हरेन्द्र प्रताप की विशेष रिपोर्ट
चित्रकूट (सतना), 8 मार्च। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा के वैशिष्ट्य पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि भारत की सभ्यता और संस्कृति का मूल आधार ज्ञान, कौशल और जीवन मूल्यों की समृद्ध परंपरा है। उन्होंने भारतीय समाज में निहित गुण, कौशल और सेवा भावना को राष्ट्रनिर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति बताया।
श्री परमार ने चित्रकूट में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के राज्य स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर एवं सम्मेलन का शुभारंभ किया। मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार का इस अवसर पर चित्रकूट में आत्मीय स्वागत किया गया।
इससे पहले आरोग्य धाम गेस्ट हाउस में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की ओर से कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने श्री परमार का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर राज्य एनएसएस अधिकारी मनोज अग्निहोत्री, अतिरिक्त संचालक (उच्च शिक्षा) डॉ आर. पी. सिंह, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. भरत व्यास, कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय, नगर पंचायत अध्यक्ष साधना पटेल, समाजसेवी विनीता जायसवाल, आरोग्य धाम के महाप्रबंधक डॉ. अनिल जायसवाल, दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव अपराजित शुक्ला, सहायक कुलसचिव नीलकमल कुमावत, कुलगुरु के निजी सहायक संजय कुमार त्रिपाठी, डॉ. अश्विनी अवस्थी, निखिल मिश्रा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
चित्रकूट की यात्रा के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री ने क्षेत्र में शैक्षणिक विकास की स्थिति की जानकारी ली तथा शिक्षा की गुणवत्ता को कायम रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय द्वारा संचालित कौशल विकास संबंधी पाठ्यक्रम की भी जानकारी हासिल की।








