नयी दिल्ली 03 सितंबर (कड़वा सत्य) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यहां आयोजित एक बैठक में सड़क , परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ ही संचार मंत्रालय के पूंजीगत व्यय की समीक्षा की।
महत्वपूर्ण पूंजीगत व्यय वाले मंत्रालयों/विभागों के साथ समीक्षा बैठकों की एक श्रृंखला निर्धारित की गई है। आने वाले दिनों में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की प्रगति की समीक्षा करने के लिए श्रीमती सीतारमण इन बैठकों की अध्यक्षता करेंगी।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत नेट कार्यक्रम, 4जी मोबाइल परियोजनाओं – स्वदेशी प्रौद्योगिकी, स्पेक्ट्रम के लिए नेटवर्क, और 4जी संतृप्ति तथा अन्य मोबाइल परियोजनाओं के लिए पूंजीगत व्यय योजनाओं पर संचार मंत्रालय की समीक्षा के दौरान चर्चा की गई। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की पूंजीगत व्यय समीक्षा के दौरान, राष्ट्रीय राजमार्गों पर समग्र पूंजीगत व्यय, वित्त वर्ष 2024-25 की आगामी तिमाहियों में पुरस्कार और निर्माण के लक्ष्य, विभिन्न उपायों के माध्यम से निजी पूंजी को आकर्षित करने और परिसंपत्ति पुनर्चक्रण लक्ष्यों को पूरा करने पर चर्चा की गई।
वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2024-25 में भारत नेट कार्यक्रम, 4जी मोबाइल परियोजनाओं – स्वदेशी प्रौद्योगिकी, स्पेक्ट्रम के लिए नेटवर्क, और 4जी संतृप्ति तथा अन्य मोबाइल परियोजनाओं के लिए पूंजीगत व्यय योजनाओं पर चर्चा की। वित्त मंत्री ने तिमाही लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों से कार्यान्वयन में तेजी लाने और वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में ही पहली और दूसरी तिमाही के लक्ष्यों को पूरा करने का आह्वान किया।
समीक्षा बैठक में आर्थिक मामलों के विभाग, सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा दूरसंचार विभाग के सचिवों ने भाग लिया।
संचार मंत्रालय के संबंध में समीक्षा के दौरान, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत नेट कार्यक्रम, 4जी मोबाइल परियोजनाओं – स्वदेशी प्रौद्योगिकी, स्पेक्ट्रम के लिए नेटवर्क, तथा 4जी संतृप्ति और अन्य मोबाइल परियोजनाओं के लिए पूंजीगत व्यय योजनाओं के विवरण पर चर्चा की गई। वित्त वर्ष 2024-25 में संचार मंत्रालय के लिए अनुमानित पूंजीगत व्यय बजटीय आवंटन 28,835 करोड़ रुपये है।
दूरसंचार विभाग (डीओटी) के सचिव ने वित्त मंत्री को भारतनेट परियोजना के लिए पूंजीगत व्यय योजना और लक्ष्यों के बारे में अवगत कराया, जिसका उद्देश्य ग् ीण और दूरदराज के क्षेत्रों में नागरिकों को सस्ती ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने 4जी संतृप्ति परियोजना और अन्य मोबाइल टावर परियोजनाओं के लिए पूंजीगत व्यय योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी, जिसका उद्देश्य दूरदराज और कठिन क्षेत्रों में अछूते गांवों में कनेक्टिविटी में सुधार करना है। दूरसंचार सचिव ने बताया कि पूर्णतया स्वदेशी 4जी तकनीक की मदद से 30 लाख उपभोक्ताओं के साथ 21,000 4जी मोबाइल टावर चालू हैं। उन्होंने 4जी संतृप्ति अभियान के बारे में भी बताया जिसका उद्देश्य आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों को कवर करना है। दूरसंचार सचिव ने आश्वासन दिया कि सभी लक्ष्य सही दिशा में हैं और समय पर पूरे कर लिए जाएंगे।
सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए पूंजीगत व्यय की वित्तीय और भौतिक प्रगति की समीक्षा के दौरान, सड़क परिवहन सचिव ने पिछले 10 वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के उल्लेखनीय विकास के बारे में बताया, जिसमें 2004-2014 की तुलना में 2014-2024 की अवधि में राष्ट्रीय राजमार्गों के औसत वार्षिक निर्माण में लगभग 2.4 गुना वृद्धि हुई है, जिसमें 2 लेन/2 लेन विद पेव्ड शोल्डर, 4 लेन और उससे अधिक, और हाई-स्पीड कॉरिडोर के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सचिव ने वित्त मंत्री को शेष वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूंजीगत व्यय योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न उपायों के माध्यम से निजी पूंजी को आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं तथा यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि परिसंपत्ति पुनर्चक्रण लक्ष्य भी पूरे किए जाएं। सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के लिए बजटीय पूंजीगत व्यय आवंटन वित्त वर्ष 2019-20 में 1.42 लाख करोड़ रुपये से 90 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 2.72 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
सार्वजनिक उपयोगिता के लिए परिसंपत्तियों के सार्थक सृजन पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने तिमाही लक्ष्य निर्धारित करने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राप्त करना सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया और संबंधित मंत्रालयों से कार्यान्वयन में तेजी लाने तथा वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में ही पहली और दूसरी तिमाही के लक्ष्य को पूरा करने का आह्वान किया।
शेखर
कड़वा सत्य