16 करोड़ का बायोगैस प्लांट शुरू, यमुना को प्रदूषण से बचाएगी दिल्ली सरकार

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को नजफगढ़ इलाके की गोयला डेयरी में एक आधुनिक बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह प्लांट प्रतिदिन 200 मीट्रिक टन पशु अपशिष्ट (गोबर) को प्रोसेस करने की क्षमता रखता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पशुओं के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना है, ताकि नालों के जरिए गोबर यमुना नदी में न पहुंचे और जल प्रदूषण में कमी आए।
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के साथ ऊर्जा मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, डिप्टी मेयर डॉ. मोनिका पंत और विधायक संदीप सहरावत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि डेयरी कॉलोनियों में बुनियादी ढांचे, जैसे कि ड्रेनेज और कचरा प्रबंधन की अनदेखी की गई थी। उन्होंने बताया कि पिछले 18 महीनों में तीन बायोगैस प्लांट शुरू किए जा चुके हैं और छह अन्य पर काम चल रहा है।
'वेस्ट टू वेल्थ': किसानों की बढ़ेगी आय और मिलेगा स्वच्छ ईंधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वेस्ट टू वेल्थ' (कचरे से कंचन) विजन पर चलते हुए यह प्लांट रोजाना लगभग 14,000 क्यूबिक मीटर कच्ची बायोगैस और 5.6 टन कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार करेगा। इस गैस को पाइपलाइन के जरिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को सप्लाई किया जाएगा, जबकि बचे हुए स्लरी का उपयोग जैविक खाद के रूप में होगा।
इस योजना से स्थानीय पशुपालकों को सीधा आर्थिक लाभ होगा, क्योंकि एजेंसी उनसे 67 पैसे प्रति किलोग्राम की दर से गोबर खरीदेगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने दिल्ली की डेयरी कॉलोनियों में ड्रेनेज और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए 50 करोड़ रुपये के विशेष फंड की घोषणा भी की है।
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पहले की सरकारों ने केवल डेरियों को शिफ्ट किया, लेकिन कचरा निपटान का वैज्ञानिक तरीका नहीं अपनाया। वहीं, मेयर प्रवेश Wahi ने इस प्लांट को यमुना की सफाई और कचरा प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर बताया।