पटना स्थित होटल मौर्या में आज लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार सरकार द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान, कोलकाता तथा यूनिसेफ बिहार के संयुक्त तत्वावधान में जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव (O&M) नीति के संबंध में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन ‘हर घर नल का जल’ योजना के अंतर्गत राज्य में संचालित ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव से जुड़े विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श के उद्देश्य से किया गया ।
कार्यशाला के दौरान O&M नीति के पिछले चार वर्षों के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभवों पर चर्चा की गई। इसमें जलापूर्ति योजनाओं के नियमित रख-रखाव, परिसंपत्तियों के प्रबंधन, जल गुणवत्ता की निगरानी, उपभोक्ता सहभागिता, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा तकनीक के माध्यम से निगरानी जैसे विषय शामिल रहे। विभिन्न जिलों एवं फील्ड स्तर के अधिकारियों द्वारा साझा किए गए अनुभवों के आधार पर नीति के व्यावहारिक पक्षों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, श्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जलापूर्ति अवसंरचना का निर्माण किया गया है और इन योजनाओं का सुचारु संचालन एवं रख-रखाव सुनिश्चित करना विभाग की निरंतर प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि संचालन एवं रख-रखाव नीति के माध्यम से जलापूर्ति सेवाओं की निरंतरता, जल गुणवत्ता की निगरानी तथा सामुदायिक सहभागिता को संस्थागत स्वरूप प्रदान किया गया है।

इस अवसर पर माननीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव (O&M) का अनुबंध समाप्ति की ओर हैं, उनकी समय रहते पहचान की जानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाओं के लिए O&M की निविदा प्रक्रिया मौजूदा अनुबंध की अवधि समाप्त होने से पूर्व पूरी की जाए, ताकि किसी भी जलापूर्ति योजना में संचालन एवं रख-रखाव के अभाव में व्यवधान की स्थिति उत्पन्न न हो।
इस अवसर पर विशेष सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, श्री संजीव कुमार ने कहा कि ‘हर घर नल का जल’ योजना के पश्चात राज्य में ग्रामीण जलापूर्ति क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। राज्य में अब तक 1.20 लाख से अधिक ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का निर्माण कर 1.86 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं रख-रखाव के लिए विभाग द्वारा चार वर्ष पूर्व व्यापक O&M नीति लागू की गई थी, जिसके क्रियान्वयन से जुड़े अनुभवों को इस कार्यशाला में साझा किया गया।
इस अवसर पर बेलसंड विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री अमित कुमार रानू ने हर घर नल का योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि कार्यशाला में किए गए विचार-विमर्श को धरातल पर ठोस कार्रवाई में बदला जाए।
राष्ट्रीय दृष्टिकोण से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान, कोलकाता के निदेशक श्री प्रियतू मंडल ने कहा कि अधिकांश ग्रामीण परिवारों तक नल कनेक्शन पहुँच चुके हैं, लेकिन अब पीने के पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण चुनौती है। उन्होंने बिहार की प्रगति की सराहना की और सुझाव दिया कि राज्य अपनी संचालन प्रक्रियाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुसार लगातार परखते और सुधारते रहे।
कार्यशाला में राज्य भर में O&M नीति के प्रावधानों के संबंध में एकरूपता सुनिश्चित करने, रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने तथा फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन को सुदृढ़ करने पर चर्चा की गई । इस क्रम में IIM, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान, कोलकाता तथा यूनिसेफ बिहार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा अपने अनुभव और सुझाव साझा किए गए। कार्यशाला के माध्यम से नीति के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु प्राप्त सुझावों को संकलित किया जाएगा।
कार्यशाला में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान, कोलकाता के निदेशक श्री प्रियतू मंडल,यूनिसेफ़ इंडिया के वॉश विशेषज्ञ मनीष वासुजा, यूनिसेफ़ बिहार के वॉश विशेषज्ञ प्रभाकर सिन्हा, आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर गोपाल नाइक सहित , लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अभियंता प्रमुख सह विशेष सचिव श्री नित्यानंद प्रसाद, श्री अभय कुमार सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला एवं क्षेत्रीय स्तर के अधिकारी भी उपस्थित रहें ।












