• About us
  • Contact us
Wednesday, June 3, 2026
35 °c
New Delhi
38 ° Thu
35 ° Fri
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home राजनीति

सदनों में सहमति-असहमति पर मर्यादित बहस से लोकतंत्र मजबूत होता है :बिरला

News Desk by News Desk
September 27, 2024
in राजनीति
सदनों में सहमति-असहमति पर मर्यादित बहस से लोकतंत्र मजबूत होता है :बिरला
Share on FacebookShare on Twitter

एजल (मिज़ोरम) 27 सितंबर (कड़वा सत्य) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधायी कार्यों में जनता की  ओं और अपेक्षाओं को प्रमुखता देने पर जोर देते हुए कहा है कि सदनों में सहमति-असहमति पर मर्यादित बहस से लोकतंत्र मजबूत होता है।
श्री बिरला ने शुक्रवार को यहां मिज़ोरम विधान सभा में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन -3 के 21वें सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में यह बात कही। इस अवसर पर मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा, राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश, नागालैंड विधानसभा के अध्यक्ष और सीपीए इंडिया क्षेत्र, जोन – 3 के अध्यक्ष शेरिंगेन लोंगकुमेर, मिजोरम विधानसभा के अध्यक्ष लालबियाकजामा और मिजोरम विधानसभा के उपाध्यक्ष लालफामकिमा उपस्थित रहे। मिजोरम विधानसभा के सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस सम्मेलन में शामिल हुए।
सम्मलेन के मुख्य विषय, ‘लोकतान्त्रिक शुचिता, पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतंत्र से परिणाम’ पर बोलते हुए श्री बिरला ने कहा कि विधायी शुचिता और पारदर्शिता लोकतंत्र को सशक्त करने में सहायक सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि विधायिका की शुचिता बनाए रखना पीठासीन अधिकारियों का विशेष दायित्व है और इस दिशा में उन्हें सदैव सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदस्यों के गरिमामयी आचरण से पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। विधायी कार्य में जनता की  ओं और अपेक्षाओं को प्रमुखता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतन्त्र तभी सशक्त होता है, जब सदन सहमति – असहमति के बावजूद सामूहिक रूप से, गरिमा और शालीनता से लोकहित के विषयों पर चर्चा और संवाद करता हैं।
इस बात पर जोर देते हुए कि विधानमंडल आम लोगों से संबंधित मुद्दों पर उपयोगी चर्चा के लिए मंच हैं, श्री बिरला ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को विधानमंडल के मंच का उपयोग लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों का विधायी संस्थाओं पर विश्वास बढ़ेगा, विधि निर्माण की गुणवत्ता बढ़ेगी और और विधायी संस्थाओं की गरिमा भी बढ़ेगी।
विधायिका के कार्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि विधायिका को विधि और नीति निर्माण के साथ साथ शासन की जवाबदेही पर जोर देना चाहिए जिससे आम नागरिकों के जीवन में सामाजिक आर्थिक परिवर्तन लाया जा सके ।
विधानमंडलों की कार्यकुशलता और प्रभाव में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि विधायी कार्य में डिजिटल प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने विचार व्यक्त किया कि इन संस्थानों में डिजिटल तकनीक का प्रयोग विधायी प्रक्रिया में जन भागीदारी को बढ़ता है, शोध और नवान्वेषण को बढ़ता है और संसदीय समिति प्रणाली को और मजबूत करता है जिससे विधायिका जन कल्याण का सर्वोत्तम माध्यम बनती है । उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि विधायकों को प्रशिक्षित किया जाए, सदन में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढे और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
इस अवसर पर उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत की भी सराहना की। पूर्वोत्तर क्षेत्र की विधान सभाओं द्वारा पारित कई जनकल्याणकारी कानूनों के सन्दर्भ में श्री बिरला ने कहा कि इन संस्थाओं ने स्थानीय विषयों पर टेक्नॉलजी का प्रयोग करके सदनों को जनोन्मुखी बनाया है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में आए आमूलचूल परिवर्तन और विकास के सन्दर्भ में श्री बिरला ने कहा कि हाल के वर्षों में भौतिक, डिजिटल और सोशल कनेक्टिविटी बढ़ाने पर किए गए कार्यों ने इस क्षेत्र को एक सीमांत क्षेत्र से प्रथम क्षेत्र बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत का संकल्प को पूरा करने में पूर्वोत्तर भारत की बड़ी भूमिका है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में पूर्वोत्तर क्षेत्र की विधायिकाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर श्री बिरला ने मिजोरम विधान सभा पुस्तकालय के अभिलेख अनुभाग का उद्घाटन भी किया।
 . 
कड़वा सत्य

Tags: emphasises on giving priority to the hopes and expectations of the people in legislative workएजल (मिज़ोरम) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरलाविधायी कार्यों में जनता की आशाओं और अपेक्षाओं को प्रमुखता देने पर जोर Aizawl (Mizoram) Lok Sabha Speaker Om Birla
Previous Post

‘सोने पर 15 वर्ष में औसत वार्षिक प्रतिफल 11.7 प्रतिशत, अभी बढ़ सकते हैं भाव’

Next Post

खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएं:साय

Related Posts

No Content Available
Next Post
खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएं:साय

खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएं:साय

New Delhi, India
Wednesday, June 3, 2026
Mist
35 ° c
42%
5.4mh
43 c 34 c
Thu
42 c 27 c
Fri

ताजा खबर

भगवंत मान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का किया विस्तार; निजी अस्पतालों में 17 और इलाजों को मंजूरी, अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी मिलेगा कैशलेस इलाज

भगवंत मान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का किया विस्तार; निजी अस्पतालों में 17 और इलाजों को मंजूरी, अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी मिलेगा कैशलेस इलाज

June 3, 2026
मान सरकार द्वारा सबसे बड़े सीवरेज सफाई अभियान की शुरुआत; मानसून से पहले 2200 किलोमीटर सीवरेज लाइनों और 1400 हॉटस्पॉटों की होगी सफाई: हरजोत सिंह बैंस

मान सरकार द्वारा सबसे बड़े सीवरेज सफाई अभियान की शुरुआत; मानसून से पहले 2200 किलोमीटर सीवरेज लाइनों और 1400 हॉटस्पॉटों की होगी सफाई: हरजोत सिंह बैंस

June 3, 2026
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कर्मचारी यूनियनों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की, लंबित मुद्दों के जल्द समाधान के दिए निर्देश

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कर्मचारी यूनियनों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की, लंबित मुद्दों के जल्द समाधान के दिए निर्देश

June 3, 2026
Jal Shakti Ministry PSUs under CBI Radar: वाप्कोस और एनपीसीसी में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा, ‘सिफारिश आधारित चयन’ और जाली दस्तावेजों का खेल, सुमिर चावला और प्रदीप कुमार के नाम विजिलेंस इनपुट्स में शामिल

Jal Shakti Ministry PSUs under CBI Radar: वाप्कोस और एनपीसीसी में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा, ‘सिफारिश आधारित चयन’ और जाली दस्तावेजों का खेल, सुमिर चावला और प्रदीप कुमार के नाम विजिलेंस इनपुट्स में शामिल

June 3, 2026
बीएचयू: परंपरा से सौदेबाज़ी का अड्डा तक

बीएचयू: परंपरा से सौदेबाज़ी का अड्डा तक

June 3, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved