• About us
  • Contact us
Saturday, April 18, 2026
26 °c
New Delhi
36 ° Sun
35 ° Mon
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

नयी पीढ़ी जागरूक हो, तो देश चंद्रयान भी बनाएगा, ‘चन्द्रशेखर महादेव का धाम भी सजाएगाः मोदी

News Desk by News Desk
February 8, 2024
in देश
नयी पीढ़ी जागरूक हो, तो देश चंद्रयान भी बनाएगा, ‘चन्द्रशेखर महादेव का धाम भी सजाएगाः मोदी
Share on FacebookShare on Twitter

नयी दिल्ली 08 फरवरी (कड़वा सत्य) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि जब देश की नयी पीढ़ी जागरूक हो, तो ये स्वाभाविक है कि देश चंद्रयान भी बनाएगा और ‘चन्द्रशेखर महादेव का धाम भी सजाएगा।
श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती गोस्वामी प्रभुपाद जी की 150वीं जयंती के अवसर पर यहां के भारत मंडपम् में बोलते हुए श्री मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि इस पुण्य आयोजन में आप सब संतों के बीच यहाँ उपस्थित हूँ और मैं अपना सौभाग्य मानता हूं कि आपमें से बहुत कई संतों के साथ मेरा निकट संपर्क रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभुपाद गोस्वामी जी की 150वीं जयंती हम ऐसे समय में मना रहे हैं, जब कुछ ही दिन पहले भव्य राममंदिर का सैकड़ों साल पुराना सपना पूरा हुआ है। आज आपके चेहरों पर जो उल्लास, जो उत्साह दिखाई दे रहा है, मुझे विश्वास है, इसमें रामलला के विराजमान होने की खुशी भी शामिल है। ये इतना बड़ा महायज्ञ, संतों की साधना से, उनके आशीर्वाद से ही पूरा हुआ है।
उन्होंने कहा कि आज हम सब अपने जीवन में ईश्वर के प्रेम को, कृष्ण लीलाओं को, और भक्ति के तत्व को इतनी सहजता से समझते हैं। इस युग में इसके पीछे चैतन्य महाप्रभु की कृपा की बहुत बड़ी भूमिका है। चैतन्य महाप्रभु, कृष्ण प्रेम के प्रतिमान थे। उन्होंने आध्यात्म और साधना को जन साधारण के लिए सुलभ बना दिया, सरल बना दिया। उन्होंने हमें बताया कि ईश्वर की प्राप्ति केवल सन्यास से ही नहीं, उल्लास से भी की जा सकती है। मैं अपना अनुभव बताता हूं। मैं इस परंपराओं में पला बढ़ा इंसान हूं। मेरे जीवन के जो अलग-अलग पड़ाव हैं उसमें एक पड़ाव कुछ और ही था। मैं उस माहौल में बैठता था, बीच में रहता था, भजन-कीर्तन चलते थे में कोने में बैठा रहता था, सुनता था, मन भर के जी भरकर के उस पल को जीता था लेकिन जुड़ता नहीं था, बैठा रहता था। पता नहीं एक बार मेरे मन को काफी विचार चले। मैंने सोचा ये दूरी किस चीज की है। वो क्या है जो मुझे रोक रहा है। जीता तो हूं, जुड़ता नहीं हूं। उसके बाद जब मैं भजन कीर्तन में बैठने लगा तो खुद भी ताली बजाना, जुड़ जाना और मैं देखता चला गया कि मैं उसमें रम गया था। मैंने चैतन्य प्रभु की इस परंपरा में जो सामर्थ्य है उसका साक्षात्कार किया हुआ है। अभी जब आप कर रहे थे तो मैं ताली बजाना शुरू हो गया। तो वहां लोगों को लग रहा है पीएम ताली बजा रहा है। पीएम ताली नहीं बजा रहा था, प्रभु भक्त ताली बजा रहा था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चैतन्य महाप्रभु ने हमें वो दिखाया कि श्रीकृष्ण की लीलाओं को, उनके जीवन को उत्सव के रूप में अपने जीवन में उतारकर कैसे सुखी हुआ जा सकता है। कैसे संकीर्तन, भजन, गीत और नृत्य से आध्यात्म के शीर्ष पर पहुंचा जा सकता है, आज कितने ही साधक ये प्रत्यक्ष अनुभव कर रहे हैं। जिसको अनुभव का आनंद होता है, मुझे उसका साक्षात्कार हुआ है। चैतन्य महाप्रभु ने हमें श्रीकृष्ण की लीलाओं का लालित्य भी समझाया, और जीवन के लक्ष्य को जानने के लिए उसका महत्व भी हमें बताया। इसीलिए, भक्तों में आज जैसी आस्था भागवत जैसे ग्रन्थों के प्रति है, वैसा ही प्रेम, चैतन्य चरितामृत और भक्तमाल के लिए भी है।
