• About us
  • Contact us
Thursday, February 19, 2026
19 °c
New Delhi
23 ° Fri
23 ° Sat
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

Supreme Court का बड़ा फैसला: HC का विवादित आदेश रद्द, नाबालिग केस में ‘रेप के प्रयास’ की धाराएं बहा

News Desk by News Desk
February 19, 2026
in देश
Supreme Court का बड़ा फैसला: HC का विवादित आदेश रद्द, नाबालिग केस में ‘रेप के प्रयास’ की धाराएं बहा
Share on FacebookShare on Twitter

सुप्रीम कोर्ट के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को खारिज करने के बाद खुशी व राहत की सांस लेते हुए नाबालिग पीड़िता की मां ने कहा कि इस आदेश से न्याय में उनका भरोसा बहाल हुआ है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पिछले साल मार्च में दिए गए फैसले में कहा था कि नाबालिग पीड़िता के वक्ष पकड़ने व सलवार का नाड़ा खोलने को बलात्कार का “प्रयास” नहीं माना जा सकता और यह सिर्फ बलात्कार की “तैयारी” थी। बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए नागरिक समाज संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) ने हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ तत्काल पीड़िता की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और एन. वी. अंजारिया की खंडपीठ ने हाई कोर्ट के फैसले को स्पष्ट रूप से त्रुटिपूर्ण और आपराधिक दंड विधान के स्थापित सिद्धांतों के पूरी तरह खिलाफ करार देते हुए खारिज कर दिया। साथ ही, शीर्ष अदालत ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से लगे बलात्कार के प्रयास के आरोप को भी बहाल कर दिया।

पीड़िता, जो घटना के समय सिर्फ 11 वर्ष की थी, की मां ने कहा, “इस फैसले से मेरा यह विश्वास बहाल हुआ है कि कानून बच्चों व पीड़ितों की सुरक्षा कर सकता है। मुझे उम्मीद है कि अब किसी बच्चे को अपने साथ हुए अत्याचार का विश्वास दिलाने के लिए ठोकर नहीं खानी पड़ेगी और इस फैसले से उन बहुत सारे बच्चों को मदद मिलेगी जो आवाज नहीं उठा पा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जेआरसी तब उनके साथ खड़ा हुआ जब उन्हें लग रहा था कि वे असहाय हैं और कोई उनकी आवाज नहीं सुनेगा। उनके समर्थन से हम न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने की हिम्मत जुटा पाए।

नवंबर 2021 में उत्तर प्रदेश के कासंगज में दो युवक 11 साल की नाबालिग बच्ची को जबरन घसीट कर एक पुलिया के नीचे ले गए और उसके कपड़े उतारने की कोशिश की। बच्ची की चीख पुकार सुन उधर से गुजर रहे दो राहगीर वहां पहुंचे जिसके बाद दोनों आरोपी मौके से भाग निकले। इस मामले में मार्च 2025 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “यह कृत्य सिर्फ बलात्कार की ‘तैयारी’ है और यह स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं है कि यह ‘बलात्कार का प्रयास’ या ‘बलात्कार’ है।” इस फैसले के नतीजे में आरोपों की गंभीरता काफी कम हो गई।

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी ज्यादा नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए पीड़िता की ओर से शीर्ष अदालत में विशेष अनुमति याचिका दायर की। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से इस तरह के मामलों में और अधिक संवेदनशीलता सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश तय करने का अनुरोध भी किया गया।

हाई कोर्ट के आदेशों को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल को निर्देश दिया कि वह यौन शोषण के संवेदनशील पीड़ितों से संबंधित मामलों की सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों व न्यायिक प्रक्रियाओं में संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य से एक समग्र व व्यापक दिशानिर्देश तय करने के लिए एक समिति गठित करे। कमेटी से तीन महीने में यह रिपोर्ट तैयार करने व सुप्रीम कोर्ट को सौंपने का अनुरोध किया गया है।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की ओर से पीड़िता की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एच. एस. फूलका ने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए कहा, “यह बच्चों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक दूरगामी फैसला है। यह एक स्पष्ट संदेश देता है कि न्यायिक विवेचना में पीड़ितों के खिलाफ किसी भी तरह के भेदभाव या पूर्वाग्रह की कोई जगह नहीं है। इस फैसले के लिए हम खंडपीठ के आभारी हैं।” शीर्ष अदालत ने दिशानिर्देश तय करने में नेटवर्क से सुझाव भी मांगे हैं।

इसी बीच, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, “यह फैसला यौन हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय, गरिमा और संवेदनशीलता सुनिश्चित करने के हमारे लंबे और दृढ़ संघर्ष का नतीजा है। हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं जिसने न्यायिक तंत्र में भरोसा बहाल किया है और इस विश्वास को मजबूत किया है कि बच्चों एवं कमजोर व संवेदनशील पृष्ठभूमि के लोगों के खिलाफ अपराधों को गंभीरता और अपेक्षित संवेदनशीलता के साथ देखा जाएगा।”

Tags: Allahabad High Court OrderAttempt to Rape CaseMinor Victim JusticeSupreme Court News IndiaSupreme Court POCSO Verdict
Previous Post

ए. आई. इम्पैक्ट सम्मिट 2026 : चौथे दिन रोबोट ने किया आराम, नहीं लगा वैसा जाम

Next Post

श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र के लिए पंजाब सरकार ने 10.50 एकड़ भूमि का कब्जा लिया: हरपाल सिंह चीमा

Related Posts

No Content Available
Next Post
श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र के लिए पंजाब सरकार ने 10.50 एकड़ भूमि का कब्जा लिया: हरपाल सिंह चीमा

श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र के लिए पंजाब सरकार ने 10.50 एकड़ भूमि का कब्जा लिया: हरपाल सिंह चीमा

Please login to join discussion
New Delhi, India
Thursday, February 19, 2026
Mist
19 ° c
78%
6.5mh
29 c 18 c
Fri
31 c 18 c
Sat

ताजा खबर

हैल्थ केयर: मानव सेवा के लिए बढ़ते आयाम!

हैल्थ केयर: मानव सेवा के लिए बढ़ते आयाम!

February 19, 2026
पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान बैल गाड़ियों की दौड़ों पर रोक लगी थी, हमने कानून में संशोधन करके फिर से शुरू किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान बैल गाड़ियों की दौड़ों पर रोक लगी थी, हमने कानून में संशोधन करके फिर से शुरू किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

February 19, 2026
श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र के लिए पंजाब सरकार ने 10.50 एकड़ भूमि का कब्जा लिया: हरपाल सिंह चीमा

श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र के लिए पंजाब सरकार ने 10.50 एकड़ भूमि का कब्जा लिया: हरपाल सिंह चीमा

February 19, 2026
Supreme Court का बड़ा फैसला: HC का विवादित आदेश रद्द, नाबालिग केस में ‘रेप के प्रयास’ की धाराएं बहा

Supreme Court का बड़ा फैसला: HC का विवादित आदेश रद्द, नाबालिग केस में ‘रेप के प्रयास’ की धाराएं बहा

February 19, 2026
ए. आई. इम्पैक्ट सम्मिट 2026 : चौथे दिन रोबोट ने किया आराम, नहीं लगा वैसा जाम

ए. आई. इम्पैक्ट सम्मिट 2026 : चौथे दिन रोबोट ने किया आराम, नहीं लगा वैसा जाम

February 19, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved