नई दिल्ली में आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस शुरू, राजनाथ सिंह जारी करेंगे लैंड वॉरफेयर डॉक्ट्रिन

देश की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए नई दिल्ली में भारतीय सेना की शीर्ष स्तरीय 'आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस' की शुरुआत हो गई है। 21 से 23 अक्टूबर तक चलने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता थल सेनाध्यक्ष (COAS) कर रहे हैं। इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य बदलती सुरक्षा स्थितियों, परिचालन तैयारियों और सेना के आधुनिक स्वरूप को लेकर गहन चर्चा करना है।
इस सम्मेलन का सबसे अहम पड़ाव वह होगा जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 'लैंड वॉरफेयर डॉक्ट्रिन' (Land Warfare Doctrine) को जारी करेंगे। यह डॉक्ट्रिन भारतीय सेना के लिए एक विस्तृत ढांचा तैयार करेगा, जिससे सेना भविष्य के युद्धों और बदलती युद्ध तकनीकों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रह सके।
सुरक्षा चुनौतियों और आधुनिक तकनीक पर मंथन
कॉन्फ्रेंस के दौरान केवल थल सेना ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण नेतृत्व भी अपने विचार साझा करेंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), चीफ ऑफ नेवल स्टाफ और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव समकालीन सुरक्षा मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। पूरा जोर इस बात पर है कि भारतीय सेना को तकनीकी रूप से सक्षम, प्रगतिशील और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक कैसे ढाला जाए।
इसके अलावा, कार्यक्रम में कुछ विशेष सम्मान भी दिए जाएंगे:
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वार्षिक यूनाइटेड नेशंस जर्नल का अनावरण करेंगे।
- संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में अपनी उत्कृष्ट सेवा देने वाले भारतीय सैनिकों को सम्मानित किया जाएगा।
- थल सेनाध्यक्ष द्वारा पर्यावरण स्थिरता और संसाधन प्रबंधन के लिए 'ग्रीन मिलिट्री स्टेशन्स' और 'एविएशन फ्लाइट सेफ्टी' के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे।
कुल मिलाकर, यह कॉन्फ्रेंस भारतीय सेना के वरिष्ठ नेतृत्व के लिए एक ऐसा मंच है जहां मौजूदा पहलों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य की रणनीतियों को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि देश की सीमाएं और आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रहें।