• About us
  • Contact us
Saturday, March 21, 2026
16 °c
New Delhi
26 ° Sun
27 ° Mon
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

अपने काम के विषय पर अच्छी पकड़ है; तो, इंटरव्यू क्लियर करने बहुत आसान हैं! – पी.आर. एक्स्पर्ट, श्री गोपेन्द्र नाथ भट्ट

News Desk by News Desk
February 3, 2026
in देश
अपने काम के विषय पर अच्छी पकड़ है; तो, इंटरव्यू क्लियर करने बहुत आसान हैं! – पी.आर. एक्स्पर्ट, श्री गोपेन्द्र नाथ भट्ट
Share on FacebookShare on Twitter

श्रीनाथ दीक्षित, वरिष्ठ संवाददाता, दिल्ली

अपने मुक़ाम को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत और परिश्रम करना ज़रूरी होता है और उससे भी ज़्यादा ज़रूरी होता है अपने लक्ष्य को पाने का जुनून! और, अगर आपके कन्धों पर हो सरकार की महत्त्वपूर्ण सूचनाओं को जनता तक सही और अच्छे ढंग से पहुँचाने की ज़िम्मेदारी; तो, ऐसे में अपने वरिष्ठ अधिकारियों और प्रैस-मीडिया के साथ एक मधुर और समरसता का तालमेल बैठाना हो जाता है बेहद ज़रूरी! आपकी प्रतिबद्धता, लगन एवं कड़ी मेहनत से बेहतर परिणाम मिलते हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण हैं राजस्थान सरकार के पूर्व अतिरिक्त निदेशक (प्रैस एवं सूचना), श्री गोपेन्द्र नाथ भट्ट; जो क़रीब पच्चीस वर्षों से लगातार दिल्ली में सेवारत रहे। चाहें सरकार किसी भी दल की हों।

प्रस्तुत हैं श्री गोपेन्द्र नाथ भट्ट से श्रीनाथ दीक्षित की एक ख़ास मुलाक़ात के कुछ मुख्य अंश:

  • आप मूलतः कहाँ के रहने वाले हैं?

मैं दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर ज़िले का रहने वाला हूँ। यह ज़िला अपने लगभग साढ़े सात सौ साल से भी पहले के इतिहास के लिए मशहूर होने के साथ-साथ राजस्थान के सबसे पुराने शहरों में से एक है! मुझे तो, गर्व है कि मेरा जन्म इस ऐतिहासिक शहर में हुआ।

  • आप रॉयल परिवार से भी ताल्लुक रखते हैं! तो, उस पर थोड़ा प्रकाश डालें…..

मेरे पिताजी दिवंगत, श्री भट्ट कांतिनाथ शर्मा जीवनपर्यन्त डूंगरपुर ज़िले के पूर्व शासक और राजस्थान विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष – महारावल श्री लक्ष्मण सिंह के राजनैतिक सचिव रहे। एक प्रकार से मेरे पिताजी का इस रॉयल परिवार के साथ एक लम्बा रिश्ता रहा! मेरे पिताजी के आपसी समरसता और भाईचारे की भावना के चलते उनके बनारस विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण होने के बाद डूंगरपुर के शासक द्वारा स्वागत किया गया। यह पल हमारे ख़ानदान के लिए एक बहुत ही गरिमावान पल था! पिताजी हिन्दी, अंग्रेज़ी एवं संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान थे। संस्कृत भाषा में तो, उन्हें तकरीबन दस हज़ार श्लोक कंठस्थ थे।

जयपुर की तत्कालीन पूर्व महारानी – राजमाता, श्रीमती गायत्री देवी को राजनीति में लाने का श्रेय भी मेरे पिताजी के नाम है। वे देश के पहले गवर्नर जनरल एवं स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक – चक्रवर्ती राजाजी सी. राजगोपालाचारी, मीनू मसानी, पीलू मोदी, एच.एम. पटेल सहित अनेक राजनेताओं के निकट रहे।

  • पत्रकारिता में आने के सपने को पूरा करने में आपके पिताजी का बहुत बड़ा योगदान रहा। उसके बारे में थोड़ा बताएँ…..

