गुवाहाटी/ढाका 10 अगस्त (कड़वा सत्य) सुश्री शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा और देश छोड़ने के बाद से बंगलादेश में हिंदुओं पर कथित तौर पर जुल्म और सितम बढते ही जा रहे हैं। इस बीच गुवाहाटी में प्रदर्शनकारियों ने बंगलादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली कार्यवाहक सरकार के सामने अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकने के लिए कदम उठाने के लिए आठ सूत्री मांग रखी है।
गुवाहाटी में बंगलादेश के सहायक उच्चायोग के बाहर दक्षिणपंथी समूह के लोगों ने शनिवार को विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वहां पर हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की कड़ी आलोचना की।
प्रदर्शनकारियों ने हिंदूओं के घर व व्यवसाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने, न्यायिक जांच के माध्यम से हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी और सजा सुनिश्चित करने, बर्बरता, लूट और यातना का सामना करने वाले हिंदू अल्पसंख्यकों को मुआवजा देने, ‘हिंदू कल्याण ट्रस्ट’ को सरकार के प्रभाव और हस्तक्षेप से मुक्त एक स्वायत्त निकाय के रूप में परिवर्तित करने, ‘अल्पसंख्यक आयोग’ का गठन, आयोग उत्पीड़ित हिंदू अल्पसंख्यकों को न्याय दिलाने में मदद करे, हिन्दू मंदिरों के लिए प्रतिभूतियों की व्यवस्था करने, सीमावर्ती जिलों से हिंदू अल्पसंख्यकों को वापस लाएं जो भारत जाने के लिए अपना घर छोड़ चुके हैं। उन्हें सुरक्षा देने तथा विभिन्न सरकारी इकाइयों में हिंदू अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग शामिल है।
हिंदुओं ने घोषणा की कि वे तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
बंगलादेश के हिंदू और अल्पसंख्यक वहां बिल्कुल भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। उनके घरों को लूटा जा रहा है, उन पर हमले किए जा रहे हैं, हालात इतने खराब हैं कि वहां पर उनका जीना मुहाल हो गया है। हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की ऐसी स्थिति को लेकर भारत भी काफी चिंता में है। असम के गुवाहाटी में विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने बंगलादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली कार्यवाहक सरकार के सामने अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकने के लिए कदम उठाने के वास्ते ये मांग रखी है। पिछले हफ्ते की शुरुआत में सुश्री शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद से ही वहां पर अल्पसंख्यक समुदायों विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ जमकर हिंसा हो रही है। पच्चीस से ज्यादा जिलों में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। घुसपैठ के मद्देनजर उत्तरी बंगाल की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। सीमा पर बड़ी संख्या में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवानों को तैनात किया गया है।
बीएसएफ ने बॉर्डर गार्ड बंगलादेश की मदद से शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में बंगलादेश से लगती सीमा पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। सीमा सुरक्षा बल के एक प्रवक्ता के अनुसार, बीएसएफ को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में भारत-बंगलादेश सीमा पर लगभग 1,000 बंगलादेशी नागरिकों के सीमा पर आने की बात पता चली, जो भारत में शरण लेने के इरादे से सीमा पर आ रहे थे।
जानकारी मिलने पर बीएसएफ ने तुरंत इन बंगलादेशी नागरिकों को वापस लेने के लिए बीजीबी से संपर्क किया। इसके बाद दोनों एजेंसियों की तरफ से यह सुनिश्चित किया गया कि सीमा पर शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति नियंत्रित की जाए। कूचबिहार जिले के स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करके बीएसएफ की त्वरित कार्रवाई ने मुद्दे को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कड़वा सत्य