पटना: कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार तथा भारतीय नृत्य कला मंदिर के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राष्ट्र भक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर योजना एवं विकास विभाग की अपर सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार, निदेशक (सांस्कृतिक कार्य) श्रीमती रूबी, विभाग के संयुक्त सचिव श्री महमूद आलम एवं उपसचिव सुश्री कहकशा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत माननीय अतिथियों के स्वागत, पुष्पगुच्छ अर्पण एवं अकाउंट एवं गाइड बैंड टीम द्वारा सलामी से हुई। इसके पश्चात अतिथियों ने वंदे मातरम् से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।माननीय मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गौरव का क्षण है। ‘वंदे मातरम्’ देश की स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा रहा है और इसने देशवासियों में साहस एवं एकता का संचार किया। उन्होंने बताया कि 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक पूरे देश में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी से एकजुट होकर भारत को सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने का आह्वान किया।इस अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और स्वाधीनता आंदोलन की प्रेरणा का स्रोत रहा है। इस गीत ने देशवासियों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अंग्रेजों को भी इसकी शक्ति को स्वीकार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और अस्मिता को संजोए रखना ही किसी राष्ट्र की प्रगति का आधार है।योजना एवं विकास विभाग की अपर सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने अपने उद्बोधन में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर हम सभी को एकजुट होकर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को स्मरण करने का अवसर देता है। उन्होंने भगवान श्रीराम के कथन “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” का उल्लेख करते हुए मातृभूमि के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि राष्ट्र की पहचान उसकी जनता से होती है।माननीय मंत्री के सम्बोधन के पश्चात सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ गया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान सचिव श्री प्रणव कुमार द्वारा माननीय मंत्री एवं अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात वंदे मातरम् से संबंधित एक प्रस्तुति (PPT) प्रदर्शित की गई, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत की भूमिका को दर्शाया गया।अंत में भारतीय नृत्य कला मंदिर के लोकगीत विभाग द्वारा “हिमाद्रि तुंग शृंग से…” एवं “आज उनकी जय बोलो…” जैसे देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई, साथ ही स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भावपूर्ण समापन दिया गया।सांस्कृतिक कार्यक्रम का संयोजन संगीतकार एवं निर्देशक मनमोहन ओझा द्वारा किया गया तथा मंच का सफल संचालन सोमा चक्रवर्ती द्वारा किया गया।