बचपन से ही मुझे पढ़ने-लिखने एवं स्पीच, आदि का शौक़ रहा है! तो, पिताजी को अपने पत्रकार बनने के सपने के बारे में बताया। मुझे उनके द्वारा अपने सपनों को पूरा करने के लिए काफ़ी प्रोत्साहन मिला। पिताजी ने सबसे पहली बार जाने-माने अख़बार समूह – राजस्थान पत्रिका के मालिक, श्री कपूर चंद्र कुलिश जी से मुझे अपने अख़बार से जुड़ने का मौक़ा देने के लिए आग्रह किया। साथ ही पंडित हज़ारी लाल शर्मा से प्रदेश के पुराने अख़बार राष्ट्रदूत में काम करने का मौक़ा देने के लिए आग्रह किया! तब इन अख़बारों में मुझे मैरिट के आधार पर समाचार प्रेषण एवं आर्टिकल्स लिखने का मौक़ा मिला। मुझे दैनिक जय राजस्थान, उदयपुर के प्रधान सम्पादक, श्री पापाजी चंद्रेश व्यास जी के परिवार, आकाशवाणी एवं डूंगरपुर के वागड़ दूत सहित अन्य कई समाचार पत्रों तथा समाचार एजेंसियों के साथ काम करने का अवसर भी मिला।

  • तो, आप अपनी पढ़ाई और पत्रकारिता के अपने शौक़ के लिए समय का प्रबंधन कैसे करते थे?

इसके लिए मैं दिन में चौदह घण्टे में आधा समय अपने कॉलेज और बाक़ि का समय अपनी पत्रकारिता के लिए लगाता था।

  • आप आदिवासी क्षेत्र से राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके – श्री हरिदेव जोशी के साथ भी एक लम्बे अरसे तक काम कर चुके हैं। तो, उस पल के बारे में थोड़ी रौशनी डालें……

दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र से राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके श्री हरिदेव जोशी भी मेरे पिताजी की प्रतियोगी पार्टी के थे। इसके बावजूद मेरी निष्पक्ष पत्रकारिता के काम से जोशी जी मुझे बहुत पसंद करते थे। माननीय मुख्यमंत्री के क्षेत्र के आदिवासी निवासियों की सभी प्रकार की दिक़्क़तों और परेशानियों को अपने लेखों द्वारा सरकार तक ज़मीनी हक़ीक़त पहुँचाने और उनके निवारण के लिए उपयुक्त क़दम उठाने के लिए आग्रह करने में मैंने हमेशा एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • अपने समय में पत्रकारिता करने वाले अन्य बंधुओं के लिए भी आर्टिकल के लिए मिलने वाले भत्ते में इज़ाफ़ा करवाने का श्रेय भी आप ही के नाम है। तो, वह पल क्या था?

शुरू-शुरू में अपने आर्टिकल्स और स्टोरीज़ पब्लिश होने पर पारिश्रमिक भत्ते के रूप में हमें मात्र रु. 50 का एक मनी-ऑर्डर मिलता था। तो, राजस्थान पत्रिका के अपने सम्पादक, श्री कुलिश जी से हमने एक पत्र द्वारा अपने भत्ते में बढ़ोत्तरी करने के लिए दरख़्वास्त की। तब श्री कुलिश जी ने उदारतापूर्वक हम लोगों के भत्ते में बढ़ोत्तरी करते हुए हमें रु. 20 रुपए प्रति सैंटीमीटर के हिसाब से पेमेंट करने के आदेश दिए।

  • राजस्थान सरकार में अपनी नौकरी के शुरूआती दौर के बारे में बताएँ…..

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा पब्लिक रिलेशन्स ऑफ़िसर्स की नियुक्ति के लिए आवेदन पत्रों के लिए इश्तेहार प्रकाशित किए गए। तो, इसी दौरान डूंगरपुर के पी.आर.ओ., श्री राम प्रसाद यादव ने मुझे इस पोस्ट के लिए तुरंत अपना आवेदन पत्र भरकर जमा करने के लिए बहुत प्रेरित किया। जिसके फ़ल-स्वरूप कड़ी मेहनत के चलते सन् – 1980 के बैच में मैरिट के आधार पर मेरा पी.आर.ओ. के पद पर सिलेक्शन हुआ।

तत्पश्चात, श्री हरिदेव जोशी जी ने स्वयं मेरे पिताजी से मुझे अपने साथ काम करने के लिए कहा। तब मैंने पिताजी की आज्ञा लेकर श्री हरिदेव जी के नेतृत्व में उनके पी.आर.ओ. के रूप में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र जैसे महत्त्वपूर्ण संस्थान के पी.आर.ओ. के रूप में भी आपने काम किया है। उसके बारे में कुछ बताएँ…..

