श्रीनाथ दीक्षित, वरिष्ठ संवाददात, दिल्ली
किसी ने बिल्कुल सही कहा है कि अगर आपके अंदर है वह हुनर, वह कला, जो आपको औरों से एकदम अलग पहचान दिला सकती है; तो, उसे छुपाएँ नहीं; बल्कि, खुलकर सबके सामने लाएँ! ऐसा ही कुछ हुआ है दिल्ली के रहने वाले मुदित पंत के साथ भी! वैसे देखा जाए; तो, मुदित बिल्कुल एक छोटे-से, मासूम-से बच्चे की तरह हैं, जो हर पल कुछ शरारत करने के बहाने ढूँढते रहते हैं। लेकिन, जब बात आती है उनके फ़ेवरिट स्पोर्ट – स्क्वॉश की; तो, मुदित बिल्कुल एक गंभीर रूप में दिखाई देते हैं।
मुदित बताते हैं कि स्क्वॉश गेम को खेलने का इंस्पिरेशन उन्हें अपने पापा से मिली है, जिन्हें वे बचपन से ही देखते और फ़ॉलो करते आ रहे हैं। और, यही वजह है कि मुदित आज कई इंटरनैशनल इवैंट्स में पार्टीसिपेट कर मैडल्स जीतकर देश का नाम गर्व से ऊँचा कर चुके हैं।
स्क्वॉश गेम में अपने स्कोर को मेंटेन रखने के लिए मुदित दिन में कम-से-कम 5 से 6 घंटे की कड़ी प्रैक्टिस करते हैं, जिससे वे इस स्पोर्ट में अपनी पकड़ बरक़रार रख सकें!इस कड़ी मेहनत के बाद जब मुदित थक जाते हैं; तो, वे अपना मूड रिफ़्रैश करने के लिए लाइट और पॉप म्यूज़िक सुनना पसंद करते हैं, जिससे उन्हें रिलैक्स फ़ील होता है।

फ़िटनेस के बारे में मुदित बताते हैं कि वो मैडिटेशन करते हैं। ऐसा करने से मुदित को रिलैक्स फ़ील होता है और अपने उद्देश्य की ओर आगे बढ़ने के लिए कंसन्ट्रेट करने में भी मदद मिलती है।
अपनी हैल्थ को मेंटेन रखने के लिए मुदित खाने में दलिया जैसी न्यूट्रीशियस डाइट लेते हैं; लेकिन, राजमा-चावल के आते ही मुदित बताते हैं कि उनके मुँह में पानी आने लगता है।
अपने कैरियर को लेकर को लेकर मुदित बहुत सीरियस और डेडीकेटेड भी हैं। स्क्वॉश गेम में इंटरनैशनल लेवल पर मेडल्स जीतने की वजह से मुदित को 12वीं के बोर्ड एग्ज़ाम्स कम्पलीट करने के बाद यू.एस.ए. के जाने-माने ट्रिनिटी कॉलेज में स्कॉलरशिप के बेसिस पर एडमिशन भी मिला।
इतनी छोटी-सी उम्र में अपनी इन सब क़ामयाबी के लिए मुदित सारा श्रेय अपने मम्मी-पापा को देना चाहते हैं, जिनकी अतुलनीय मेहनत की वजह से आज वो इस मुक़ाम तक पहुँच पाए हैं।
सच! अगर मेहनत और लग्न हो; तो, व्यक्ति क्या नहीं कर सकता! ऐसे में अगर आपके अंदर भी है कोई ऐसा अनोखा हुनर या कला! तो, उसे छुपाएँ नहीं; बल्कि, खुलकर सबके सामने लाएँ और अपने सपनों को साकार करें!
मैडल्स टैली:
- अखिल भारतीय अंतर्राज्यीय टूर्नामेंट में दिल्ली के जूनियर नैशनल्स, साल – 2011 में कांस्य पदक के विजेता।
- कुआला लामपुर जूनियर ओपन्स (एशियन सीरीज़ गोल्ड इवैंट), साल – 2011 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 14वाँ स्थान प्राप्त किया।
- प्रथम इंद्रप्रस्थ स्क्वॉश चौंपियनशिप में अंडर – 15 कैटेगरी में रजत पदक के विजेता।
- डी.डी.ए. ओपन स्क्वॉश चौंपियनशिप, साल – 2012 में अंडर – 15 कैटेगरी में कांस्य पदक के विजेता।
- यू.पी. स्क्वॉश रैंकिंग टूर्नामेंट, साल – 2009 में अंडर – 17 कैटेगरी में कांस्य पदक के विजेता।







