• About us
  • Contact us
Sunday, January 11, 2026
6 °c
New Delhi
15 ° Mon
16 ° Tue
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

केंद्रीय वस्त्र मंत्री ने पटना में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के कार्यालय का किया उद्घाटन

News Desk by News Desk
September 28, 2024
in देश
केंद्रीय वस्त्र मंत्री ने पटना में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के कार्यालय का किया उद्घाटन
Share on FacebookShare on Twitter

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने पटना में ईपीसीएच कार्यालय का उद्घाटन किया। ईपीसीएच बिहार के हस्तशिल्पों को वैश्विक बाजार में प्रोजेक्ट करने के साथ ही उनका प्रचार करेगा। बिहार से 2023-24 वर्ष में हस्तशिल्प का निर्यात लगभग 30 करोड़ रुपये का हुआ।

न्यूज डेस्क 

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने पटना में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के कार्यालय का शनिवार (28.9.2024) को उद्घाटन किया। मौके पर बिहार सरकार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा, वस्त्र मंत्रालय में हस्तशिल्प विकास आयुक्त अमृत राज, ईपीसीएच के अध्यक्ष दिलीप बैद, ईपीसीएच सीओए के सदस्य आर के मल्होत्रा, रवि के पासी, राजेश कुमार जैन, उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान (यूएमएसएएस) के निदेशक आईएएस निखिल धनराज निप्पणीकर, ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर के वर्मा के साथ ही बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, निर्यातक, हस्तशिल्प क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के हस्तशिल्प क्षेत्र के विकास और संवर्धन में तेजी लाने के लिए ईपीसीएच पटना कार्यालय के महत्व को रेखांकित किया, जो डिजाइन ट्रेंड, पैकेजिंग, गुणवत्ता अनुपालन को बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग लिंक प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार निर्यात वृद्धि के लिए उद्यमिता को बढ़ावा देने और बिहार के कारीगरों को नए व्यापार रुझानों से अवगत कराने के लिए एक गतिशील पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह नया कार्यालय बिहार के हस्तशिल्प क्षेत्र की आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास के लिए एक सूत्रधार के रूप में काम करेगा।

उन्होंने बिहार के युवाओं और महिलाओं से आगे आने और वैश्विक हस्तशिल्प निर्यात बाजार में बिहार का नाम रोशन करने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार से हस्तशिल्प का वर्तमान निर्यात जो 30 करोड़ रुपये है, आने वाले वर्षों में 3 गुना बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हस्तशिल्प क्षेत्र में नए डिजाइन के विकास के लिए हमें एआई और 3डी तकनीक की मदद लेने की जरूरत है। उन्होंने बिहार सरकार के उद्योग मंत्री को सुझाव दिया कि बिहार के हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए पटना और दिल्ली एयरपोर्ट पर स्टोर खोले जाएं।

वहीं, बिहार सरकार के उद्योग एवं पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने आर्थिक विकास में कार्यालय की भूमिका पर जोर दिया। ईपीसीएच का यह नया कार्यालय बिहार के निर्यात को बढ़ाने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा और इस कार्यालय के माध्यम से हम बिहार को वैश्विक हस्तशिल्प उद्योग में अग्रणी बनाने के लिए मंच तैयार कर रहे हैं। यह पहल निवेश को बढ़ावा देगी, रोजगार पैदा करेगी और आर्थिक विकास को गति देगी, जिससे राज्य के उद्योग निर्यात के लिए पावर हाउस बन जाएंगे।” उन्होंने उल्लेख किया कि पैकेजिंग, डिजाइन और उत्पाद विकास में हम अन्य राज्यों की तुलना में पीछे हैं। आने वाले समय में यूएमएसएएस हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पूरी क्षमता के साथ काम करेगा। हम बिहार में हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए भारत सरकार के प्रयासों का समन्वय और समर्थन करेंगे। उन्होंने इस कार्यालय को खोलने के लिए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और हस्तशिल्प विकास आयुक्त को धन्यवाद दिया और कहा कि हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूत करने और निर्यात बढ़ाने के लिए ईपीसीएच कार्यालय के साथ मिलकर काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रगति, विकास और विकास के लिए “बिहार तैयार है।”

