम्मेदार ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना और नियमों का सख्ती से पालन कराना था ताकि सड़कों पर होने वाली अव्यवस्था और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
ई-रिक्शा के लिए नई गाइडलाइंस: अब 2.5 लाख की होगी सीमा
यह जागरूकता अभियान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली सरकार ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए 'दिल्ली ई-रिक्शा (पंजीकरण और संचालन) योजना, 2026' का प्रस्ताव लाई है। इस ड्राफ्ट पॉलिसी पर फिलहाल 30 दिनों के लिए जनता से सुझाव मांगे गए हैं। इस नई योजना के तहत राजधानी में ई-रिक्शा की कुल संख्या को 2.5 लाख तक सीमित करने का प्रस्ताव है, ताकि ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटा जा सके।
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, ई-रिक्शा में ड्राइवर के अलावा अधिकतम चार यात्री ही बैठ सकेंगे। ड्राइवर के बगल में बैठना या यात्रा के दौरान खड़े रहना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। इसके अलावा, वाहनों की मोटर पावर अधिकतम 2,000 वाट और रफ्तार की सीमा 25 किमी प्रति घंटा तय की गई है।
नियमों को और सख्त बनाते हुए अब हर ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज होना अनिवार्य होगा। साथ ही, वाहनों पर डिजिटल ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट (ECC) लगाना होगा, जिसकी वैधता दो साल होगी और यह एक ही ड्राइवर से लिंक होगा। मौजूदा ऑपरेटरों को औपचारिक अधिसूचना के बाद इन नियमों को लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया जाएगा।