दिल्ली ले लिए बड़ी खुसखबरी : 7,603 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी होंगे नियमित, वेतन में होगी भारी बढ़ोतरी

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अपने हजारों कर्मचारियों के लिए खुशियों की सौगात दी है। निगम प्रशासन ने घोषणा की है कि अगले तीन महीनों के भीतर 7,603 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। सिविक सेंटर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मेयर प्रवेश वाही ने यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है और पिछले दो महीनों में ही 1,467 कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है।
इस फैसले से उन कर्मचारियों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी जो साल 2006 से 2008 के बीच नियुक्त हुए थे। नियमित होने के बाद इन कर्मचारियों की मासिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा। अभी इन्हें करीब 18,500 रुपये मिलते हैं, जो नियमित होने के बाद बढ़कर लगभग 50,000 रुपये हो जाएगी। इतना ही नहीं, इन कर्मचारियों को करीब 25 लाख रुपये के एरियर का भुगतान भी मिलने की उम्मीद है। मेयर ने यह भी साफ किया कि दिवाली तक 400 और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट कर ली जाएगी।
अनुकंपा नियुक्ति और सैलरी में इजाफा
कर्मचारियों के हित में MCD ने एक और मानवीय कदम उठाया है। अब उन कॉन्ट्रैक्ट वर्करों के आश्रितों को भी अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी, जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। इस नीति के तहत पिछले दो महीनों में 109 नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 4,400 मल्टी-टास्किंग स्टाफ की सैलरी 18,500 रुपये से बढ़ाकर 28,600 रुपये कर दी गई है। अधिकतर जोन में यह पैसा खातों में आ चुका है और बाकी का भुगतान 23 अक्टूबर तक DBT के जरिए कर दिया जाएगा।
प्रशासनिक सुधारों की कड़ी में 111 असिस्टेंट सैनिटेशन इंस्पेक्टर्स को प्रमोट कर सैनिटेशन इंस्पेक्टर बनाया गया है। स्टैंडिंग कमेटी की चेयरपर्सन सत्य शर्मा ने संकेत दिए हैं कि इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों में लंबे समय से कम वेतन पर काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए म्युनिसिपल कमिश्नर से चर्चा की जाएगी।
वहीं, आम जनता के लिए भी एक बड़ी राहत आई है। EWS आवासीय भूखंडों के लिए बिल्डिंग प्लान की मंजूरी प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। अब 32 वर्ग मीटर तक के प्लॉट को मिलाकर 64 वर्ग मीटर तक का घर बनाने के लिए नक्शे की मंजूरी जोनल स्तर पर ही मिल जाएगी। अब इन फाइलों को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजने की जरूरत नहीं होगी, जिससे लंबित फाइलों का निपटारा तेजी से होगा।