वस्त्र मंत्रालय की हस्तशिल्प विकास आयुक्त अमृत राज ने कहा कि बिहार में ईपीसीएच कार्यालय हस्तशिल्प निर्यात वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के माध्यम से हस्तशिल्प विकास आयुक्त के समर्थन से विभिन्न परियोजना के आधार पर सहयोग करेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि विकास आयुक्त हस्तशिल्प कार्यालय ने बिहार के हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बिहार में विभिन्न गतिविधियों के कार्यान्वयन के लिए विभाग की सीएचसीडीएस योजना के तहत बिहार सरकार को 30 करोड़ रुपये पहले ही मंजूर कर दिए हैं। पटना में ईपीसीएच कार्यालय बिहार के हस्तशिल्प कारीगरों को डिजाइन विकास, पैकेजिंग जैसे कौशल/क्षमता संवर्द्धन में मदद करेगा और बाजार पहुंच भी प्रदान करेगा। ईपीसीएच के अध्यक्ष दिलीप बैद ने कहा कि “पटना में ईपीसीएच ऑफिस का उद्घाटन उद्यमियों को सशक्त बनाने और अखिल भारतीय स्तर पर हस्तशिल्प क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए चल रहे हमारे प्रयासों में एक ऐतिहासिक कदम है। डिजाइन हस्तक्षेप, बाजार लिंकेज और व्यापार संवर्धन पर जोर देने के साथ, हमें यकीन है कि हम बिहार के हस्तशिल्प निर्यात में तेजी से वृद्धि देखेंगे, जो राज्य के उद्योगों के लिए विजिबिलिटी और लाभ दोनों बढ़ाने में सहायक हो।”

उन्होंने बताया कि हम कारीगरों और उद्यमियों के साथ मिलकर काम करेंगे और निकट भविष्य में उन्हें बैग और कपड़ा उत्पादों के ऑर्डर देंगे। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर के वर्मा ने कहा कि “पटना में ईपीसीएचऑफिस बिहार के हस्तशिल्प निर्यात के भविष्य में एक निवेश है। उद्यमियों को सफल होने के लिए जरूरी साधनों से लैस करके – चाहे वो बेहतर डिज़ाइन के माध्यम से, या वैश्विक गुणवत्ता मानकों का पालन करके, या अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक सीधी पहुंच के माध्यम से हो – हम राज्य की निर्यात क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद करते हैं। हमारा लक्ष्य बिहार को वैश्विक हस्तशिल्प क्षेत्र में एक प्रमुख निर्यातक के रूप में पहचान दिलाना है।”

ईपीसीएच भारत से विभिन्न वैश्विक स्थलों पर भारतीय हस्तशिल्पों के निर्यात को बढ़ावा देने वाली एक नोडल संस्थान है, जो भारत को उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प के विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में पेश करती है। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर के वर्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में हस्तशिल्प का निर्यात 32,758.80 करोड़ रुपये (3,956.46 मिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया, इसमें पिछले वर्ष की तुलना में रुपये के संदर्भ में 9.13% और डॉलर के संदर्भ में 6.11% की वृद्धि दर्ज की गई। बिहार से 2023-24 वर्ष हस्तशिल्प का निर्यात लगभग 30 करोड़ रुपये का हुआ।

Previous Post

बुखारा के गवर्नर से सीतारमण ने की भेंट

Next Post

डीयू के छात्र संघ चुनाव के परिणाम शीघ्र घोषित किये जाएं: अभा‌विप

Related Posts

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी
देश

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

January 10, 2026
बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण
देश

बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

January 10, 2026
मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज
देश

मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

January 10, 2026
केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी
देश

केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी

January 10, 2026
विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !
स्पेशल स्टोरी

विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !

January 10, 2026
जब निगरानी तंत्र ही आँखें फेर ले: वाप्कोस लिमिटेड में भ्रष्टाचार की शिकायतें कैसे व्यवस्था के भीतर ही निष्प्रभावी कर दी गईं
देश

जब निगरानी तंत्र ही आँखें फेर ले: वाप्कोस लिमिटेड में भ्रष्टाचार की शिकायतें कैसे व्यवस्था के भीतर ही निष्प्रभावी कर दी गईं

January 10, 2026
Next Post
डीयू के छात्र संघ चुनाव के परिणाम शीघ्र घोषित किये जाएं: अभा‌विप

डीयू के छात्र संघ चुनाव के परिणाम शीघ्र घोषित किये जाएं: अभा‌विप

New Delhi, India
Sunday, January 11, 2026
Fog
6 ° c
100%
7.9mh
22 c 11 c
Mon
22 c 11 c
Tue

ताजा खबर

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

January 10, 2026
बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

January 10, 2026
मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

January 10, 2026
केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी

केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी

January 10, 2026
विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !

विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !

January 10, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved