नयी दिल्ली 12 सितम्बर (कड़वा सत्य) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायु सेना के बहुराष्ट्रीय अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ को भागीदार देशों के साथ सहयोग, समन्वय और विश्वास को मजबूत करने का अवसर करार दिया है।
श्री सिंह ने जोधपुर में बहुराष्ट्रीय अभ्यास के दूसरे चरण के मौके पर कहा कि तरंग शक्ति के माध्यम से भारत ने सभी भागीदार देशों के साथ अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत किया है तथा उनमें विश्वास पैदा किया है कि जब भी जरूरत होगी हम सब एक साथ खड़े होंगे।
सह-अस्तित्व और सहयोग के भारत के दृष्टिकोण को दोहराते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, “ हमारा देश सभी देशों को एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ने में विश्वास रखता है। जब इतनी जटिलता और बड़े पैमाने का अभ्यास होता है, तो विभिन्न कार्य संस्कृतियों, हवाई युद्ध के अनुभव और युद्ध लड़ने के सिद्धांतों वाले सैनिक एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखते हैं।”
रक्षा मंत्री ने कहा, “आज का ऐतिहासिक कार्यक्रम भारतीय वायु सेना की शानदार उपलब्धियों का जश्न मनाने का अवसर है। हम न केवल सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने की उपलब्धियों का जश्न मना रहे हैं, बल्कि इस बात पर भी गर्व कर रहे हैं कि हमारे सशस्त्र बलों को अब दुनिया में सबसे शक्तिशाली में से एक माना जा रहा है।”
श्री सिंह ने कहा कि आजादी के समय भारतीय वायु सेना के पास दो प्रकार के विमानों के केवल छह स्क्वाड्रन थे। इसी प्रकार युद्ध के बाकी उपकरण भी न केवल पुराने थे बल्कि संख्या में भी सीमित थे। लेकिन आज, दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ और आधुनिक विमानों और अगली पीढ़ी के उपकरणों से सुसज्जित, भारतीय वायु सेना ने खुद को बदल दिया है।
फ्रांसीसी कंपनी सफरान हेलीकॉप्टर इंजन के साथ हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के हाल के सहयोग का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने खुद को केवल हथियारों और उपकरणों के आयातक से एक ऐसे देश में बदल दिया है जो आज लगभग 90 देशों को हथियार और उपकरण निर्यात करता है। उन्होंने कहा,“ घरेलू रक्षा क्षेत्र ने हथियारों, प्लेटफार्मों, विमानों आदि के विनिर्माण में स्वदेशीकरण की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। आज हम हल्के लड़ाकू विमान, सेंसर, रडार के निर्माण और कार्यान्वयन में काफी हद तक आत्मनिर्भर हो गए हैं।”
संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी अभ्यास तरंग शक्ति में विशिष्ट कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी, वरिष्ठ सैन्यकर्मियों तथा मित्र देशों के प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में अग्निवीर वायु महिला ड्रिल टीम के साथ साथ लड़ाकू विमान तेजस और प्रचंड और सारंग हेलिकॉप्टर ने अपने करतब दिखाये।
रक्षा मंत्री ने प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय रक्षा और एयरोस्पेस एक्सपो का उद्घाटन किया जिसमें स्वदेशी रक्षा विनिर्माण और एयरोस्पेस नवाचार के लिए भारत की प्रतिबद्धता प्रदर्शित की गयी।
कड़वा सत्य