उन्होंने कहा कि चैतन्य महाप्रभु जैसी दैवीय विभूतियाँ समय के अनुसार किसी न किसी रूप से अपने कार्यों को आगे बढ़ाती रहती हैं। श्रील भक्तिसिद्धान्त प्रभुपाद, उन्हीं के संकल्पों की प्रतिमूर्ति थे। साधना से सिद्धि तक कैसे पहुंचा जाता है, अर्थ से परमार्थ तक की यात्रा कैसे होती है, श्रील भक्तिसिद्धान्त जी के जीवन में हमें पग-पग पर ये देखने को मिलता है। 10 साल से कम उम्र में प्रभुपाद जी ने पूरी गीता कंठस्थ कर ली। किशोरावस्था में उन्होंने आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कृत, व्याकरण, वेद-वेदांगों में विद्वता हासिल कर ली। उन्होंने ज्योतिष गणित में सूर्य सिद्धान्त जैसे ग्रन्थों की व्याख्या की। सिद्धान्त सरस्वती की उपाधि हासिल की, 24 वर्ष की उम्र में उन्होंने संस्कृत स्कूल भी खोल दिया। अपने जीवन में स्वामी जी ने 100 से अधिक किताबें लिखीं, सैकड़ों लेख लिखे, लाखों लोगों को दिशा दिखाई। श्री मोदी ने कहा कि मेरा जन्म तो गुजरात में हुआ है। गुजरात की पहचान ही है कि वैष्णव भाव कहीं भी जगे, गुजरात उससे जरूर जुड़ जाता है। खुद भगवान कृष्ण मथुरा में अवतरित होते हैं, लेकिन, अपनी लीलाओं को विस्तार देने के लिए वो द्वारका आते हैं। मीराबाई जैसी महान कृष्णभक्त राजस्थान में जन्म लेती हैं। लेकिन, श्रीकृष्ण से एकाकार होने वो गुजरात चली आती हैं। ऐसे कितने ही वैष्णव संत हैं, जिनका गुजरात की धरती से, द्वारिका से विशेष नाता रहा है। गुजरात के संत कवि नरसी मेहता उनकी भी जन्मभूमि भी । इसलिए, श्रीकृष्ण से संबंध, चैतन्य महाप्रभु की परंपरा, ये मेरे लिए जीवन का सहज स्वाभाविक हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि मैं 2016 में गौडीय मठ के शताब्दी समारोह में आप सबके बीच आया था। उस समय मैंने आपके बीच भारत की आध्यात्मिक चेतना पर विस्तार से बात की थी। कोई समाज जब अपनी जड़ों से दूर जाता है, तो वो सबसे पहले अपने सामर्थ्य को भूल जाता है। इसका सबसे बड़ा प्रभाव ये होता है कि, जो हमारी खूबी होती है, जो हमारी ताकत होती है, हम उसे ही लेकर हीनभावना का शिकार हो जाते हैं। भारत की परंपरा में, हमारे जीवन में भक्ति जैसा महत्वपूर्ण दर्शन भी इससे अछूता नहीं रहा। यहाँ बैठे युवा साथी मेरी बात से कनेक्ट कर पाएंगे, जब भक्ति की बात आती है, तो कुछ लोग सोचते हैं कि भक्ति, तर्क और आधुनिकता ये विरोधाभासी बातें हैं। लेकिन, असल में ईश्वर की भक्ति हमारे ऋषियों का दिया हुआ महान दर्शन है। भक्ति हताशा नहीं, आशा और आत्मविश्वास है। भक्ति भय नहीं, उत्साह है, उमंग है। राग और वैराग्य के बीच में जीवन में चैतन्य का भाव भरने का सामर्थ्य होता है भक्ति में। भक्ति वो है, जिसे युद्ध के मैदान में खड़े श्रीकृष्ण गीता के 12वें अध्याय में महान योग बताते हैं। जिसकी ताकत से निराश हो चुके अर्जुन अन्याय के खिलाफ अपना गाँडीव उठा लेते हैं। इसलिए, भक्ति पराभव नहीं, प्रभाव का संकल्प है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये विजय हमें दूसरों पर नहीं, ये विजय हमें अपने ऊपर हासिल करनी है। हमें युद्ध भी अपने लिए नहीं, बल्कि ‘धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे’ की भावना से मानवता के लिए लड़ना है और यही भावना हमारी संस्कृति में, हमारी रगों में रची-बसी हुई है। इसीलिए, भारत कभी सीमाओं के विस्तार के लिए दूसरे देशों पर हमला करने नहीं गया। जो लोग इतने महान दर्शन से अपरिचित थे, जो इसे समझे नहीं, उनके वैचारिक हमलों ने कहीं न कहीं हमारे मानस को भी प्रभावित किया। लेकिन, हम श्रील प्रभुपाद जैसे संतों के ऋणी हैं, जिन्होंने करोड़ों लोगों को पुनः सच के दर्शन कराए, उन्हें भक्ति की गौरव भावना से भर दिया। आज आज़ादी के अमृतकाल में ‘गुलामी की मानसिकता से मुक्ति’ का संकल्प लेकर देश संतों के उस संकल्प को आगे बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बलिदान देकर भी अमर रहने का आत्मविश्वास हमें भक्ति योग से मिलता है। इसीलिए, हमारे ऋषियों ने कहा है- ‘अमृत-स्वरूपा च’ अर्थात्, वह भक्ति अमृत स्वरूपा है। आज इसी आत्मविश्वास के साथ करोड़ों देशवासी राष्ट्र भक्ति की ऊर्जा लेकर अमृतकाल में प्रवेश कर चुके हैं। इस अमृतकाल में हमने अपने भारत को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। हम राष्ट्र को देव मानकर, ‘देव से देश’ का विज़न लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हमने अपनी ताकत अपनी विविधता को बनाया है, देश के कोने-कोने के सामर्थ्य, यही हमारी ऊर्जा, हमारी ताकत, हमारी चेतना है।साथियों,
उन्होंने कहा कि आज भारत की गति-प्रगति की हर तरफ चर्चा हो रही है। आधुनिक बुनियादी ढांचा में, उच्च तकनीक सेवाओं में भारत विकसित देशों की बराबरी कर रहा है। कितनी ही फील्ड्स में हम बड़े-बड़े देशों से आगे भी निकल रहे हैं। हमें लीडरशिप के रोल में देखा जा रहा है। लेकिन साथ ही, आज भारत का योग भी पूरी दुनिया में घर-घर पहुँच रहा है। हमारे आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की तरफ विश्व का विश्वास और बढ़ता चला जा रहा है। तमाम देशों के राष्ट्रपति और और प्रधानमंत्री आते हैं, प्रतिनिधिआते हैं, तो वो हमारे प्राचीन मंदिरों को देखने जाते हैं। इतनी जल्दी ये बदलाव आया कैसे? ये बदलाव आया कैसे? ये बदलाव आया है, युवा ऊर्जा से! आज भारत का युवा बोध और शोध, दोनों को साथ में लेकर के चलता है। हमारी नई पीढ़ी अब अपनी संस्कृति को पूरे गर्व से अपने माथे पर धारण करती है।
श्री मोदी ने कहा कि जब देश की नई पीढ़ी इतनी जागरूक हो, तो ये स्वाभाविक है कि देश चंद्रयान भी बनाएगा, और ‘चन्द्रशेखर महादेव का धाम भी सजाएगा। जब नेतृत्व युवा करेगा तो देश चंद्रमा पर रोवर भी उतारेगा, और उस स्थान को ‘शिवशक्ति’ नाम देकर अपनी परंपरा को पोषित भी करेगा। अब देश में वंदेभारत ट्रेन भी दौड़ेंगी, और वृन्दावन, मथुरा, अयोध्या का कायाकल्प भी होगा। मुझे ये बताते हुये भी खुशी हो रही है कि हमने नमामि गंगे योजना के तहत बंगाल के मायापुर में सुंदर गंगाघाट का निर्माण भी शुरू किया है। विकास और विरासत की ये, ये हमारा कदमताल 25 वर्षों के अमृतकाल में ऐसे ही अनवरत चलने वाला है, संतों के आशीर्वाद से चलने वाला है। संतों के आशीर्वाद से हम विकसित भारत का निर्माण करेंगे, और हमारा आध्यात्म पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा।
संतोष.अभय

Tags: f the new generation becomes awarethe country will also build Chandrayaanका धाम भी सजाएगाःचंद्रयान भी बनाएगाजागरूक होतो देशनयी पीढ़ीमोदी‘चन्द्रशेखर महादेव
Previous Post

अंडर-19 विश्वकप सेमीफाइनल में हारा पाकिस्तान, फाइनल में होगी भारत की ऑस्ट्रेलिया से भिड़ंत

Next Post

दस हजार 523 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी को मंजूरी

Related Posts

मोदी  ने आगा खान के निधन पर शोक जताया
देश

मोदी ने आगा खान के निधन पर शोक जताया

February 6, 2025
भारत व इंडोनेशिया के संबंध विरासत का, विज्ञान का व विश्वास का :मोदी
देश

भारत व इंडोनेशिया के संबंध विरासत का, विज्ञान का व विश्वास का :मोदी

February 2, 2025
कांग्रेस ‘परिवार’ के सदस्य ने किया आदिवासियों का अपमान : मोदी
देश

कांग्रेस ‘परिवार’ के सदस्य ने किया आदिवासियों का अपमान : मोदी

January 31, 2025
मोदी का दिल्लीवासियों से वादा, भाजपा सरकार बनी तो राजधानी दुनिया का एक मॉडल शहर बनेगी
देश

मोदी का दिल्लीवासियों से वादा, भाजपा सरकार बनी तो राजधानी दुनिया का एक मॉडल शहर बनेगी

January 29, 2025
प्रयागराज में हुई भगदड़ की घटना बेहद दुखद: मुर्मु, मोदी
देश

प्रयागराज में हुई भगदड़ की घटना बेहद दुखद: मुर्मु, मोदी

January 29, 2025
मोदी ने महाकुंभ में भगदड़ को लेकर योगी से की बात
देश

मोदी ने महाकुंभ में भगदड़ को लेकर योगी से की बात

January 29, 2025
Next Post
दस हजार 523 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी को मंजूरी

दस हजार 523 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी को मंजूरी

New Delhi, India
Saturday, April 18, 2026
Mist
26 ° c
54%
4.3mh
41 c 31 c
Sun
41 c 29 c
Mon

ताजा खबर

Rahul Gandhi FIR: ब्रिटिश नागरिकता मामले में राहुल गांधी की बढ़ी मुश्किलें, हाई कोर्ट ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश

Rahul Gandhi FIR: ब्रिटिश नागरिकता मामले में राहुल गांधी की बढ़ी मुश्किलें, हाई कोर्ट ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश

April 18, 2026
Women Reservation Bill: लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण बिल, जानिए पास होने के लिए कितने वोट कम पड़े

Women Reservation Bill: लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण बिल, जानिए पास होने के लिए कितने वोट कम पड़े

April 18, 2026
‘पंचायत’ के ‘विकास’ ने पटना में बढ़ाया युवाओं का हौसला, एमिटी फिल्म फेस्टिवल 2026 का शानदार समापन

‘पंचायत’ के ‘विकास’ ने पटना में बढ़ाया युवाओं का हौसला, एमिटी फिल्म फेस्टिवल 2026 का शानदार समापन

April 17, 2026
अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कें शानदार बनेंगी, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रखी आधारशिला

अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कें शानदार बनेंगी, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रखी आधारशिला

April 17, 2026
पंजाब में ई.डी. के माध्यम से भाजपा का चुनावी खेल जारी, तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर छापे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब में ई.डी. के माध्यम से भाजपा का चुनावी खेल जारी, तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर छापे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

April 17, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved