• About us
  • Contact us
Sunday, March 22, 2026
27 °c
New Delhi
28 ° Mon
29 ° Tue
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

सुप्रीम कोर्ट का हिमाचल को निर्देश, दिल्ली को 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी दे

News Desk by News Desk
June 6, 2024
in देश
सुप्रीम कोर्ट का हिमाचल को निर्देश, दिल्ली को 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी दे
Share on FacebookShare on Twitter

नयी दिल्ली, 06 जून (कड़वा सत्य) उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह मौजूदा गर्मी के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में गंभीर पेयजल संकट के मद्देनजर उसके पास उपलब्ध 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी शुक्रवार को दिल्ली के लिए छोड़ दे।
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली सरकार की रिट याचिका पर आदेश पारित करते हुए अपर यमुना रिवर वाटर बोर्ड को निर्देश दिया कि वह दिल्ली को पानी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा के हथिनी कुंड में अतिरिक्त आपूर्ति को मापे। पीठ ने हरियाणा को नहरों के माध्यम से पानी का मार्ग देने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “चूंकि हिमाचल प्रदेश दिल्ली को अतिरिक्त पानी की आपूर्ति करने के लिए तैयार और इच्छुक है, इसलिए हम उस राज्य को ऊपरी धारा से 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ने का निर्देश देते हैं। जब भी हिमाचल प्रदेश द्वारा अतिरिक्त पानी छोड़ा जाएगा, हरियाणा के हथिनी कुंड के माध्यम से अतिरिक्त पानी के प्रवाह की सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि इसे दिल्ली को पेयजल के लिए उपलब्ध कराया जा सके।”
पीठ ने यह भी कहा, “हम इस तथ्य से अवगत हैं कि गंभीर संकट को देखते हुए पानी की बर्बादी नहीं होनी चाहिए।”
शीर्ष अदालत के समक्ष सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार के अधिवक्ता ने दलील दी कि हिमाचल प्रदेश में पानी की उपलब्धता का कोई रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हथिनी कुंड बैराज से अतिरिक्त उपलब्ध पानी की आपूर्ति को मापने के लिए कोई तंत्र नहीं है।
इस पर दिल्ली सरकार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने कहा कि पानी की आवश्यकता आपातकालीन और एक बार के उपाय के रूप में है।
उन्होंने कहा, “अगर हिमाचल प्रदेश विनम्रता और शालीनता दिखा रहा और कह रहा है कि वह पानी छोड़ सकता है, तो हम उसकी (हरियाणा की) जिद को नहीं समझते। यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है। हरियाणा ने हर चीज में बाधा डाली।”
इस पर पीठ ने कहा, “हमें नहीं पता कि राजनीति कौन कर रहा है…लेकिन कल, यह शिकायत नहीं होनी चाहिए कि हिमाचल प्रदेश पानी दे रहा, लेकिन हरियाणा पानी नहीं छोड़ रहा है।
पीठ ने बोर्ड की बैठक की कार्यवाही पर भरोसा किया, जिसके बारे में उसने कहा कि इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि संबंधित सदस्य राज्यों ने इस बात का खंडन या विवाद नहीं किया है कि दिल्ली में असाधारण गर्मी चल रही है। पीठ ने आगे कहा, “हालांकि, इसमें यह दर्ज है कि हरियाणा भी इसी तरह की स्थिति का सामना कर रहा, लेकिन यह दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं है कि उसे दिल्ली जैसे संकट का सामना करना पड़ा है।”
उच्चतम न्यायालय ने तीन जून को अपर यमुना रिवर जल बोर्ड से कहा था कि दिल्लीवासियों के सामने आने वाले पानी संकट के मद्देनजर सभी संबंधित राज्यों की एक आपात बैठक पांच जून को आयोजित कर छह जून तक शीर्ष अदालत में पानी आपूर्ति से संबंधित स्थिति रिपोर्ट पेश करें।
पीठ ने केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से तब कहा था कि पांच जून को बोर्ड की बैठक आयोजित करें, क्योंकि चार जून को लोकसभा चुनावों की मतगणना है।
श्री मेहता ने पीठ के समक्ष दिल्ली सरकार पर पानी बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि बोर्ड बैठक कर अतिरिक्त पानी की व्यवस्था कर सकता है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी को आपूर्ति किए जाने वाले पानी का लगभग 50 फीसदी से अधिक अपव्यय को रोकना चाहिए।
शीर्ष अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए हिमाचल प्रदेश ने कहा था कि वह हरियाणा के माध्यम से दिल्ली में पानी लाने वाली नहरों के जरिए अपना अतिरिक्त उपलब्ध पानी दिल्ली को देने के लिए तैयार है।
दिल्ली सरकार ने भीषण गर्मी के कारण राष्ट्रीय राजधानी में गंभीर पानी संकट के मद्देनजर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश सरकारों को एक माह के लिए अतिरिक्त पानी आपूर्ति करने का निर्देश देने की गुहार लगाते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अपनी याचिका में दिल्ली के लोगों को पानी की समस्या से जूझते देख शीर्ष अदालत से अनुरोध किया था कि वह हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश सरकारों को कम से कम एक महीने के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने के वास्ते तत्काल उचित निर्देश या आदेश जारी करे।
‘आप’ सरकार ने अपनी याचिका में कहा, “ हर व्यक्ति को पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए, क्योंकि यह उसके बुनियादी मानवाधिकारों में से एक है। पानी न केवल जीवनयापन के लिए आवश्यक है, बल्कि उसे हासिल करना उनके लिए संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा और जीवन की गुणवत्ता की सुनिश्चित करने का एक अनिवार्य घटक भी है।”
केजरीवाल सरकार ने अपनी याचिका में कहा, ‘वर्तमान जल संकट गर्मी चरम पर होने और पानी की कमी के कारण आने वाले समय में और भी बदतर हो सकता है। पानी संकट दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोगों के गरिमापूर्ण और गुणवत्तापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन करता है।”
गौरतलब है कि हाल में दिल्ली का तापमान लगभग 50 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। फिलहाल लोगों को भीषण गर्मी से अब तक कोई राहत नहीं मिल पाई है।
 ,  
कड़वा सत्य

Tags: 137 cusecs137 क्यूसेकadditionalDelhidirectsHimachalSupreme Courtwaterअतिरिक्तदिल्लीदेनिर्देशपानीसुप्रीम कोर्टहिमाचल
Previous Post

गढ़वाल और नॉर्दन यूनाइटेड की करीबी जीत

Next Post

रुपया आठ पैसे लुढ़का

Related Posts

SC का बड़ा फैसला: शिक्षक सेवा और प्रमोशन के लिए अब अनिवार्य होगा TET, जानें किसे मिली राहत
देश

SC का बड़ा फैसला: शिक्षक सेवा और प्रमोशन के लिए अब अनिवार्य होगा TET, जानें किसे मिली राहत

September 2, 2025
सुप्रीम कोर्ट ने सीएलएटी-2025 नतीजे संबंधी सभी लंबित मामले दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित किया
देश

सुप्रीम कोर्ट ने सीएलएटी-2025 नतीजे संबंधी सभी लंबित मामले दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित किया

February 6, 2025
आसाराम डॉक्यूमेंट्री विवाद पर केंद्र, राज्य सरकारों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
देश

आसा  डॉक्यूमेंट्री विवाद पर केंद्र, राज्य सरकारों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

February 6, 2025
दिल्ली हवाईअड्डे पर दो यात्रियों से 7.8 करोड़ मूल्य के 10 किलो सोने के सिक्के जब्त
देश

दिल्ली हवाईअड्डे पर दो यात्रियों से 7.8 करोड़ मूल्य के 10 किलो सोने के सिक्के जब्त

February 6, 2025
दिल्ली में भाजपा सरकार बनाती दिख रही : एग्जिट पोल
देश

दिल्ली में भाजपा सरकार बनाती दिख रही : एग्जिट पोल

February 6, 2025
दिल्ली विस चुनाव के लिए मतदान संपन्न , औसतन 57.86 प्रतिशत मतदान
देश

दिल्ली विस चुनाव के लिए मतदान संपन्न , औसतन 57.86 प्रतिशत मतदान

February 6, 2025
Next Post
रुपया आठ पैसे लुढ़का

रुपया आठ पैसे लुढ़का

New Delhi, India
Sunday, March 22, 2026
Sunny
27 ° c
42%
14.4mh
33 c 23 c
Mon
35 c 23 c
Tue

ताजा खबर

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला के लिए बड़ी घोषणा, मेडिकल कॉलेज होगा स्थापित, एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला के लिए बड़ी घोषणा, मेडिकल कॉलेज होगा स्थापित, एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी

March 22, 2026
पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए विधायक पूरी ज़िम्मेदारी लें और हर गांव की रोज़ की जवाबदेही सुनिश्चित करें: मनीष सिसोदिया

पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए विधायक पूरी ज़िम्मेदारी लें और हर गांव की रोज़ की जवाबदेही सुनिश्चित करें: मनीष सिसोदिया

March 22, 2026
आयुष्मान भारत योजना में शर्तें लागू, जबकि ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की गारंटी देती है, फर्क इरादे में है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

व्यापक औद्योगिक निवेश ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और शासन में हुए सुधारों पर मुहर लगाई: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 22, 2026
भगवंत सिंह मान सरकार ‘बेअदबी’ के मामलों पर कोई नरमी नहीं बरतेगी; ‘आप’ सरकार 13 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में सख्त सज़ाओं के लिए बेअदबी विरोधी कानून में संशोधन करेगी

भगवंत सिंह मान सरकार ‘बेअदबी’ के मामलों पर कोई नरमी नहीं बरतेगी; ‘आप’ सरकार 13 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में सख्त सज़ाओं के लिए बेअदबी विरोधी कानून में संशोधन करेगी

March 22, 2026
पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण उद्योग पंजाब से बाहर गए, हम उद्योग-समर्थक नीतियों से उन्हें वापस ला रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण उद्योग पंजाब से बाहर गए, हम उद्योग-समर्थक नीतियों से उन्हें वापस ला रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 21, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved