हरेन्द्र प्रताप की विशेष रिपोर्ट
नई दिल्ली, 2 फरवरी। पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा की 103 वीं जयंती पर यहां संविधान क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मांग की है कि समस्तीपुर में 1975 में भारत के तत्कालीन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा की नृशंस हत्या की एस. आई. टी. से जांच करा कर सत्य पर से पर्दा उठाया जाना चाहिए और उनके परिवार को तथा संपूर्ण बिहार को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से भी आग्रह किया कि पचास साल से अधिक समय से लंबित इस मामले में पीड़ित पक्ष को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए।
ललित नारायण मिश्रा की जयंती पर आयोजित विशेष व्याख्यानमाला को वरिष्ठ राजनेता देवेश चंद्र ठाकुर एवं नवीन सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार एस. भट्टाचार्य और जम्मू-कश्मीर के शिक्षाविद् विजय श्रीधर ने भी संबोधित किया जबकि पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार का ललित बाबू पर केंद्रित संदेश पढ़ कर सुनाया गया। कार्यक्रम का संचालन ललित बाबू के पोते एवं पोती क्रमशः एड्वोकेट वैभव मिश्रा और वरलिका मिश्रा ने किया।

इस अवसर पर एक संस्मरण को याद करते हुए पूर्व मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने छात्र आंदोलन के दौरान हमें बताया था कि जल्दी ही ललित बाबू भी आंदोलन से जुड़ने वाले हैं। जेपी के इस उद्घोष के बाद ही ललित बाबू को भारतीय राजनीति के पटल से मिटा दिया गया।
अपने व्याख्यान में एस. भट्टाचार्य ने बताया कि लीची के माध्यम से ललित बाबू ने बिहार के नाम को विश्व व्यापार में सुस्थापित किया और डब्ल्यू टी ओ में भारत के पक्ष को मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका रही। साथ ही रेल मंत्री के रूप में उन्होंने मधुबनी पेंटिंग को जयंती जनता एक्सप्रेस ट्रेन के माध्यम से लोकप्रिय बनाया।
इस अवसर पर देवेश चंद्र ठाकुर ने बताया कि ललित बाबू प्रतिभा को पहचानने में दूरदर्शी थे। अन्य वक्ताओं ने ललित बाबू की बहुमुखी प्रतिभा पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ दिल्ली और बिहार के बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में शामिल हुए।







