'शासन परिवर्तन' शब्द का गलत इस्तेमाल हो रहा है, चुनाव प्रणाली की साख लौटाना जरूरी: आनंद शर्मा

Sonu Nigam18 October 20262 min read0 viewsराजनीति
'शासन परिवर्तन' शब्द का गलत इस्तेमाल हो रहा है, चुनाव प्रणाली की साख लौटाना जरूरी: आनंद शर्मा

देश की राजनीति में इन दिनों 'शासन परिवर्तन' (Regime Change) शब्द को लेकर घमासान मचा हुआ है। इस विवाद के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया है कि भारत जैसे लोकतंत्र में सरकारें केवल मतपत्रों (Ballot) के जरिए बदलती हैं। उन्होंने कहा कि 'शासन परिवर्तन' जैसे शब्दों का इस्तेमाल बहुत लापरवाही से किया जा रहा है, जो कि गलत है।

शिमला में मीडिया से बात करते हुए आनंद शर्मा ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास और उनका वोट ही सरकार को सत्ता में बनाए रखता है। जब लोग किसी सरकार से असंतुष्ट होते हैं, तो वे चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से उसे बदलते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि 'शासन' (Regime) का अर्थ केवल एक सरकार नहीं, बल्कि पूरा ढांचा होता है जिसमें संविधान भी शामिल है। शर्मा के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी इस संवैधानिक ढांचे की रक्षा कर रही है, इसलिए इसे बदलने की बात करना बेमानी है।

संस्थानों की मजबूती और चुनावी साख पर जोर

आनंद शर्मा ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है क्योंकि यहाँ सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और संसद जैसे मजबूत संस्थान मौजूद हैं। उन्होंने सलाह दी कि इस मुद्दे को सनसनीखेज बनाने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उन्होंने एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाते हुए कहा कि चुनावी प्रणाली की साख (Credibility) को बहाल करना बेहद जरूरी है ताकि लोकतंत्र की गरिमा बनी रहे।

यह पूरा विवाद तब गहराया जब वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को 'शासन परिवर्तन की लड़ाई' करार दिया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करने और असंवैधानिक तरीके से सत्ता पलटने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि भारत बांग्लादेश नहीं है और यहाँ सत्ता केवल जनता के जनादेश से ही तय होती है। दूसरी ओर, पी. चिदंबरम और पवन खेड़ा जैसे कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव के जरिए सरकार बदलना एक सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।

Share:

Comments

Leave a comment