क्या आप सहमत हैं? आने वाले 2.5 साल में दिल्ली को इस शहर के तर्ज पर विकसित करने कि रुपरेखा बनाई गयी है।

राजधानी दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी अब एक नया और आधुनिक रूप लेने जा रही है। दिल्ली सरकार ने यमुना रिवरफ्रंट को अहमदाबाद के मशहूर साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जरिए नदी के किनारों को न केवल साफ किया जाएगा, बल्कि उन्हें पर्यटन और मनोरंजन के केंद्र के रूप में बदला जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि अगले ढाई साल के भीतर यमुना के स्वरूप में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिले।
इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए दिल्ली प्रशासन साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SRFDCL) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन करने की प्रक्रिया में है। साथ ही, इस मॉडल को दिल्ली की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार ढालने के लिए विशेषज्ञों और सलाहकारों की नियुक्ति भी शुरू कर दी गई है। दिल्ली के जल मंत्री परवेश वर्मा के अनुसार, इस कायाकल्प को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में पल्ला से वजीराबाद तक के हिस्से पर काम होगा, जबकि दूसरे चरण में वजीराबाद से ओखला बैराज तक के क्षेत्र को विकसित किया जाएगा।
साइकिल ट्रैक और स्पोर्ट्स ग्राउंड से लैस होगा रिवरफ्रंट
नये यमुना रिवरफ्रंट पर आधुनिक सुविधाओं का खास ख्याल रखा गया है। यहाँ लोगों के लिए वॉकिंग ट्रैक, साइकिलिंग ट्रैक, खेल के मैदान और मनोरंजन के लिए कई खुले स्थान बनाए जाएंगे। इतना ही नहीं, जनता को नदी से जोड़ने के लिए 'बर्थडे विद यमुना' जैसी अनोखी पहल भी शुरू की जा रही है, जिसके तहत नदी किनारे झोपड़ियां (huts) बनाई जाएंगी ताकि लोग अपनी खुशियों के मौके यहाँ मना सकें और नदी के संरक्षण में भागीदार बनें।
नदी की सफाई के लिए बुनियादी ढांचे पर भी भारी निवेश किया जा रहा है। 22 अक्टूबर, 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली जल बोर्ड के तहत करीब 2,827 करोड़ रुपये के 10 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे और 6,114 करोड़ रुपये के 33 नए प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखेंगे। इन कार्यों में ओखला में 124 MGD का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाना, 8 पुराने प्लांटों का अपग्रेडेशन और 1,034 किलोमीटर लंबे सीवर नेटवर्क का विस्तार शामिल है।
हाल ही में चलाए गए 'चलो यमुना' अभियान की सफलता ने भी इस प्रोजेक्ट को रफ्तार दी है, जिसमें करीब 35,000 स्वयंसेवकों ने मिलकर नदी के 70 घाटों से 76,755 किलो कचरा साफ किया था। अब सरकार को उम्मीद है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से काम करने लगेंगे और यमुना का पानी साफ होगा, जिससे रिवरफ्रंट का सपना सच हो सकेगा।