दिल्ली : 47 फ्लैट और 13 दुकानें खाली करने का आदेश जारी

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी के काकरोला इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। निगम ने यहाँ एक इमारत के 47 रिहायशी फ्लैटों और 13 व्यावसायिक दुकानों को तुरंत खाली करने का आधिकारिक आदेश जारी किया है। 20 अक्टूबर 2026 को की गई इस कार्रवाई ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और पुलिस कमिश्नर कार्यालय के साथ तालमेल बिठाया गया है।
यह कार्रवाई एमसीडी द्वारा शहर भर में चलाए जा रहे उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अवैध निर्माणों और खतरनाक इमारतों को हटाना है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सख्त निर्देशों के बाद यह अभियान तेज किया गया है, ताकि भविष्य में इमारतों के गिरने जैसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।
अवैध निर्माण पर निगम का कड़ा प्रहार
एमसीडी की यह सख्ती केवल काकरोला तक सीमित नहीं है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 6 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 के बीच निगम ने दिल्ली के सभी 12 जोनों में जबरदस्त कार्रवाई की है। इस दौरान कुल 1,046 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया, 282 ढांचों को सील किया गया और 47 ऐसी इमारतों को गिराया गया जिन्हें बेहद खतरनाक माना गया था।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि स्पेशल प्रोविजन्स एक्ट के कारण कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जो 31 दिसंबर 2026 तक कुछ अवैध निर्माणों को सीमित सुरक्षा प्रदान करता है। इसके बावजूद, एमसीडी दिल्ली मास्टर प्लान और बिल्डिंग बाय-लॉज को सख्ती से लागू कर रही है। निगम का दावा है कि किसी भी इमारत को सील करने या गिराने से पहले गहन जांच की जाती है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है।