बांसवाड़ा, माही बजाज सागर बहु उद्देशयीय परियोजना, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के पी.आर.ओ. जैसे महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्त रहने के साथ-साथ मुझे पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर का पी.आर.ओ. रहने का सौभाग्य भी मिला!

  • इस क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए कोई महत्त्वपूर्ण टिप्स……

अपनी किसी भी पोस्ट के लिए होने वाले इंटरव्यू राउंड को क्वॉलीफ़ाई करने के लिए आप इंटरव्यूअर को अपनी नॉलेज के दायरे के चक्रवयूह में डाल दीजिए। इससे आपके सामने प्रश्न पूछने वाले इंटरव्यूअर आपके एक्सपीरियंस के अनुसार ही आपसे प्रश्न पूछेंगे। ऐसा करने से अपने क्षेत्र में हासिल की गई नॉलेज के दम पर आप उस इंटरव्यू राउंड को बहुत ही आसानी से क्लियर कर जाएँगे और आपको उस सफ़लता से कोई रोक नहीं पाएगा!

श्री गोपेंद्र नाथ भट्ट को राजस्थान के क़रीब एक दर्जन राज्यपाल एवं इतने ही मुख्यमंत्रियों और कई जाने-माने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ काम करने का लम्बा अनुभव है। इनमें माननीया प्रतिभा देवीसिंह पाटील एवं माननीय भेरो सिंह शेखावत भी हैं, जो बाद में देश के माननीय राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति बने। इसी प्रकार उन्हें दिल्ली में श्री अशोक गहलोत के साथ तीन बार और वसुन्धरा राजे के साथ दो बार उनके मुख्यमंत्रित्व काल में मीडिया अधिकारी रहने का सोभाग्य मिला है। सम्प्रति, इन दिनों वे भारत सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय में मीडिया कन्सल्टेंट हैं।

Tags: Career Guidance NewsGopendra Nath BhattInterview Tips HindiMedia Officer ExperiencePR Expert IndiaSuccess Tips Interview
Previous Post

अनुशासनात्मक कार्रवाई पर संक्षिप्त मार्गदर्शिका पुस्तक का विमोचन

Next Post

Majithia Bail: अमन अरोड़ा बोले— कानून सियासी जश्न से मजबूत, ‘आप’ सरकार केस को अंजाम तक ले जाएगी

Related Posts

No Content Available
Next Post
Majithia Bail: अमन अरोड़ा बोले— कानून सियासी जश्न से मजबूत, ‘आप’ सरकार केस को अंजाम तक ले जाएगी

Majithia Bail: अमन अरोड़ा बोले— कानून सियासी जश्न से मजबूत, ‘आप’ सरकार केस को अंजाम तक ले जाएगी

New Delhi, India
Saturday, March 21, 2026
Sunny
16 ° c
82%
6.1mh
32 c 20 c
Sun
32 c 22 c
Mon

ताजा खबर

पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण उद्योग पंजाब से बाहर गए, हम उद्योग-समर्थक नीतियों से उन्हें वापस ला रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण उद्योग पंजाब से बाहर गए, हम उद्योग-समर्थक नीतियों से उन्हें वापस ला रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 21, 2026
भगवंत मान सरकार की अगुवाई में ‘ए.आई. क्रांति’ किसानों की आय बढ़ाकर पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करेगी

भगवंत मान सरकार की अगुवाई में ‘ए.आई. क्रांति’ किसानों की आय बढ़ाकर पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करेगी

March 21, 2026
प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर साहित्यिक दुर्घटना ! सरकारी व्यवस्था की लापरवाही

प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर साहित्यिक दुर्घटना ! सरकारी व्यवस्था की लापरवाही

March 20, 2026
Inspiring Story: बिना NGO के सोशल मीडिया की पावर से बदली हजारों जिंदगियां, पढ़ें ‘वन मैन आर्मी’ गौरव राय की कहानी

Inspiring Story: बिना NGO के सोशल मीडिया की पावर से बदली हजारों जिंदगियां, पढ़ें ‘वन मैन आर्मी’ गौरव राय की कहानी

March 20, 2026
आयुष्मान भारत योजना में शर्तें लागू, जबकि ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की गारंटी देती है, फर्क इरादे में है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

आयुष्मान भारत योजना में शर्तें लागू, जबकि ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की गारंटी देती है, फर्क इरादे में है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 20, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved