• About us
  • Contact us
Thursday, March 19, 2026
23 °c
New Delhi
19 ° Fri
23 ° Sat
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

एमएसएमई पत्रिका विवाद: राष्ट्रपति को गुमराह किया गया? 100 रुपये कीमत और भविष्य की तारीख ने मचाया बवाल!

News Desk by News Desk
September 11, 2025
in देश
एमएसएमई पत्रिका विवाद: राष्ट्रपति को गुमराह किया गया? 100 रुपये कीमत और भविष्य की तारीख ने मचाया बवाल!
Share on FacebookShare on Twitter

मंजरी की खोजी रिपोर्ट

नई दिल्ली, 10 सितंबर। भारत सरकार के एम एस एम ई मंत्रालय ने एक दिलचस्प पत्रिका प्रकाशित की है। इसका नाम है - एम एस एम ई पत्रिका। यह पत्रिका मासिक है या त्रैमासिक अथवा वार्षिक? यह बहुत खोजबीन के बाद भी पता नहीं चल रहा है लेकिन जो अब तक पता चला है, वह पत्रकारिता की दुनिया का सनसनीखेज तथ्य बन कर सामने आया है।

यह स्पष्ट है कि इस पत्रिका को प्रकाशित करने के क्रम में नियमों को ताक पर रख दिया गया है और पत्रिका के विमोचन के दौरान राष्ट्रपति को पहले तथा बाद में और पत्रिका के लक्षित समूह को गुमराह किया गया है। ऐसा जानबूझकर किया गया है या पत्रिका से जुड़े भारतीय आर्थिक सेवा के संबंधित अधिकारियों ( संपादक एवं उप संपादक ) की अज्ञानता से ऐसा हुआ है, यह अभी शोध का विषय है।

सूत्रों के अनुसार, सरकारी कार्यालय से 26 जून, 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि ” राष्ट्रपति एम एस एम ई पत्रिका का विमोचन करेंगी, जो एक इन-हाउस पत्रिका है जो एम एस एम ई क्षेत्र से संबंधित मुद्दों और अवसरों पर उपयोगी जानकारी और समझ प्रदान करेगी और एम एस एम ई के बीच अनुभव साझा करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगी “।

इससे इस बात की पुष्टि होती है कि घरेलू पत्रिका का ही विमोचन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के कर कमलों से कराया गया। लेकिन प्रकाशित एवं मुद्रित हो चुकी पत्रिका से जुड़े तथ्य कुछ और ही कहानी कह रहे हैं ! सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के विकास आयुक्त कार्यालय को पत्रिका में विकास आयुक्त आयोग बना दिया गया है।

भारत सरकार का यह संगठन वास्तव में कार्यालय से आयोग कब बन गया, यह रिकार्ड पर बताने के लिए कोई तैयार नहीं है ! फिर दूसरा तथ्य यह है कि पत्रिका में मूल्य मुद्रित है सौ रुपए ! लेकिन इसमें कहीं भी यह नहीं बताया गया है कि सौ रुपए कहां जमा करना है जो वित्तीय अनियमितता का आधार तैयार कर रहा है। जानकार बताते हैं कि घरेलू पत्रिका का कोई मूल्य नहीं होता है और वह आंतरिक वितरण के लिए होता है। ऐसी स्थिति में इस पत्रिका की एक प्रति को सौ रुपए में क्यों बेचा जा रहा है और विमोचन के पूर्व यह बात राष्ट्रपति कार्यालय को क्यों नहीं बतायी गई और बेवजह इस पूरे प्रकरण में राष्ट्रपति के पद की गरिमा पर क्यों आघात किया गया ?

कथित घरेलू पत्रिका अचानक बन गई समूल्य प्रकाशन !

एम एस एम ई विकास संगठन की इस पत्रिका में मुद्रित अन्य तथ्य और भी विवादास्पद हैं ! इसमें पत्रिका का आर एन आई नंबर मुद्रित है जो किसी घरेलू पत्रिका में आम तौर पर नहीं होता है। हां, यदि सरकार ने प्रकाशन एवं मुद्रण के नियम में कोई संशोधन कर दिया है तो फिर इस पत्रकार को इसकी कोई जानकारी नहीं है। लेकिन पत्रिका में मुद्रित अगला तथ्य और भी चौंकाने वाला है। इसमें मुद्रित आर एन आई नंबर से पता चलता है कि यह पत्रिका 1976 से पंजीकृत है यानि यह एक पुरानी पत्रिका है ! इसका मतलब यह है कि यह तथ्य भी राष्ट्रपति कार्यालय से छुपाया गया और राष्ट्रपति से एक पुरानी पत्रिका का विमोचन कराया गया !

यह पत्रिका सरकारी लापरवाही की अद्भुत मिसाल है ! भारत सरकार में इन कामों के लिए संघ लोक सेवा आयोग से चयनित भारतीय सूचना सेवा की एक सुगठित व्यवस्था है जिससे इस पत्रिका के संपादन एवं प्रकाशन के दौरान कोई ज्ञान नहीं लिया गया प्रतीत होता है। यही कारण है कि इसमें सह संपादक को उप संपादक से कनिष्ठ दर्शाया गया है जबकि उप संपादक पूरी संपादकीय टीम में सबसे जूनियर होता है !

प्रधानमंत्री पद की किरकिरी !

सूत्रों के अनुसार, पत्रिका के आंतरिक कवर पृष्ठ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुरानी तस्वीर में नया कैप्शन लगाने एवं उसमें तथ्यात्मक गलती करने के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है ! पत्रिका के अनुसार, यह तस्वीर 20 सितंबर, 2025 की है जबकि 2025 का 20 सितंबर अभी भी दस दिन दूर है ! यह अकल्पनीय एवं अक्षम्य लापरवाही है जिससे प्रधानमंत्री पद की किरकिरी हो रही है !

Tags: Modi Government LapseMSME Ministry NewsMSME Patrika ControversyPresident Misled CaseRashtrapati Murmu NewsRNI Number Dispute
Previous Post

पंजाब बना देश का नंबर-1 राज्य, किसानों को मिला अब तक का सबसे बड़ा मुआवज़ा – ₹20,000 प्रति एकड़!

Next Post

Punjab Govt का बड़ा फैसला: किसानों को मिलेगी 80% सब्सिडी, सहकारी बैंकों से मिलेगा किफायती लोन

Related Posts

Breaking News: सरकारी एम एस एम ई पत्रिका बनी गलतियों का पिटारा! प्रधानमंत्री की तस्वीर से मजाक !
देश

Breaking news: एम एस एम ई मंत्रालय की पत्रिका ने राष्ट्रपति को भी हंसी का पात्र बनाया !

August 27, 2025
Next Post
Punjab Govt का बड़ा फैसला: किसानों को मिलेगी 80% सब्सिडी, सहकारी बैंकों से मिलेगा किफायती लोन

Punjab Govt का बड़ा फैसला: किसानों को मिलेगी 80% सब्सिडी, सहकारी बैंकों से मिलेगा किफायती लोन

New Delhi, India
Thursday, March 19, 2026
Mist
23 ° c
61%
12.6mh
21 c 17 c
Fri
29 c 16 c
Sat

ताजा खबर

भगवंत मान सरकार की उपलब्धि: मात्र 4 सालों में भाखड़ा नहर के बराबर पानी राज्य के खेतों तक पहुंचाया गया

भगवंत मान सरकार की उपलब्धि: मात्र 4 सालों में भाखड़ा नहर के बराबर पानी राज्य के खेतों तक पहुंचाया गया

March 18, 2026
पंजाब द्वारा राजस्थान सरकार से दशकों से पानी के इस्तेमाल का 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया वसूला जायेगा – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब द्वारा राजस्थान सरकार से दशकों से पानी के इस्तेमाल का 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया वसूला जायेगा – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 18, 2026
घर चलाने वाली महिलाओं को अब देश चलाना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

घर चलाने वाली महिलाओं को अब देश चलाना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 18, 2026
संसद से संसदीय क्षेत्र तक, 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए एकजुट हुए सांसद

संसद से संसदीय क्षेत्र तक, 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए एकजुट हुए सांसद

March 18, 2026
पंजाब उद्योग और वाणिज्य को प्रोत्साहन देने के लिए लुधियाना, न्यू चंडीगढ़ और अमृतसर में तीन विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र स्थापित करेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब ने स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए ऐतिहासिक मिशन शुरू करने हेतु वर्ल्ड बैंक के साथ 3,500 करोड़ रुपये का समझौता किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 17, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved