• About us
  • Contact us
Sunday, January 11, 2026
6 °c
New Delhi
15 ° Mon
16 ° Tue
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

भागलपुर में ‘बिहार राज्य की जलवायु अनुकूलन एवं न्यून कार्बन उत्सर्जन विकास रणनीति’ के क्रियान्वयन संबंधित क्षमता विकास कार्यक्रम का हुआ आयोजन

News Desk by News Desk
August 7, 2024
in देश
भागलपुर में ‘बिहार राज्य की जलवायु अनुकूलन एवं न्यून कार्बन उत्सर्जन विकास रणनीति’ के क्रियान्वयन संबंधित क्षमता विकास कार्यक्रम का हुआ आयोजन
Share on FacebookShare on Twitter

न्यूज़ डेस्क

बुधवार को भागलपुर समाहरणालय में कार्बन न्यूट्रल राज्य बनाने की दिशा में ‘बिहार राज्य की जलवायु अनुकूलन एवं न्यून कार्बन उत्सर्जन विकास रणनीति’ के क्रियान्वयन संबंधित क्षमता विकास कार्यक्रम अंतर्गत प्रमंडलीय स्तर प्रसार कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भागलपुर के उप-विकास आयुक्त कुमार अनुराग की अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि एक विकासशील देश के रूप में हमारी विकास की गति विकसित देशों की तुलना में अधिक होगी, लेकिन कार्बन और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना होगा। सभी हितधारक विभागों को सड़क और भवन निर्माण जैसे कार्यों में जलवायु अनुकूलन शैली को अपनाना चाहिए, ताकि विकास सतत रूप से हो। उन्होंने प्लास्टिक के उपयोग को रोकने और नवकरणीय ऊर्जा व अन्य पर्यावरण अनुकूल शैलियों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। वरीय उप-समाहर्ता, भागलपुर, कृष्ण मुरारी ने स्वागत उद्बोधन में जलवायु परिवर्तन, इसके प्रतिकूल प्रभावों और सुधारात्मक क़दमों बारे में बताया। इस साल ग्रीष्म ऋतु में अत्यधिक तापमान की स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार अत्यधिक मौसमी घटनाओं और आपदाओं के प्रति अति-संवेदनशील है। उन्होंने आगे कहा कि यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है कि हम बिहार को नेट ज़ीरो राज्य बनाने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से सभी आवश्यक प्रयास करें।

कार्यशाला की विस्तृत जानकारी डब्लू आर आई इंडिया के प्रोग्राम प्रबन्धक डॉ शशिधर कुमार झा एवं मणि भूषण कुमार झा द्वारा दिया गया। मणि भूषण ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद ने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) तथा शक्ति सस्टेनेबल एनर्जी फाउंडेशन और डब्‍ल्‍यू आर आई इंडिया व अन्य संगठनों की तकनीकी सहायता से बिहार राज्य के उक्त संकल्प को पूर्ण करने हेतु राज्य स्तरीय दीर्घकालीन रणनीति में अनुकूलन और शमन दोनों ही उपायों को जोड़कर राज्य में जलवायु संरक्षण से संबंधित रणनीति प्रस्तावित की है। इस कार्यशाला का उद्देश्य रणनीति का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन हेतु स्थानीय हितधारकों को इसके बारे में संवेदित करना, क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों और कठिनाइयों की पहचान करना तथा उनके समाधान के रास्तों पर विचार विमर्श करना है।

डॉ शशिधर ने अपने सम्बोधन में कहा कि बिहार में पिछले 50 सालों में तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है और 2030 तक तापमान में 0.8- 1.3 डिग्री सेल्सियस, 2050 तक 1.4- 1.7 डिग्री सेल्सियस और 2070 तक 1.8-2.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने का अनुमान है। इसके अलावा, मानसून की शुरुआत में देरी हो रही है। जलवायु परिवर्तन अनुकूलन उपायों के बारे में बताते हुए उन्होंने फसल एवं कृषि प्रणाली में विविधता, सतही और भूजल का एकीकृत प्रबंधन, वन पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्जनन, निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करना और आपदा के समय आजीविका की सुरक्षा और संवर्द्धन का उल्लेख किया |

डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के प्रोग्राम ऑफिसर अविनाश कुमार ने बिहार में उद्योग की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा कि बिहार के उद्योगों से कुल उत्सर्जन 14% है, जिसमें ईंट निर्माण क्षेत्र औद्योगिक उत्सर्जन का 80% योगदान देता है। बिहार में लगभग 6,500 ईंट भट्टे हैं, जिनमें से 85% क्लीनर ज़िगज़ैग तकनीक का उपयोग करते हैं, लेकिन खराब निर्माण और तकनीकी विशेषज्ञता की कमी के कारण लाभ सीमित हैं। अविनाश ने भट्ठा मालिकों और श्रमिकों के लिए ज़मीनी स्तर पर प्रशिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त, 600 फ्लाई ऐश ईंट इकाइयाँ जो बिहार की ईंट की ज़रूरत को 50% पूरा करती है, उत्सर्जन को कम करने में मदद करती है, और उत्सर्जन को आधा कर देती है।

डॉ स्वर्णा चौधरी, असिस्टेंट प्रोफेसर, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने विशेषज्ञ के रूप में संबोधित करते हुए विभिन्न फसलों से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के बारे में जानकारी दी और दावा किया कि दाल और बाजरा की फसलों से उत्सर्जन कम होता है और उनकी खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि तापमान में वृद्धि से फसलें जल्दी पक जाती हैं और उपज में कमी आती है। उन्होंने उर्वरक प्रबंधन और छत पर बागवानी जैसी प्रथाओं पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण एवं अन्य हितधारकों ने भी अपने विचार साझा किये। शम्भू नाथ झा, क्षेत्रीय पदाधिकारी, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद, भागलपुर ने पर्यावरण संरक्षण के लिए परिषद द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में चर्चा की, जिसमें राज्य में लगभग 7000 ईंट भट्टों को स्वच्छ इकाइयों में परिवर्तित करना तथा कोयला आधारित उद्योगों को कंप्रेस्ड प्राकृतिक गैस और पाइप्ड प्राकृतिक गैस में क्रमिक रूप से परिवर्तित करना शामिल है। कार्यशाला का संचालन बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के वैज्ञानिक नलिनी मोहन सिंह ने किया। यह कार्यशालाएं बिहार के सभी 09 प्रमंडलों में आयोजित की जा रही हैं। अगली प्रमंडलीय स्तर कार्यशाला 08 अगस्त को मुंगेर में आयोजित की जा रही है।

Previous Post

ज्योति याराजी सौ मीटर बाधा दौड़ के सेमीफाइनल में जगह बनाने में रहीं असफल

Next Post

पेरिस ओलंपिक में भारतीय विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित किये जाने पर बॉलीवुड सितारों ने जताया दुख

Related Posts

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी
देश

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

January 10, 2026
बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण
देश

बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

January 10, 2026
मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज
देश

मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

January 10, 2026
केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी
देश

केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी

January 10, 2026
विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !
स्पेशल स्टोरी

विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !

January 10, 2026
जब निगरानी तंत्र ही आँखें फेर ले: वाप्कोस लिमिटेड में भ्रष्टाचार की शिकायतें कैसे व्यवस्था के भीतर ही निष्प्रभावी कर दी गईं
देश

जब निगरानी तंत्र ही आँखें फेर ले: वाप्कोस लिमिटेड में भ्रष्टाचार की शिकायतें कैसे व्यवस्था के भीतर ही निष्प्रभावी कर दी गईं

January 10, 2026
Next Post
पेरिस ओलंपिक में भारतीय विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित किये जाने पर बॉलीवुड सितारों ने जताया दुख

पेरिस ओलंपिक में भारतीय विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित किये जाने पर बॉलीवुड सितारों ने जताया दुख

New Delhi, India
Sunday, January 11, 2026
Fog
6 ° c
100%
7.9mh
22 c 11 c
Mon
22 c 11 c
Tue

ताजा खबर

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

January 10, 2026
बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

January 10, 2026
मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

January 10, 2026
केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी

केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी

January 10, 2026
विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !

विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !

January 10, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved