श्रीनाथ दीक्षित, वरिष्ठ संवाददाता, दिल्ली
राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस की पी.के. रोड पर स्थित रेलवे ऑफ़िसर्स क्लब में आज – 14 फ़रवरी – 2026 को परिवर्तन साहित्यिक मंच के तत्वावधन में पुस्तक विमोचन एवं “प्रेम, बसंत और पर्यावरण” विषय पर काव्य-पाठ का आयोजन किया गया।
केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल में कार्यरत श्री श्रवण यादव की – “पुलवामा के पन्ने” पुस्तक में पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश के बॉर्डर पर तैनात ना केवल भारतीय सैनिक ही; बल्कि, समूचे विश्व के विभिन्न देशों के बॉर्डर्स पर तैनात सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के प्रति संवेदनाओं को व्यक्त किया गया है।

इस पुस्तक में कविताओं के संग्रह के माध्यम से देश के बॉर्डर्स पर तैनात सैनिकों की देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए कठिन ड्यूटी करने और अपने परिवार से महीनों दूर रहने के मार्मिक पलों को बेहद ख़ूबसूरती से कागज़ पर उकेरा गया है। साथ ही युद्ध में शहीद, भले ही देश के दुश्मन सैनिकों की बात हो; लेकिन, उस पार भी अपने बेटों, पतियों ऐर भाइयों की मृत्यु पर रोतीं-बिलखतीं उन माँओं, पत्नियों और बहनों के दु:ख पर भी बड़ी ही दिल छू लेने वालीं मार्मिक पंक्तियों का इस्तेमाल कर इस नफ़रत-रूपी भावना को बदलने का आग्रह भी कवि श्री श्रवण यादव द्वारा किया गया है।
काव्य-पाठ में आमंत्रित सभी कवियों ने अपनी-अपनी सुरीली कविताओं से एक अलग ही समाँ बाँधा!
इस अवसर पर श्री तेज प्रताप कु. तेजस्वी; श्री शिव शंकर अहसास; डॉ. दीपा, रंजीता; सुश्री समीक्षा जैन; डॉ. सुशील द्विवेदी; डॉ. पुष्कर; डॉ. करुण चंद्र रॉय; डॉ. निखिल कांत; संतोष पटेल; शिक्षाविद, कवि एवं आलोचक, प्रो. चंद्रदेव सिंह यादव; कवि एवं आलोचक, प्रो. सरोज कुमारी; आर्टिस्ट, श्री कुमार रंजन; सक्षम थिएटर के निर्देशक, श्री सुनील यादव; कवि, राकेशरेणु और आलोचक, श्री जय फ़ाक़िर के साथ लेखक, श्री तेज प्रताप नारायण ने इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज़ करवाई।

विख़्यात लेखकों और कवियों की मौजूदगी में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का संचालन श्रीमती भारती प्रवीण द्वारा किया गया और धन्यवाद ज्ञापन हरिंद्र तिवारी द्वारा प्रस्तुत किया गया।






