• About us
  • Contact us
Sunday, January 11, 2026
10 °c
New Delhi
15 ° Mon
15 ° Tue
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home मनोरंजन बॉलीवुड

रूमानी गीतों से दीवाना बनाया था अंजान ने

News Desk by News Desk
September 13, 2024
in बॉलीवुड
रूमानी गीतों से दीवाना बनाया था अंजान ने
Share on FacebookShare on Twitter

पुण्यतिथि 13 सिंतबर के अवसर पर

मुंबई, 13 सितंबर (कड़वा सत्य) लगभग तीन दशक से अपने रचित गीतो से हिन्दी फिल्म जगत को सराबोर करने वाले गीतकार अंजान के रूमानी नज्म आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेते है ।

28 अक्टूबर 1930 को बनारस मे जन्में अंजान को बचपन के दिनों से हीं उन्हें शेरो शायरी के प्रति गहरा लगाव था। अपने इसी शौक को पूरा करने के लिये वह बनारस मे आयोजित सभी कवि सम्मेलन और मुशायरों के कार्यक्रम में हिस्सा लिया करते थे। हांलाकि मुशायरो के कार्यक्रम मे भी वह उर्दू का इस्तेमाल कम हीं किया करते थे। जहां हिन्दी फिल्मों में उर्दू का इस्तेमाल एक पैशन की तरह किया जाता था। वही अंजान अपने रचित गीतों मे हिन्दी पर ही ज्यादा जोर दिया करते थे।

गीतकार के रूप मे अंजान ने अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 1953 मे अभिनेता  नाथ की फिल्म ..गोलकुंडा का कैदी ..से की। इस फिल्म के लिये सबसे पहले उन्होंने ..लहर ये डोले कोयल बोले ..और शहीदो अमर है तुम्हारी कहानी गीत लिखा लेकिन इस फिल्म के जरिये वह कुछ खास पहचान नहीं बना पाये। अंजान ने अपना संघर्ष जारी रखा। इस बीच उन्हाेंने कई छोटे बजट फिल्में भी की जिनसे उन्हे कुछ खास फायदा नहीं हुआ। अचानक हीं उनकी मुलाकात जी. एस. कोहली से हुयी जिनमे संगीत निर्देशन मे उन्होंने फिल्म लंबे हाथ के लिये ..मत पूछ मेरा है मेरा कौन ..गीत लिखा। इस गीत के जरिये वह काफी हद तक बनाने मे सफल हो गये।

लगभग दस वर्ष तक मायानगरी मुंबई मे संघर्ष करने के बाद वर्ष 1963 में पंडित रविशंकर के संगीत से सजी  चंद के उपन्यास गोदान पर आधारित फिल्म ..गोदान.. में अंजान के रचित गीत ..चली आज गोरी पिया की नगरिया .. की सफलता के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। गीतकार अंजान को इसके बाद कई अच्छी फिल्मो के प्रस्ताव मिलने शुरू हो गये। जिनमे बहारे फिर भी आयेगी, बंधन, कब क्यों और कहां, उमंग, रिवाज ,एक नारी एक बह्चारी और हंगामा जैसी कई फिल्में शामिल है ।साठ के दशक में अंजान ने संगीतकार श्याम सागर के संगीत निर्देशन में कई गैर फिल्मी गीत भी लिखे।

अंजान द्वारा रचित इन गीतो को बाद में मोहम्मद रफी, मन्ना डे और सुमन कल्याणपुरी जैसे गायको ने अपना स्वर दिया। जिनमे मोहम्मद रफी द्वारा गाया गीत ..मै कब गाता.. काफी लोकप्रिय भी हुआ था। अंजान ने कई भोजपुरी फिल्मो के लिये भी गीत लिखे। जिनमे सत्तर के दशक में बलम परदेसिया का ..गोरकी पतरकी के मारे गुलेलवा.. गाना आज भी लोगो के जुबान पर चढ़ा हुआ है।

अंजान के सिने कैरियर पर यदि नजर डाले तो सुपरस्टार अमिताभ बच्चन पर फिल्माये उनके रचित गीत कापी लोकप्रिय हुआ करते थे। वर्ष 1976 में प्रदर्शित फिल्म दो अंजाने के.. लुक छिप लुक छिप जाओ ना ..गीत की कामयाबी के बाद अंजान ने अमिताभ बच्चन के लिये कई सफल गीत लिखे जिनमें ..बरसो पुराना ये याराना, खून पसीने की मिलेगी तो खायेंगे, रोते हुये आते है सब, ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, खइके पान बनारस वाला जैसे कई सदाबहार गीत शामिल है।

अमिताभ बच्चन के अलाव मिथुन चक्रवर्ती की फिल्मो के लिये भी अंजान ने सुपरहिट गीत लिखकर उनकी फिल्मों को सफल बनाया है। इन फिल्मों में डिस्को डांसर, डांस डांस, कसम पैदा करने वाले, करिश्मा कुदरत का, कमांडो, हम इंतजार करेंगे, दाता और दलाल आदि फिल्में शामिल है। जाने माने निर्माता-निर्देशक प्रकाश मेहरा की फिल्मों के लिये अंजान ने गीत लिखकर उनकी फिल्मों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उनकी सदाबहार गीतों के कारण हीं प्रकाश मेहरा की ज्यादातार फिल्मे अपने गीत-संगीत के कारण हीं आज भी याद की जाती है ।

अंजान के पसंदीदा संगीतकार के तौर पर कल्याण जी आनंद जी का नाम सबसे उपर आता है। अंजान ने अपने तीन दशक से भी ज्यादा लंबे सिने कैरियर में लगभग 200 फिल्मो के लिये गीत लिखे। लगभग तीन दशको तक हिन्दी सिनेमा को अपने गीतों से संवारने वाले अंजान 67 वर्ष की आयु मे 13 सिंतबर 1997 को सबो से अलविदा कह गये। अंजान के पुत्र समीर ने बतौर गीतकार फिल्म इंडस्ट्री ने अपनी खास पहचान बनायी है।

 

कड़वा सत्य

Tags: buyDeewanaLyricist AnjaanMumbairomanticSongsगीतकार अंजानगीतोंदीवानाबनायामुंबईरूमानी
Previous Post

मांडविया ने सेवानिवृत्त खिलाड़ियों से रीसेट कार्यक्रम के लिए आवेदन करने का किया आह्वान

Next Post

आयुष्‍मान डिजिटल के लिए कैटालिस्‍ट मैनेजमेंट सर्विसेस – पि ल फाउंडेशन की साझेदारी

Related Posts

Aadhaar-UAN Link: EPFO ने किया प्रोसेस बेहद आसान, अब 7 स्टेप में तुरंत होगा काम
अभी-अभी

Aadhaar-UAN Link: EPFO ने किया प्रोसेस बेहद आसान, अब 7 स्टेप में तुरंत होगा काम

August 17, 2025
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे का बड़ा आरोप, ‘अगर न्याय नहीं मिला तो मर जाएगा लोकतंत्र’, सुप्रीम कोर्ट से की यह अपील
देश

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे का बड़ा आरोप, ‘अगर न्याय नहीं मिला तो मर जाएगा लोकतंत्र’, सुप्रीम कोर्ट से की यह अपील

August 14, 2025
Delhi-Mumbai Expressway Accident: Delhi-Mumbai Expressway पर बड़ा सड़क हादसा, मिनी बस ट्रक से टकराई, , 4 की मौत, 10 घायल
देश

Delhi-Mumbai Expressway Accident: Delhi-Mumbai Expressway पर बड़ा सड़क हादसा, मिनी बस ट्रक से टकराई, , 4 की मौत, 10 घायल

July 14, 2025
अक्षय ओबेरॉय ने खरीदी वोल्वो सी40
बॉलीवुड

अक्षय ओबेरॉय ने खरीदी वोल्वो सी40

February 6, 2025
वागले की दुनिया एक संवेदनशील कहानी,दर्शक इससे गहराई से जुड़ेंगे: सुमित राघवन
मनोरंजन

वागले की दुनिया एक संवेदनशील कहानी,दर्शक इससे गहराई से जुड़ेंगे: सुमित राघवन

February 6, 2025
33 वर्ष की हुयी नोरा फतेही
मनोरंजन

33 वर्ष की हुयी नोरा फतेही

February 6, 2025
Next Post
आयुष्‍मान डिजिटल के लिए कैटालिस्‍ट मैनेजमेंट सर्विसेस - पिरामल फाउंडेशन की साझेदारी

आयुष्‍मान डिजिटल के लिए कैटालिस्‍ट मैनेजमेंट सर्विसेस - पि ल फाउंडेशन की साझेदारी

New Delhi, India
Sunday, January 11, 2026
Clear
10 ° c
42%
7.9mh
21 c 10 c
Mon
21 c 11 c
Tue

ताजा खबर

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

January 10, 2026
बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

January 10, 2026
मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

January 10, 2026
केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी

केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी

January 10, 2026
विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !

विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !

January 10, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved