• About us
  • Contact us
Sunday, June 7, 2026
34 °c
New Delhi
40 ° Mon
41 ° Tue
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

10 हजार सर्वे कर्मियों की बहाली करेगा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

News Desk by News Desk
June 23, 2024
in देश, रोजगार
10 हजार सर्वे कर्मियों की बहाली करेगा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
Share on FacebookShare on Twitter

10 हजार सर्वे कर्मियों की बहाली करेगा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग। तीन दर्जन अंचल अधिकारियों के खिलाफ फिलहाल कार्रवाई है प्रक्रियाधीन। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री नयी सरकार के गठन के बाद पहली पत्रकारों से रूबरू हुए। इस दौरान वे विभाग द्वारा आम जनमानस के समस्याओं के निराकरण हेतु लिए गए निर्णय की जानकारी दे रहे थे आइए जानते हैं विभाग ने बीते दिनों क्या कुछ निर्णय लिया है।

कड़वा सत्य डेस्क

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग आम जनता से सीधा जुड़ा हुआ विभाग है। आम लोगों / रैयतों/किसानों को उनका काम बिना किसी परेशानी के हो जाए, उनको राजस्व कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसके लिए हम पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बना रहे हैं। विभाग द्वारा रैयतों को दी जा रही हरेक सुविधा की समय सीमा निर्धारित है। हमारी कोशिश है कि तय सीमा के भीतर उनको सभी सेवाएं प्राप्त हों। हरेक अधिकारी की जिम्मेदारी तय करना और भ्रष्टाचार मुक्त विभाग बनाना मेरी पहली प्राथमिकता है। जल्द ही हमारा विभाग करीब 10 हजार सर्वे कर्मियों की बहाली करने जा रहा है।चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिला आवंटन भी कर दिया है। शीघ्र ही पटना के ज्ञान भवन में एक वृहद कार्यक्रम आयोजित करके नियुक्ति पत्र दी जाएगी।

चयनित कर्मियों में विशेष सर्वेक्षण अमीन 8035, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो 458, विशेष सर्वेक्षण सहायक
बंदोबस्त पदाधिकारी 353 और विशेष सर्वेक्षण लिपिक- 742 है। इसके साथ ही बिहार के सभी 38 जिलों में भूमि सर्वेक्षण का काम शुरु होने जा रहा है। भूमि सर्वेक्षण सरकार की प्राथमिकता में है। भूमि सर्वेक्षण से ही भूमि संबंधी सारे दस्तावेज अद्यतन होंगे और जमीन को लेकर हो रहे लड़ाई-झगड़े पर रोक लग पाएगी। राजस्व न्यायालयों को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। इसी माह से अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता तथा अपर समाहर्त्ता के राजस्व न्यायालयों की सभी प्रक्रियाएं पूर्णरुपेण राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत ऑनलाइन सम्पन्न करने का निदेश दिया गया है। अगले चरण में समाहर्ता एवं प्रमंडलीय आयुक्त के राजस्व न्यायालयों को भी इस पोर्टल में समेकित कर दिया जाएगा। यह भी निदेश दिया गया है कि राजस्व अधिकारियों द्वारा हरेक दिन जो सुनवाई की जाए उसे उसी दिन पोर्टल पर अपलोड किया जाए ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।

पहले भूमि सुधार उप समाहर्त्ता और अपर समाहर्त्ता के राजस्व न्यायालय अलग-अलग पोर्टल से संचालित हो रहे थे, जिन्हें एक पोर्टल पर समेकित किया गया है ताकि उक्त न्यायालयों की सभो प्रक्रिया पारदर्शी, सुगम तथा त्वरित हो सके एवं आमजन भू-विवादों के प्रभावी निष्पादन से लाभ उठा सकें। अब अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता एवं अपर समााहर्त्ता से संबंधित सभी न्यायालयों को एक ही पोर्टल से ऑनलाइन दायर किया जा सकता है। न्यायालय की सभी प्रक्रिया को ऑनलाइन निष्पादित करने की सुविधा विकसित की गई है। इस पोर्टल में डिफेक्ट चेक की भी व्यवस्था है ताकि आवेदन में अगर कोई त्रुटि है तो उसे दूर करने का वादी/आवेदक को मौका मिल सके।

साथ ही सरकारी भूमि पर अतिक्रमण से संबंधित सभी मामले भी अंचल अधिकारी के न्यायालय में ऑनलाइन दायर करने की सुविधा इस व्यवस्था (आरसीएमएस) के तहत कर दी गई है। जमाबंदी डिजिटाइजेशन के दौरान कई त्रुटियां रह गई थीं। कई प्रविष्टि पुरानी जमाबंदी में भी नहीं थी, इससे रैयतों को काफी परेशानी होती थी। इस तरह की नाम,पिता का नाम, पता, खाता-खेसरा रकवा और लगान की गलतियों को दुरुस्त करने के लिए परिमार्जन प्लस पोर्टल शुरू किया है। इसके द्वारा घर बैठे हुए जमाबंदी में वैसी प्रविष्टि भी कराई जा सकती है, जो फिजिकल (पुरानी) जमाबंदी में छूटी हुई है। आने वाले समय में परिमार्जन प्लस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन दाखिल-खारिज की शुरुआत के पश्चात् कायम जमाबंदी में सुधार एवं डिजिटाइज्ड नहीं किए गए जमाबंदियों को ऑनलाइन करने समेत कई सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे।

सरकारी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ी पहल की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक नया पोर्टल विकसित किया ह जिसका नाम है ‘सरकारी भूमि का दाखिल-खारिज’। इस पोर्टल के माध्यम से सरकार के विभिन्न स्तरों द्वारा हस्तांतरित / बंदोबस्त सरकारी भूमि एवं अधिग्रहीत रैयती भूमि की जमाबंदी कायम करने की व्यवस्था की गई है। नए पोर्टल का लिंक विभाग के वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर उपलब्ध है। सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज की पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया गया है। सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज के लिए अंचल अधिकारी को सूचित करने की जिम्मेदारी सभी प्राधिकार यानि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, प्रमडलीय आयुक्त, समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी को दी गई है।

भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, 2009 के तहत दायर वादों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादित कराने एवं पारित आदेशों के त्वरित कियान्वयन के संबंध में भी दिशा-निदेश दिए गए हैं। इस संबंध में आदेश दिया गया है कि अधिकतम 3 माह के अंदर वादों का निष्पादन कर दिया जाए। कॉजलिस्ट और आदेश पोर्टल पर ससमय अपलोड करना अनिवार्य होगा। यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सभी डीसीएलआर सप्ताह में 4 दिन इस अधिनियम के तहत न्यायिक कार्य करेंगे। सक्षम प्राधिकार अपने समक्ष दायर शिकायत या आवेदन को आवेदक का पक्ष सुने बिना वाद को खारिज नहीं करेंगे। समाहर्ता एवं आयुक्त को भी कहा गया है कि वो अपने क्षेत्राधिकार में लंबित वादों की संख्या एवं पारित आदेशों की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा करेंगे। इस अधिनियम के तहत भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं को रैयती भूमि से संबंधित विवादों एवं लोक भूमि के आवंटियों की समस्याओं की सुनवाई का अधिकार दिया गया है।

दाखिल-खारिज आवेदनों को अंचल अधिकारी / राजस्व अधिकारी द्वारा बड़ी संख्या में अस्वीकृत करने की शिकायतें मिल रही थीं। आवेदक का पक्ष नहीं सुना जाता था। अब स्पष्ट निदेश दिया गया है कि आपत्ति या किसी अन्य आधार पर अस्वीकृति की स्थिति बनती है तो याचिकाकर्ता/आवेदक को नोटिस देकर अपना पक्ष या साक्ष्य रखने का अवसर प्रदान किया जाएगा और सुनवाई के उपरांत ही किसी प्रकार का निर्णय लिया जाएगा।

मापी की पूरी प्रक्रिया भी ऑनलाइन है।
कोई व्यक्ति अंचल अमीन से अपनी जमीन की मापी हेतु ऑनलाइन आवेदन दे सकता है। किन्तु मापी हेतु राजस्व कर्मचारी का प्रतिवेदन आवश्यक था। समीक्षा में पाया गया कि राजस्व कर्मचारी के स्तर पर काफी मामले लंबित हैं। जबकि मापी में कर्मचारी प्रतिवेदन की आवश्यकता नहीं थी। इसलिए अंचल अधिकारी को इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार दे दिया गया है कि आवेदक के शपथ पत्र के आधार पर वे मापी कराने का निर्णय ले सकते हैं। इससे मापी के आवेदनों के निष्पादन में तेजी आई है। जिलों में पदस्थापित कई राजस्व कर्मचारियों के बारे में शिकायत मिली थी कि वे वर्षों से एक ही अंचल में जमे हुए हैं। इसलिए सभी समाहर्त्ता को पत्र देकर पाँच साल से अधिक अवधि से पदस्थापित राजस्व कमचारियों को स्थानांतरित करने का निदेश दिया गया है। साथ ही अब शहरी क्षेत्रों में दो वर्ष से पदस्थापित राजस्व कर्मचारियों का पदस्थापन ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाएगा। इस आदेश के सकारात्मक परिणाम आए हैं। अधिकांश जिलों से अनुपालन प्रतिवेदन भी आ चुका है।

विभाग के कई कार्य अभी भी ऑफलाइन हैं, शीघ्र ही शेष कार्यों को भी ऑनलाइन करने की हमारी योजना है। तय समय में आवेदनों का निष्पादन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। विभाग ने यह भी निर्णय लिया है कि सभी अंचल अधिकारियों की सेवा-पुस्तिका का पूर्ण नियंत्रण राजस्व विभाग के पास रहेगा। ऐसी कई शिकायतें मिली हैं कि अंचल अधिकारी पर विभाग द्वारा दंडात्मक कारवाई की गई, किन्तु उनके द्वारा जानबूझकर सेवा-पुस्तिका में उसे दर्ज नहीं किया गया। विभाग भ्रष्टाचार से कोई समझोता नहीं करेगा। जिन पदाधिकारियों के खिलाफ जिलों से आरोप पत्र दायर कर भेजा गया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तीन दर्जन अंचल अधिकारियों के खिलाफ फिलहाल कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। दोषी पदाधिकारी को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। ज्ञातव्य हैं कि भूमि विवाद के ढेरों मामले थाना स्तर पर सुनवाई हेतु लंबित है। इससे आए दिन विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती रहती है। शनिवार को थाना प्रभारी एवं अंचल अधिकारी भूमि विवादों का निष्पादन करते हैं किन्तु अंचल स्तर पर ढेरों मामले लंबित हैं, वर्षों से समाधान नहीं हो पा रहा है। विभाग में इसके लिए विशेष सेल के गठन करने का निदेश दिया गया है ताकि विवादों का समय से और प्रभावी निष्पादन किया जा सके।

Previous Post

भूमध्य सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों पर किया हमला -हूती

Next Post

भारत आज वस्तुओं, सेवाओं के मानकों में बड़े देशों की बराबरी पर : जितेंद्र सिंह

Related Posts

वित्तीय संकट गहराया: क्या जुमले बचा पाएंगे देश!
देश

वित्तीय संकट गहराया: क्या जुमले बचा पाएंगे देश!

June 6, 2026
भगवंत मान सरकार द्वारा लड़कियों के लिए देश की सबसे बड़ी पहलों में शामिल स्कूल-आधारित मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा की शुरुआत
देश

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा निर्माण मजदूरों के लिए बड़ी राहत का ऐलान; पूरे पंजाब में 10 लाख मजदूरों का मुफ्त पंजीकरण किया जाएगा

June 6, 2026
पंजाब के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी और फार्मास्युटिकल शिक्षा प्रदान करने के लिए भगवंत मान सरकार विश्वविद्यालयों को बना रही है भविष्य उन्मुख: हरजोत सिंह बैंस
अभी-अभी

पंजाब के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी और फार्मास्युटिकल शिक्षा प्रदान करने के लिए भगवंत मान सरकार विश्वविद्यालयों को बना रही है भविष्य उन्मुख: हरजोत सिंह बैंस

June 6, 2026
पटना के बापू टावर में विश्व पर्यावरण दिवस: ‘जब नदी जागी’ डॉक्यूमेंट्री और ‘साज़-ए-फ़िज़ा’ से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
देश

पटना के बापू टावर में विश्व पर्यावरण दिवस: ‘जब नदी जागी’ डॉक्यूमेंट्री और ‘साज़-ए-फ़िज़ा’ से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

June 5, 2026
पंजाब भर में मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ बनी जीवनरेखा
देश

मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य योजना की प्रगति की समीक्षा; कहा, स्वास्थ्य संभाल योजना पंजाब के लिए वरदान बनकर उभरी

June 5, 2026
पंजाब म्यूनिसिपल चुनावों में आम आदमी पार्टी की ऐतिहासिक जीत: पंजाब ने नफरत की राजनीति को नकारा; ‘ई.डी. पार्टी’ (भाजपा) पांचवें स्थान पर खिसकी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
देश

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना’ की शुरुआत की तैयारियों का लिया जायजा; योग्य लाभार्थी महिलाओं को पहली जुलाई से मिलेगी वित्तीय सहायता

June 5, 2026
Next Post
भारत आज वस्तुओं, सेवाओं के मानकों में बड़े देशों की बराबरी पर : जितेंद्र सिंह

भारत आज वस्तुओं, सेवाओं के मानकों में बड़े देशों की बराबरी पर : जितेंद्र सिंह

New Delhi, India
Sunday, June 7, 2026
Sunny
34 ° c
33%
6.8mh
45 c 35 c
Mon
46 c 37 c
Tue

ताजा खबर

वित्तीय संकट गहराया: क्या जुमले बचा पाएंगे देश!

वित्तीय संकट गहराया: क्या जुमले बचा पाएंगे देश!

June 6, 2026
भगवंत मान सरकार द्वारा लड़कियों के लिए देश की सबसे बड़ी पहलों में शामिल स्कूल-आधारित मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा की शुरुआत

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा निर्माण मजदूरों के लिए बड़ी राहत का ऐलान; पूरे पंजाब में 10 लाख मजदूरों का मुफ्त पंजीकरण किया जाएगा

June 6, 2026
पंजाब के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी और फार्मास्युटिकल शिक्षा प्रदान करने के लिए भगवंत मान सरकार विश्वविद्यालयों को बना रही है भविष्य उन्मुख: हरजोत सिंह बैंस

पंजाब के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी और फार्मास्युटिकल शिक्षा प्रदान करने के लिए भगवंत मान सरकार विश्वविद्यालयों को बना रही है भविष्य उन्मुख: हरजोत सिंह बैंस

June 6, 2026
पटना के बापू टावर में विश्व पर्यावरण दिवस: ‘जब नदी जागी’ डॉक्यूमेंट्री और ‘साज़-ए-फ़िज़ा’ से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

पटना के बापू टावर में विश्व पर्यावरण दिवस: ‘जब नदी जागी’ डॉक्यूमेंट्री और ‘साज़-ए-फ़िज़ा’ से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

June 5, 2026
पंजाब भर में मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ बनी जीवनरेखा

मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य योजना की प्रगति की समीक्षा; कहा, स्वास्थ्य संभाल योजना पंजाब के लिए वरदान बनकर उभरी

June 5, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved