चोरबागान भगदड़: 'क्या मुआवजा लौटा पाएगा घर कि मुस्कान?', RJD सांसद ने बंगाल सरकार को घेरा

Sonu Nigam19 October 20262 min read0 viewsदेश
चोरबागान भगदड़: 'क्या मुआवजा लौटा पाएगा घर कि मुस्कान?', RJD सांसद ने बंगाल सरकार को घेरा

उत्तर कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दर्दनाक भगदड़ ने एक बार फिर भीड़ प्रबंधन और सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई और 25 से अधिक लोग घायल हुए। इस त्रासदी पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने पश्चिम बंगाल सरकार के रवैये पर कड़ा प्रहार किया है।

मनोज झा ने सवाल उठाया कि क्या इस घटना के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का पालन किया गया था? उन्होंने सरकार की मुआवजा नीति पर तंज कसते हुए कहा, "भीड़ प्रबंधन के लिए SOPs होते हैं, क्या उन्हें लागू किया गया? क्या इस घटना को महज एक दुर्घटना बताकर और मुआवजे की घोषणा कर देना उन परिवारों के अपनों को वापस ला पाएगा जिन्होंने उन्हें खोया है?"

शासन व्यवस्था और आंकड़ों का खेल

सांसद मनोज झा ने शासन प्रणाली पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में इंसानी जानों को केवल आंकड़ों के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि जब मौतें केवल आंकड़े बनकर रह जाती हैं, तो व्यवस्था से उम्मीद करना बेकार हो जाता है।

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने इस घटना को "कुप्रबंधन" का मामला बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने पूरी घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और एक सरकारी नौकरी, जबकि घायलों के लिए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

सुरक्षा के मद्देनजर, कोलकाता पुलिस ने शहर के संवेदनशील इलाकों में 18 से 20 अक्टूबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। पुलिस कमिश्नर अजय नन्द के आदेशानुसार, बोउबाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत कॉलेज स्ट्रीट और सेंट्रल एवेन्यू जैसे इलाकों में पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने और घातक हथियार ले जाने पर रोक लगा दी गई है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

Share:

Comments

Leave a comment