श्रीनाथ दीक्षित, वरिष्ठ संवाददाता, दिल्ली
भारत देश है वृहद् कलाओं और हुनरों से समृद्ध एक देश! यहाँ पर हर घर में कोई-ना-कोई अद्भुत कला आपको देखने को मिल जाएँगी।
और, सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह है कि अपनी-अपनी अनूठी कलाओं में निपुणता के लिए इन कलाकारों की कोई उम्र सीमा नहीं होतीं! फिर, चाहे वो एक बुज़ुर्ग व्यक्ति हों, जवान हों या चाहे फिर, वो एक छोटा-सा बच्चा या छोटी-सी बच्ची ही क्यों ना हों! अपनी-अपनी अनूठी कलाओं में सभी के हाथ कुछ ऐसे चलते हैं कि आप और हम देखते ही रह जाएँ!
कुछ ऐसा ही सच करतीं नज़र आ रहीं हैं हरियाणा के बहादुरगढ़ की रहने वालीं साक्षी गर्ग नाम की यह छोटी-सी बच्ची, जो कि हरियाणा की पारंपरिक साँझी कला को बख़ूबी सहेजने में अपना एक महत्वपूर्ण योगदान दे रहीं हैं।

साक्षी को इस कला में अपने हुनर के लिए हरियाणा सरकार द्वारा स्टेट अवॉर्ड से भी नवाज़ा जा चुका है।
एक बिल्कुल पतले-से पेपर पर बेहद बारीक़ी से एक-एक डिज़ाइन को पूरी ख़ूबसूरती से आकार देतीं साक्षी की यह कला-कृतियाँ वाक़ेई क़ाबिल-ए-तारीफ़ हैं!
साक्षी बतातीं हैं कि साँझी कला के अंतर्गत किसी भी कला-कृति को तैयार करने में उन्हें 6 घंटे से लेकर एक हफ़्ते तक का समय लग जाता है। लेकिन, यक़ीन मानिए! इस कला को देखकर अगर आपके मुँह से “वाह! क्या कला है!” – यह शब्द ना निकल जाएँ, ऐसा तो, हो ही नहीं सकता!
साक्षी ना केवल भारत देश के कोने-कोने में ही; बल्कि, पूरे विश्व-भर में हरियाणा राज्य की इस पारंपरिक कला का नाम रौशन करना चाहतीं हैं!
श्रीनाथ दीक्षित दिल्ली के रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म एवं मास कम्यूनिकेशन में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त श्रीनाथ दीक्षित को जर्नलिज़्म और मीडिया क्षेत्र की विविध विधाओं जैसे – प्रिंट (अख़बार, मैग्ज़ीन, इत्यादि), रेडियो, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, फ़ोटोग्राफ़ी, डिजिटल मीडिया, पब्लिक रिलेशंस और एडवरटाइज़िंग, इत्यादि, में क़रीब 20 साल का अनुभव है।
साथ ही दुनिया की सबसे छोटी (0.3 एम.एम. से 0.2 एम.एम. के साइज़ की) कागज़ की नाव बनाने के लिए लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में श्रीनाथ दीक्षित का नाम तीन बार – साल – 2006, 2013 और 2015 में दर्ज़ किया जा चुका है।
कॉन्टैक्ट डिटेल्स: sngdixit@gmail.com






